अमरनाथ यात्रा: मोदी सरकार का अभेद्य सुरक्षा चक्र,सेना की 670 कंपनियां संभालेंगी कमान, ड्रोन और डॉग स्क्वॉड से होगी चप्पे-चप्पे की निगरानी
बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए आस्था की सबसे बड़ी परीक्षा यानी 'अमरनाथ यात्रा 2026' को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने कमर कस ली है। इस साल की यात्रा को लेकर सुरक्षा के ऐसे अभेद्य इंतजाम किए जा रहे हैं, जहां परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा। गृह मंत्रालय के ताजा आदेश के मुताबिक, पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की करीब 670 कंपनियों को तैनात किया जाएगा। घाटी के संवेदनशील इलाकों में जवानों की टुकड़ियों ने पहुंचना भी शुरू कर दिया है। इस बार की अमरनाथ यात्रा कुल 57 दिनों की होगी, जो 3 जुलाई से दो पारंपरिक रास्तों से एक साथ शुरू होने जा रही है। पहला रास्ता अनंतनाग जिले से होकर जाने वाला पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम ट्रैक है और दूसरा गंदेरबल जिले में स्थित 14 किलोमीटर का छोटा लेकिन अधिक ढलान वाला बालटाल मार्ग है। यह पवित्र यात्रा 28 अगस्त को रक्षा बंधन के पावन अवसर पर संपन्न होगी।
पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमलों को देखते हुए इस बार सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हैं और किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं उठाना चाहती हैं। इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस भीम सेन टूटी ने सिक्योरिटी डिप्लॉयमेंट प्लान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी लॉजमेंट सेंटरों, लंगरों और प्रमुख रास्तों पर एंटी-सैबोटेज चेकिंग के लिए खोजी कुत्तों (डॉग स्क्वॉड) को तैनात किया जाए। इसके साथ ही आसमान से उपद्रवियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन से निगरानी बढ़ाई जाएगी और पूरे रूट पर रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत किया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा के लिए यात्रा कट-ऑफ टाइमिंग का भी सख्ती से पालन कराया जाएगा। प्रशासनिक तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए जम्मू के डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार और आईजीपी भीम सेन टूटी ने यात्रियों के मुख्य पड़ाव यानी भगवती नगर बेस कैंप का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने रजिस्ट्रेशन काउंटर, आरएफआईडी सेंटर, लंगर, रहने की जगह और हेल्थकेयर सुविधाओं का जायजा लिया। प्रशासन ने सफेदी, बस टिकट काउंटर, क्लॉक रूम, बिजली-पानी की सुचारू सप्लाई जैसे बुनियादी कार्यों को पूरा करने के लिए 10 जून की सख्त डेडलाइन तय की है। इसके अलावा, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज डिपार्टमेंट को पूरी तरह से फायर सेफ्टी ऑडिट करने और रिहायशी इलाकों में आधुनिक जर्मन हैंगर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेस कैंप पर प्रीपेड सिम कार्ड काउंटर और कन्वीनियंस स्टोर भी खोले जाएंगे, ताकि भक्तों को बाबा के दर्शन में कोई असुविधा न हो।