भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में दिखेंगे उत्तराखंड के चेहरे; दौरे के बाद बड़े बदलावों के संकेत

Uttarakhand Faces to Feature in BJP President Nitin Nabin's New Team; Indications of Major Changes Following Tour

देहरादून। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के हालिया तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे के खत्म होते ही सूबे की सियासत और संगठन के भीतर एक बड़े बदलाव की बयार बहने लगी है। सियासी गलियारों में यह चर्चा बेहद आम हो गई है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की नई केंद्रीय टीम में देवभूमि उत्तराखंड के कई दिग्गज चेहरों को शामिल किया जा सकता है। इसमें राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों से लेकर कई पूर्व सांसद भी शामिल हैं, जिन्हें या तो राष्ट्रीय स्तर पर संगठन में मुख्य भूमिका दी जाएगी या फिर किसी अन्य राज्य का विशेष प्रभार सौंपा जा सकता है।

नितिन नवीन के देहरादून प्रवास के ठीक दूसरे ही दिन सांगठनिक स्तर पर पहला और सबसे बड़ा चौंकाने वाला फैसला सामने आया। उत्तराखंड भाजपा में लंबे समय से रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले प्रदेश महामंत्री संगठन अजय कुमार की देवभूमि से विदाई कर दी गई है। केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें एक बड़े राज्य यानी राजस्थान का संगठन महामंत्री बनाकर भेजा है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह द्वारा सोमवार को जारी आधिकारिक पत्र के मुताबिक, यह नियुक्ति राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के सीधे निर्देश पर तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। 14 सितंबर 2019 को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संगठन मंत्री से उत्तराखंड के महामंत्री संगठन की कमान संभालने वाले अजय कुमार का कार्यकाल बेहद शानदार रहा। उनके कुशल रणनीतिक नेतृत्व में भाजपा ने वर्ष 2022 का विधानसभा चुनाव प्रचंड बहुमत से जीता,वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में क्लीन स्वीप की हैट्रिक लगाई, इसके अलावा स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में भी पार्टी को अजेय बढ़त दिलाई।  हालांकि, अजय कुमार का कार्यकाल पूरी तरह निर्विवाद नहीं रहा; उनका नाम चर्चित अंकिता भंडारी मामले जैसे विवादों में भी घसीटा गया था। भले ही आलाकमान इसे एक सामान्य सांगठनिक प्रक्रिया बता रहा हो और उन्हें राजस्थान जैसा बड़ा राज्य दिया गया हो, लेकिन उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में जब कुछ ही महीने बचे हैं, तब ठीक पहले उन्हें अचानक हटाए जाने को लेकर राजनीतिक हलकों में कई सवाल तैर रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे के दौरान अजय कुमार हर अहम बैठक का हिस्सा थे और भावी चुनावी रणनीति का खाका तैयार कर रहे थे। राज्य की भौगोलिक और राजनीतिक परिस्थितियों का उनका अनुभव बेहद लंबा था। अब चुनावी मुहाने पर खड़े उत्तराखंड में नए संगठन महामंत्री के लिए पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरना और बिखराव को रोकना एक बड़ी चुनौती होगी। संगठन का पक्ष:दूसरी ओर, भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि अजय कुमार के शानदार दो कार्यकालों ने पार्टी को बहुमूल्य योगदान दिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा यह फैसला संगठन को और अधिक गतिशील और मजबूत बनाने के उद्देश्य से लिया गया है, जो कि भाजपा की एक निरंतर चलने वाली सांगठनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।