नैनीताल में तेज बारिश और आंधी का प्रकोप! घर के आंगन में गिरा विशाल सुरई का पेड़, बाल-बाल बचा दिव्यांग परिवार

Heavy rain and storm wreak havoc in Nainital! A large jasmine tree fell in the courtyard of a house, narrowly escaping a disabled family.

नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में सोमवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं कई क्षेत्रों में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। तेज आंधी और बारिश के बीच स्टॉफ हाउस क्षेत्र में उस समय एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक मकान के आंगन में खड़ा विशाल सुरई का पेड़ अचानक भरभराकर गिर पड़ा। सौभाग्यवश पेड़ घर के मुख्य गेट में फंस गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और परिवार की जान-माल की सुरक्षा बनी रही। स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह से ही नैनीताल में मौसम खराब बना हुआ था। तेज हवाओं के साथ लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ों के गिरने और जलभराव जैसी समस्याएं देखने को मिलीं। इसी दौरान स्टॉफ हाउस क्षेत्र में स्थित एक मकान के आंगन में वर्षों पुराना सुरई का पेड़ तेज हवाओं का दबाव नहीं झेल सका और अचानक गिर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यदि पेड़ सीधे मकान या उसके नीचे बने टीनशेड पर गिरता तो बड़ा नुकसान हो सकता था। लेकिन पेड़ घर के गेट में अटक गया, जिससे नीचे बने टीनशेड को गंभीर क्षति पहुंचने से बचाया जा सका। हालांकि पेड़ गिरने से आसपास की बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिसके चलते क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया और लोगों ने प्रशासन को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची टीमों ने स्थिति का जायजा लिया और क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों को दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू की। मौके पर पहुंचे स्थानीय जनप्रतिनिधि रमेश प्रसाद टम्टा ने बताया कि जिस मकान के आंगन में यह पेड़ गिरा है, वहां एक दिव्यांग परिवार निवास करता है। उन्होंने कहा कि यदि पेड़ सीधे मकान पर गिर जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने इसे प्रशासन और वन विभाग की लापरवाही का परिणाम बताया। रमेश प्रसाद टम्टा ने कहा कि क्षेत्र में कई पेड़ लंबे समय से खोखले और जर्जर हो चुके हैं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों द्वारा कई बार वन विभाग तथा जिला प्रशासन को पत्र देकर ऐसे खतरनाक पेड़ों को हटाने या उनकी लॉपिंग कराने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।