Good Morning India: पाकिस्तान की कोयला खदान में धमाका, 32 लोगों की मौत! महाराष्ट्र के भिवंडी में चार मंजिला इमारत ढही! नेतन्याहू की खुली चेतावनी, बोले- स्पेशल फोर्स तैयार बैठी है! उत्तराखण्ड में किशोरी से हैवानियत, दो दिन तक किया दुष्कर्म! भारी बारिश और बाढ़ को लेकर सात जिलों में हाई अलर्ट

Good Morning India: Explosion in a Pakistani coal mine; 32 dead! Four-storey building collapses in Bhiwandi, Maharashtra! Netanyahu issues an open warning: Special Forces are ready! Teenager brutally

नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम ‘गुड मॉर्निंग इंडिया’ लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आईए आज के प्रमुख कार्यक्रमों पर नजर डालते हैं। आज संसद में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक होगी। वहीं आईटीआर दाखिल करने का आज आखिरी दिन है। 

अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, दक्षिण-पश्चिम पाकिस्तान में एक कोयला खदान के अंदर धमाके में कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा 10 अन्य जमीन के नीचे फंस गए। अधिकारियों का कहना ​​है कि वे जानलेवा हालात में फंसे हैं और बचावकर्मी उन तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं सरकारी खदान निरीक्षक गनी बलोच ने बताया कि गुरुवार को हुआ यह धमाका संभवतः मीथेन गैस जमा होने के कारण हुआ और यह बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा के बाहरी इलाके में हुआ। अधिकारियों और प्रांतीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने एक बयान में कहा कि धमाके के कुछ घंटों बाद 7 लोगों के शव बरामद किए गए और बाद में आपातकालीन बचाव दलों को 25 और शव मिले। बयान में कहा गया है कि खोज और बचाव अभियान जारी है और बचाव दल बाकी फंसे हुए खनिकों का पता लगाने और उन्हें बाहर निकालने के लिए काम कर रहे हैं। 

इधर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि अगर कोई विदेशी सरकार इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) के गिरफ्तारी वारंट के तहत उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश करती है, तो इजरायल की स्पेशल फोर्स इसमें दखल देने के लिए तैयार है। आपको बता दें कि ये विवाद तब सामने आया है जब न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने बयान जारी किया था कि अगर नेतन्याहू सितंबर में न्यूयॉर्क में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भाग लेने आते हैं तो वे अधिकारियों से नेतन्याहू की गिरफ्तारी को लेकर चर्चा करेंगे। हालांकि, बाद में ममदानी अपने बयान से पलट गए थे। माना जा रहा है कि नेतन्याहू का ताजा बयान इसी विवाद को लेकर सामने आया है। बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिका के दौरे पर हैं। इस दौरान फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में, नेतन्याहू ने कहा है कि उन्हें उन देशों की यात्रा करने में कोई भी हिचकिचाहट नहीं है जो कि 2024 के ICC आदेश का समर्थन करते हैं। आपको बता दें कि इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने नवंबर 2024 में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और इजरायल के पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों को लेकर अरेस्ट वारंट जारी कर दिया था। इस दौरान विदेशों में गिरफ्तार किए जाने के जोखिमों- जैसे कि मेडिकल इमरजेंसी जैसी अप्रत्याशित घटनाओं के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए नेतन्याहू ने कहा- "हां, मैं इसके बारे में सोचता हूं। आप जानते हैं, हमारे पास स्पेशल फोर्स मौजूद हैं। मैंने पांच साल तक उसमें काम किया है।"

उधर महाराष्ट्र के भिवंडी में चार मंजिला इमारत का एक हिस्सा ढहने से बड़ा हादसा हो गया। अधिकारियों के अनुसार, इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि सात से आठ लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। यह हादसा गुरुवार रात करीब 11:30 बजे पावरलूम नगरी के बालाजी नगर स्थित कोहिनूर बिल्डिंग में हुआ। भिवंडी-निजामपुर नगर निगम के अग्निशमन अधिकारी विजय जाधव ने बताया कि मलबे से एक शव निकाला गया है, जबकि एक घायल लड़के को सुरक्षित निकालकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, चार मंजिला इमारत में कुल 48 कमरे थे, जिनमें प्रत्येक मंजिल पर 12 कमरे बने थे। इस इमारत को पहले ही खतरनाक घोषित किया जा चुका था। हादसे के समय भवन में मरम्मत का कार्य चल रहा था। 

इधर असम सरकार ने गुरुवार को घोषणा की कि बाढ़ प्रभावित लोगों द्वारा लिए गए सभी तरह के लोन चुकाने पर छह महीने की रोक लागू होगी, जबकि दो और लोगों की मौत से मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई और प्रभावित लोगों की संख्या 2.12 लाख हो गई। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने नुकसान का आकलन करने और राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा करने के लिए बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य ने इस अभूतपूर्व बाढ़ से तबाह हुए लोगों के राहत और पुनर्वास के लिए केंद्र से एक सहायता पैकेज की मांग की है। एक फेसबुक लाइव में, सरमा ने कहा कि उन्होंने राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी की एक विशेष बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, नबार्ड, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और अन्य सभी कमर्शियल बैंकों के प्रतिनिधि शामिल हुए। उन्होंने आगे कहा, "मीटिंग में शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में लोन लेने वाले कस्टमर्स के लिए एक राहत स्कीम पर फैसला हुआ। एसएलबीसी ने फैसला किया कि इन जिलों के सभी बाढ़ प्रभावित लोगों को छह महीने का मोरेटोरियम दिया जाएगा।" 

उधर लोकसभा और राज्यसभा से 'एंटी पेपर लीक बिल' पास होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक नया वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में पीएम मोदी ने कहा कि संसद ने एक ऐसा बिल पास किया है, जो हमारी परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाता है। पीएम मोदी ने गुरुवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम, एक्स और फेसबुक अकाउंट पर ये वीडियो संदेश जारी किया है। इस बार पीएम मोदी ने साथियों के संबोधन के साथ वीडियो संदेश की शुरुआत की है। पीएम ने वीडियो संदेश में कहा, 'साथियों, विश्व स्तर परीक्षा पद्धति इसके लिए हम लगातार एक के बाद एक कदम उठा रहे हैं। टास्क फोर्स की रचना हो या फास्ट कोर्ट की रचना हो। राज्यों के सुझावों को ध्यान में लिया गया है।' पीएम मोदी ने कहा, 'पिछले कुछ दशकों से हर राज्य और केंद्र सरकार इस प्रकार की पेपर लीक परेशानी झेल रहा है। बच्चों के भविष्य को भी इसके कारण संकट पैदा हो रहा है। इन सबको ध्यान में रखते हुए देशव्यापी सभी राज्यों और केंद्र में भी शिक्षा पद्धति में सुधार अनिवार्य हो गया है।'

इधर भारत-नेपाल सीमा के पास हिंसा में एक व्यक्ति की मौत के बाद नेपाल के सुनसरी ज़िले में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया है, सहायक मुख्य ज़िला अधिकारी चेतराज बराल ने ये जानकारी दी है। मिली जानकारी के मुताबिक, नेपाल के दक्षिणी हिस्से, सुनसरी जिले के कप्तानगंज में दो समुदायों के बीच भड़की हिंसक झड़प में एक युवक की मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए हैं। इसे देखते हुए नेपाल और भारत के सीमावर्ती राज्य बिहार से लगी सीमा वाले क्षेत्र में सांप्रदायिक हिंसा के बाद तनाव और बढ़ गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए नेपाल के सुनसरी और सिराहा जिलों के कई हिस्सों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है। पुलिस प्रशासन को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। बता दें कि पिछले चार दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़, पथराव और पुलिस से झड़प की घटनाएं सामने आई हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि सेना को सड़कों से लेकर संवेदनशील इलाकों की निगरानी के लिए हेलिकॉप्टरों के साथ मोर्चा संभालना पड़ा।

उधर भारत की 27 साल की महिला डिस्कस थ्रो एथलीट सीमा कलीरामना ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में 58.65 का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने के साथ कांस्य पदक जीतने में सफलता हासिल की है। सीमा कलीरामना को लेकर बात की जाए तो वह तीन साल की बच्चे की मां होने के साथ शारीरिक शिक्षा में PhD भी कर रही हैं। सीमा जिन्होंने अपने बच्चे को जन्म देने के बाद पिछले साल नेशनल गेम्स में लंबे समय के बाद वापसी की थी यह उनका कमबैक के बाद किसी बड़े इवेंट में पहला पदक है। सीमा के इस पदक के साथ CWG 2026 में अब भारत के पदकों की कुल संख्या जहां 17 हो गई है तो वहीं मेडल टैली में 10वें नंबर पर काबिज है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की महिला एथलीट सीमा कलीरामना की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसका पहला थ्रो शॉट पुट एरिया के फ्रेम से टकरा गया। इसके बाद दूसरे थ्रो में सीमा ने वापसी करने के साथ 57.32 मीटर का थ्रो किया और सीधे तीसरी पोजीशन पर पहुंच गई। अपने आखिरी और तीसरे प्रयास में सीमा कलीरामना ने अपने प्रदर्शन में सुधार करने के साथ 58.65 का थ्रो किया और तीसरी पोजीशन पर रहते हुए इस इवेंट में कांस्य पदक जीतने में कामयाब रहीं। वहीं जमैका की सामंथा हॉल ने 61.66 मीटर के थ्रो के साथ उन्होंने गोल्ड मेडल जीता जबकि कनाडा की जूलिया टंक्स ने 60.67 मीटर थ्रो के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया।

इधर मध्य प्रदेश का पन्ना जिला अस्पताल एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। यहां नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई यानी एसएनसीयू में पिछले एक महीने के दौरान जन्म से लेकर एक वर्ष तक की उम्र के 22 मासूम बच्चों की मौत ने हड़कंप मचा दिया है। लगातार हो रही इन मौतों के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं, इलाज की गुणवत्ता और जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी स्वयं जिला अस्पताल पहुंचे और एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण किया। पन्ना जिला चिकित्सालय की एसएनसीयू यूनिट, जहां गंभीर रूप से बीमार नवजात और छोटे बच्चों का इलाज किया जाता है, इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले एक माह में यहां 22 बच्चों की मौत हुई है। यह संख्या सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। लगातार हो रही मौतों ने परिजनों की चिंता भी बढ़ा दी है। स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजेश प्रसाद तिवारी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण किया और डॉक्टरों व स्टाफ से उपचार व्यवस्था, उपलब्ध संसाधनों, दवाइयों, उपकरणों तथा स्टाफ की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही सभी मामलों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश भी दिए।

अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, हल्द्वानी से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां घर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई एक किशोरी के साथ दो दिनों में दो अलग-अलग स्थानों पर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज की मदद से दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता को बरामद कर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार हल्द्वानी कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली 12 साल की किशोरी बीते बुधवार रात को अपनी बहन से हुए विवाद के बाद अचानक घर से कहीं चली गई थी। स्वजन की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल गुमशुदगी दर्ज की। जब कोतवाली पुलिस ने शहर भर के सीसीटीवी कैमरों की तलाशी शुरू की, तो किशोरी दो अलग-अलग युवकों के साथ दिखाई दी। पहचान जुटाने के बाद पुलिस ने कुसुमखेड़ा मुखानी निवासी विक्रम सिंह और त्रिलोकपुर दानी गौलापार निवासी सौरभ बिष्ट को गिरफ्तार कर लिया।

इधर भारत मौसम विज्ञान विभाग के जारी पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर व पिथौरागढ़ जनपदों के कुछ क्षेत्रों में 31 जुलाई को भारी वर्षा के कारण जलभराव, फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) की आशंका व्यक्त की गई है। इसे देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी संबंधित जनपदों के जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, स्थानीय प्रशासन को सक्रिय रखने, मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में उन्हें तत्काल खोलने एवं पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, ग्रामीण निर्माण, बीआरओ सहित सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। 

उधर सेलाकुई के बहुचर्चित एंजेल चकमा हत्याकांड में फरार चल रहे मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी की गिरफ्तारी की दिशा में दून पुलिस को अहम सफलता मिली है। नेपाल में शरण लेने वाले आरोपी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद अब उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज हो गई है। पुलिस का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तलाश शुरू होने से आरोपी को जल्द भारत लाकर न्यायिक कार्रवाई के दायरे में लाने की उम्मीद बढ़ गई है। बता दें कि त्रिपुरा निवासी 24 वर्षीय एमबीए छात्र एंजेल चकमा पर पिछले वर्ष नौ दिसंबर को सेलाकुई क्षेत्र में जानलेवा हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल एंजेल ने 26 दिसंबर को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। इस हत्याकांड में पुलिस ने छह आरोपियों को नामजद किया था, जिनमें मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी वारदात के बाद से फरार चल रहा है। सीओ विकासनगर अनुज कुमार ने बताया कि वारदात के बाद से मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जांच में उसके नेपाल भागने की पुष्टि हुई थी। तभी से दून पुलिस उसे भारत लाने के लिए लगातार प्रयासरत थी। इसी क्रम में आरोपी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया गया है।