देर रात दर्दनाक हादसा: नई कार की खुशी मातम में बदली! नानकमत्ता हादसे में चंपावत के शिक्षक समेत दो की मौत
नानकमत्ता। खुशियां कब मातम में बदल जाएं, इसका अंदाजा कोई नहीं लगा सकता। ऐसा ही एक दर्दनाक हादसा मंगलवार देर रात नानकमत्ता क्षेत्र में हुआ, जहाँ नई कार लेकर घर लौट रहे चंपावत के एक शिक्षक की सड़क हादसे में जान चली गई। आमने-सामने की इस भीषण टक्कर में शिक्षक समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
जानकारी के अनुसार, चंपावत के माडली निवासी संजय पांडे (41), जो जीआईसी बालातड़ी में शिक्षक के पद पर तैनात थे, मंगलवार को अपने साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश जोशी के साथ हल्द्वानी गए थे। संजय ने वहां से एक नई कार खरीदी थी और उसी में सवार होकर वे वापस अपने घर लौट रहे थे। देर रात नानकमत्ता के पास सामने से आ रही एक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार ने उनकी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि दोनों कारों के अगले हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में शिक्षक संजय पांडे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश जोशी इस दुर्घटना में बाल-बाल बच गए। दूसरी ओर, फॉर्च्यूनर कार में सवार लोग भी गंभीर रूप से घायल हो गए। सूत्रों के मुताबिक, फॉर्च्यूनर में सवार एक अन्य व्यक्ति की भी इस हादसे में मौत हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। शवों का पोस्टमार्टम खटीमा में कराया जा रहा है। मृतक संजय पांडे न केवल एक समर्पित शिक्षक थे, बल्कि इलाके में अपनी सुरीली भजन गायकी के लिए भी काफी लोकप्रिय थे। उनकी मधुर आवाज और मिलनसार स्वभाव के कारण पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। उनके निधन की खबर मिलते ही चंपावत के माडली गांव में कोहराम मच गया। संजय पांडे अपने पीछे पत्नी, तीन मासूम बच्चों, माता-पिता और दादी को छोड़ गए हैं। जिस घर में नई कार के स्वागत की तैयारी हो रही थी, वहां अब चीख-पुकार मची है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि संजय अपने परिवार के मुख्य स्तंभ थे और उनकी मौत से पूरे गांव ने एक अनमोल रत्न खो दिया है। पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। यह हादसा एक बार फिर सड़कों पर तेज रफ्तार के कहर और सुरक्षा के प्रति बरती जाने वाली लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े कर गया है।