Aug 22, 2026 Login

जयपुर में स्कूल निरीक्षण को लेकर CJP और ग्रामीण आमने-सामने! दोनों पक्षों ने दर्ज कराई FIR, विवाद के 24 घंटे बाद 50 मीटर दूर शिफ्ट हुआ सरकारी स्कूल

CJP and villagers at loggerheads over a school inspection in Jaipur; FIRs lodged by both sides; government school relocated 50 meters away 24 hours after the dispute.

जयपुर। बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में राजकीय प्राथमिक स्कूल के निरीक्षण को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच हुआ विवाद अब पुलिस जांच तक पहुंच गया है। शुक्रवार को स्कूल निरीक्षण के दौरान हुए हंगामे और मारपीट के आरोपों के बाद शनिवार सुबह दोनों पक्षों ने शिवदासपुरा थाने में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। वहीं, विवाद के करीब 24 घंटे बाद प्रशासन ने स्कूल को मौजूदा परिसर से करीब 50 मीटर दूर दूसरी इमारत में शिफ्ट कर दिया। हालांकि, नई जगह पर भी बच्चों के बैठने और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में CJP की ओर से रेखा शर्मा, सलमान, संजू और गीगराज ने ग्रामीणों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई है। दूसरी ओर, ग्रामीणों की ओर से भगवान सहाय ने CJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत दी है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट, हंगामा और माहौल खराब करने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शिकायतों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को स्कूल निरीक्षण को लेकर शुरू हुआ विवाद शनिवार सुबह एक और मुद्दे को सामने ले आया। स्कूल को उसके पुराने परिसर से करीब 50 मीटर दूर एक दूसरी इमारत में स्थानांतरित कर दिया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस कमरे में अब बच्चों को बैठाया जा रहा है, वहां पहले दुकान संचालित होती थी। स्कूल की नई व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। सामने आई जानकारी के मुताबिक, कुछ बच्चों को नई जगह के बाहर बैठकर पढ़ते देखा गया। इससे यह सवाल उठ रहा है कि स्कूल को तत्काल दूसरी जगह स्थानांतरित करने के बावजूद बच्चों के लिए पर्याप्त और सुरक्षित व्यवस्था की गई है या नहीं। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि विवाद के बाद गांव का माहौल तनावपूर्ण है और इसका असर बच्चों पर भी पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, घटना के बाद कुछ बच्चे डर गए हैं और कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंचे।

ग्रामीणों का आरोप- CJP कार्यकर्ताओं के आने के बाद बिगड़ा माहौल
ग्रामीणों की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि CJP कार्यकर्ता बड़ी संख्या में गांव में पहुंचे और उनके आने के बाद माहौल खराब हुआ। ग्रामीणों ने कार्यकर्ताओं पर लोगों को डराने-धमकाने का आरोप भी लगाया है। शिकायत में कुछ कार्यकर्ताओं के हथियार लेकर आने का भी आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और मौके पर मौजूद परिस्थितियों की जांच कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उनका विरोध स्कूल के निरीक्षण से नहीं, बल्कि निरीक्षण के दौरान पैदा हुए विवाद और कथित तौर पर हुए हंगामे से था। उनका आरोप है कि घटना के कारण गांव में तनाव पैदा हुआ और इसका सीधा असर बच्चों पर पड़ा।

CJP का पलटवार- निरीक्षण करने पहुंचे थे, ग्रामीणों ने की मारपीट
दूसरी ओर CJP ने ग्रामीणों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि पार्टी के कार्यकर्ता सरकारी स्कूल की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे थे। पार्टी का आरोप है कि निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों के एक समूह ने कार्यकर्ताओं के साथ हाथापाई की। CJP कार्यकर्ताओं का दावा है कि उनके साथ मारपीट की गई और कुछ लोगों के कपड़े तक फाड़ दिए गए। पार्टी ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी की मांग की है। CJP की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में रेखा शर्मा, सलमान, संजू और गीगराज ने खुद के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और घटनास्थल पर मौजूद लोगों की वास्तविक भूमिका क्या थी।

आशुतोष रांका ने पुलिस पर दबाव बनाने का लगाया आरोप
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने घटना को लेकर पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जयपुर के प्रताप नगर थाने के पुलिसकर्मी पार्टी कार्यकर्ताओं से उनके और उनके परिवार के बारे में पूछताछ कर रहे हैं। रांका ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर भी निशाना साधा है। उनका कहना है कि सरकारी स्कूल की स्थिति को लेकर शुरू हुआ विवाद अब प्रदेश के सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति को सामने लाने वाला मुद्दा बन गया है। उन्होंने संकेत दिया कि CJP इस मामले को लेकर पीछे हटने वाली नहीं है। पार्टी का कहना है कि उसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों की स्थिति और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं को सामने लाना है। वहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल के मुद्दे को लेकर गांव में अनावश्यक तनाव पैदा किया गया।

दोनों पक्षों ने दर्ज कराई FIR, पुलिस के सामने कई सवाल
विवाद के करीब 24 घंटे बाद शनिवार सुबह दोनों पक्ष शिवदासपुरा थाने पहुंचे। CJP की ओर से चार लोगों ने ग्रामीणों के खिलाफ शिकायत दी, जबकि ग्रामीणों की ओर से भगवान सहाय ने CJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज कराई। दोनों पक्षों ने पुलिस पर भी दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। ऐसे में अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच करना है। जांच में यह देखा जाएगा कि शुक्रवार को स्कूल परिसर में वास्तव में क्या हुआ, विवाद की शुरुआत कैसे हुई, मारपीट किसने की और घटना के दौरान कौन-कौन लोग मौजूद थे। पुलिस घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों, शिकायतों और उपलब्ध वीडियो फुटेज समेत अन्य तथ्यों की जांच कर सकती है। दोनों पक्षों के बयान भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे।