Good Morning India: ट्रंप की मनमानी, फीफा वर्ल्ड कप में धौंस जमाकर मनवा ली अपनी बात, पूरे यूरोप में जबरदस्त विरोध! ईयू-एशियन यूथ मेंटल हेल्थ कॉन्फ्रेंस की रिपोर्ट ने बढ़ाई टेंशन, युवाओं में तेजी से बढ़ रही मानसिक बीमारियां! उत्तराखंड में मौसम को लेकर बड़ा अलर्ट, लिंक में पढ़ें प्रमुख खबरें

Good Morning India: Trump’s high-handedness—he threw his weight around to get his way regarding the FIFA World Cup, sparking massive backlash across Europe! A report from the EU-Asian Youth Mental He

नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम ‘गुड मॉर्निंग इंडिया’ लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आईए आज के प्रमुख कार्यक्रमों पर नजर डालते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन देशों के दौरे आज दूसरा दिन है। वहीं भारत-इंग्लैंड के बीच तीसरा टी20 मैच है। 

अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी हाल में पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप ने कहा कि या तो ईरान के साथ समझौता होगा, या फिर अमेरिका अपना अभियान पूरा करेगा। उन्होंने कहा, 'हम किसी भी तरह जीतेंगे। या तो हम समझौता करेंगे, या फिर काम खत्म करेंगे।' हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि उनकी पहली पसंद सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए समाधान निकालना है। ट्रंप ने कहा, 'मैं समझौता करना पसंद करूंगा, क्योंकि मैं 9.1 करोड़ लोगों को प्रभावित नहीं करना चाहता। लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो हम एक घंटे के भीतर ईरान के पुलों को नष्ट कर सकते हैं। हम उनकी एनर्जी सप्लाई और उनके बड़े-बड़े मॉडर्न पावर प्लांट्स को भी खत्म कर सकते हैं। उनके पास पहले बहुत पैसा था, लेकिन अब नहीं है। हमने उन्हें कोई पैसा नहीं दिया है।' अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे दावा किया कि अमेरिका चाहे तो कुछ ही घंटों में ईरान की पूरी बिजली व्यवस्था ठप कर सकता है। ट्रंप ने कहा, 'हम बीच दोपहर उनके सभी बिजली उत्पादन संयंत्रों को नष्ट कर सकते हैं। उनका हर प्लांट खत्म हो जाएगा और उन्हें यह बात अच्छी तरह पता है।'

इधर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क के मुखिया हैं लेकिन उनका शासन और उनकी शैली अक्सर कूटनीतिक मर्यादाओं को तार-तार करती हुई हनक और मनमानी तक पहुंच जाती है। हर दूसरे दिन किसी देश या संस्थान को धमकी देना उनकी आदत में शुमार हो गया है। अब तक बिजनेस और युद्ध को लेकर धमकियां देने वाले ट्रंप ने फीफा वर्ल्ड कप में धौंस जमाकर अपनी बात मनवा ली जिसका पूरे यूरोप में कड़ा विरोध हो रहा है। दरअसल, ट्रंप की यह कार्यशैली रही है कि शुरुआत में ही सामने वाले पर इतना दबाव बना दो कि वह बैकफुट पर आ जाए। आइए जानते हैं कि ट्रंप ने कब-कब, कहां और किसको अपनी धमकियों के निशाने पर लिया है। सबसे पहले फीफा वर्ल्ड कप में डोनाल्ड ट्रंप के दखल की बात करते हैं। ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद फीफा ने अमेरिका के स्टार फॉरवर्ड फोलारिन बालोगुन को मिला रेड कार्ड वापस ले लिया है जिससे वह बेल्जियम के खिलाफ वर्ल्ड कप मैच खेल पाएंगे। दरअसल, अमेरिका ने राउंड ऑफ-32 मुकाबले में बोस्निया और हर्जेगोविना को 2-0 से हरा दिया था। इस मैच के 64 वें मिनट में फोलारिन बालोगुन को रेड कार्ड दिखाया गया था। फीफा के नियमों के मुताबिक रेड कार्ड मिलने पर खिलाड़ी अगला मैच नहीं खेल सकता है। लेकिन अचानक फीफा की अनुशासन समिति ने इस फैसले को बदल दिया। यानी बालोगुन वर्ल्ड कप खेलते रहेंगे और प्रतिबंध टूर्नामेंट के बाद लागू होगा। बताया जा रहा है कि इस फैसले के पीछे डोनाल्ड ट्रंप की सीधी दखल रही। उन्होंने फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से बात की ओर पूरा मामला पलट गया। वहीं यूरोपीय फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था UEFA ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है।

उधर मुंबई और इसके आसपास के इलाकों में बीते कई दिनों से हो रही भारी बारिश आम लोगों के जीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर रही है। इस बारिश से सबसे ज्यादा दिक्कतें कामकाजी लोगों को हो रही है, जिन्हें रोजाना काम पर जाना होता है। भारी बारिश की वजह से जगह-जगह पेड़ टूटने और भयंकर वॉटर लॉगिंग की वजह से रोड ट्रैफिक ठप हो गया है। वहीं दूसरी ओर, रेलवे ट्रैक पर पानी भरने और कुछ जगहों पर ट्रैक क्षतिग्रस्त होने की वजह से रेलवे ट्रैफिक भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। भारतीय रेल ने बारिश की वजह से रेल इंफ्रा को पहुंचे नुकसान की वजह से मंगलवार, 7 जुलाई को चलने वाली कई ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है। मुंबई और इसके आसपास के इलाकों में हो रही बारिश की वजह से सबसे ज्यादा नुकसान घाट सेक्शन को पहुंचा है। इससे, मुंबई-पुणे सेक्शन सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। मुंबई और पुणे के बीच सिर्फ रेल लाइन ही नहीं, बल्कि रोड ट्रैफिक भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।

इधर दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने करीब 4,800 कर्मचारियों यानी अपनी कुल वैश्विक वर्कफोर्स के लगभग 2.1% लोगों को नौकरी से निकालने का फैसला किया है। हालांकि इस बार सबसे बड़ा सवाल यह था कि क्या यह छंटनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से हुई है? इस पर माइक्रोसॉफ्ट ने साफ कहा है कि जिन पदों को खत्म किया गया है, उनकी जगह AI नहीं ले रहा है। कंपनी के मुताबिक यह फैसला बिजनेस को अधिक प्रभावी बनाने और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से संगठन को तैयार करने के लिए लिया गया है। माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि यह छंटनी किसी AI ऑटोमेशन की वजह से नहीं बल्कि कंपनी के बड़े स्तर पर किए जा रहे पुनर्गठन का हिस्सा है। कंपनी का लक्ष्य अपने ऑपरेशन को सरल बनाना और अलग-अलग बिजनेस यूनिट्स को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक तैयार करना है। कंपनी ने यह भी बताया कि पिछले एक साल में हजारों कर्मचारियों को नई भूमिकाओं में स्थानांतरित किया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की नौकरी बचाई जा सके।

उधर रूस के घातक हमलों के आगे यूक्रेन बेबस नजर आ रहा है। उसकी एयर डिफेंस बिल्कुल कमजोर पड़ चुकी है। नतीजे ये हुआ कि रूस की मिसाइलें और ड्रोन बिना किसी प्रतिरोध के अपने निशाने पर जा गिरे। इस हमले में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, रूस द्वारा दागी गई सभी बैलिस्टिक मिसाइल अपने निर्धारित लक्ष्यों तक सटीक तरीके से पहुंचीं। इससे यह स्पष्ट हुआ कि यूक्रेन के पास 'पैट्रियट इंटरसेप्टर' मिसाइल की कमी लगातार गंभीर होती जा रही है। ऐसा माना जा रहा है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की इस सप्ताह तुर्किये के अंकारा में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक रूस के मुख्य निशाने पर रही राजधानी कीव में 15 लोग मारे गए और 56 अन्य घायल हो गए। क्षेत्रीय प्रशासन के प्रमुख मायकोला कलाशनिक और अन्य अधिकारियों के मुताबिक कीव के आस-पास के इलाके में छह और लोग मारे गए और 21 घायल हो गए। राहत एवं बचाव दल राजधानी में उन दो आवासीय इमारतों के मलबे में जीवित लोगों की तलाश कर रहे हैं, जो सीधे मिसाइल हमले की चपेट में आईं। 

इधर देश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, जिससे उत्तर से लेकर दक्षिण तक झमाझम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने आज महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली-NCR सहित कई राज्यों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का हाई अलर्ट जारी किया है। सुरक्षा के मद्देनजर लोगों को सावधान रहने की सलाह दी भी गई है। बता दें कि मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार 7 जुलाई को देश के कई हिस्सों के लिए मौसम का ताजा अपडेट जारी किया है। सक्रिय मानसून के कारण देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। साथ ही, अगले 24 घंटों में कई जगहों पर आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी दी गई है, इसके चलते यातायात पर भी गहर असर हुआ है। जानकारी के अनुसार तेज बारिश की संभावना दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के अलावा मध्य और पूर्वी भारत के राज्य बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश तक है। 

उधर ईयू-एशियन यूथ मेंटल हेल्थ कॉन्फ्रेंस की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 1990 के मुकाबले 2021 तक दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में युवाओं में मानसिक बीमारियों के मामलों में 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यहां 15 वर्ष से 34 वर्ष आयु वर्ग के 2.8 करोड़ से अधिक युवा मानसिक विकारों के साथ जीवन जीने को मजबूर हैं। यह क्षेत्र में मानसिक बीमारियों के कुल मामलों का करीब 36 प्रतिशत है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 15 से 24 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 5.4 करोड़ युवा किसी न किसी मानसिक समस्या से प्रभावित हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस उम्र में मानसिक बीमारी का असर पढ़ाई, नौकरी, रिश्तों और भविष्य के फैसलों पर सबसे ज्यादा पड़ता है। रिपोर्ट के मुताबिक 1990 के बाद सबसे तेज बढ़ोतरी 25-34 वर्ष आयु वर्ग में हुई है। यानी नौकरी, परिवार और करियर की जिम्मेदारियों वाली उम्र सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है। रिपोर्ट बताती है कि युवाओं में चिंता (एंग्जायटी) सबसे आम मानसिक समस्या बनकर उभरी है। हर 100 युवाओं में लगभग पांच इससे प्रभावित हैं। इसके बाद अवसाद, नशे की लत और अन्य मानसिक विकारों के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। महिलाओं में मानसिक बीमारियों के मामले पुरुषों की तुलना में अधिक पाए गए हैं।

अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, उत्तराखंड के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने देहरादून, पौड़ी, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और बागेश्वर जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा प्रदेश के पर्वतीय जिलों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने व वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर होने की संभावना जताई गई है। वहीं, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों में भी गर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

इधर हरिद्वार कलियर थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। कांवड़ पटरी मार्ग पर बाजुहेड़ी के पास दो बाइकों की आमने-सामने हुई भीषण भिड़ंत में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया और शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। घटना सोमवार रात करीब 10:30 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों मोटरसाइकिलें अत्यधिक तेज गति में थीं और बाजुहेड़ी के पास अचानक आमने-सामने टकरा गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों बाइकें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और उन पर सवार युवक सड़क पर जा गिरे।

उधर किच्छा में एक सनसनीखेज मामले में न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने मृतक की पत्नी, सास, ससुर और साले के खिलाफ हत्या समेत गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक के पिता ने आरोप लगाया है कि संपत्ति और रुपए की मांग को लेकर उनके बेटे को लगातार प्रताड़ित किया जाता था। आखिरकार उसे जहरीला पदार्थ देकर मौत के घाट उतार दिया गया। जानकारी के मुताबिक, बंडिया भट्टा वार्ड नंबर 5 निवासी मक्खन सिंह ने न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके तीन बेटे हैं, जिनमें से सुरेंद्र सिंह का विवाह एक युवती से हुआ था। आरोप है कि विवाह के बाद से ही पत्नी, सास, ससुर और साले विकास, सुरेंद्र सिंह पर परिवार से अलग रहने का दबाव बनाते थे। बाद में सुरेंद्र सिंह अलग रहने लगा, लेकिन इसके बावजूद मक्खन सिंह अपने बेटे और बहू को नियमित रूप से राशन एवं अन्य आवश्यक घरेलू सामान उपलब्ध कराते रहे। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि पत्नी लगातार अपने पति पर पैतृक संपत्ति में हिस्सा दिलाने और 20 लाख रुपए की मांग को लेकर दबाव बनाती थी। विरोध करने पर वो अपने मायके पक्ष के लोगों को बुलाकर विवाद करती थी और सुरेंद्र सिंह पर मायके में जाकर रहने का दबाव भी बनाती थी। इतना ही नहीं प्रार्थी के अनुसार सुरेंद्र सिंह के नाम पर कराई गई एलआईसी पॉलिसी में भी पत्नी को नामिनी बनाया गया था, जिसके बाद आर्थिक मांगों का दबाव और बढ़ गया। शिकायत के अनुसार, 27 नवंबर 2024 को सुरेंद्र सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ गई। पहले उनका उपचार हल्द्वानी में कराया गया और बाद में गंभीर हालत होने पर भोजीपुरा स्थित श्री राममूर्ति स्मारक मेडिकल इंस्टीट्यूट एंड साइंसेज में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान 29 नवंबर 2024 को उनकी मौत हो गई। मक्खन सिंह का आरोप है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण जहरीले पदार्थ का सेवन सामने आया है। उनका दावा है कि उनके बेटे को साजिश के तहत जहर देकर मार दिया गया।