उत्तराखंड ब्यूरोक्रेसी में बड़े 'सर्जरी' की तैयारी: बदले जाएंगे कई जिलों के डीएम और एसएसपी, शासन स्तर पर भी भारी फेरबदल
देहरादून। उत्तराखंड की नौकरशाही में जल्द ही एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिलने वाला है। शासन स्तर से लेकर जिला स्तर तक आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की नई तैनाती की फाइलें लगभग तैयार हो चुकी हैं। इस फेरबदल की मुख्य वजह कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति और आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर निर्वाचन आयोग के कड़े मानक बताए जा रहे हैं। इस बड़े बदलाव की शुरुआत सचिवालय से होने जा रही है। स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्वे को चेन्नई पोर्ट अथॉरिटी का चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है, जिसके चलते वे जल्द ही उत्तराखंड से रिलीव होने वाले हैं। स्वास्थ्य जैसे अति-महत्वपूर्ण विभाग का पद रिक्त होने के कारण शासन अब किसी सक्षम वरिष्ठ अधिकारी को यह जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी में है। इसके अलावा, कई ऐसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं जो पिछले लंबे समय से एक ही विभाग की कमान संभाले हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, इस बार 'एक ही विभाग-लंबा कार्यकाल' वाले फार्मूले को बदलते हुए शासन स्तर पर विभागों के बंटवारे में बड़ा उलटफेर संभव है। जिले की कमान संभालने वाले जिलाधिकारियों (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए निर्वाचन आयोग के नियमों के मुताबिक, जो अधिकारी एक ही जिले में तीन वर्ष की अवधि पूरी कर चुके हैं या करने वाले हैं, उन्हें वहां से हटाया जाना अनिवार्य है। ऐसे में आधा दर्जन से अधिक जिलों के कप्तानों और जिलाधिकारियों की नई सूची जल्द ही जारी हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) इस फेरबदल के जरिए विकास कार्यों में तेजी लाने और पारदर्शी शासन का संदेश देना चाहता है। कुंभ, चारधाम यात्रा और सीमावर्ती क्षेत्रों की चुनौतियों को देखते हुए रणनीतिक रूप से अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी जाएंगी। इस प्रशासनिक 'सर्जरी' से न केवल जिलों की कार्यशैली में बदलाव आएगा, बल्कि शासन की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए नई ऊर्जा वाले चेहरों को आगे लाया जाएगा। अगले कुछ दिनों में तबादलों की आधिकारिक सूची जारी होने की प्रबल संभावना है।