चीन सीमा को जोड़ने वाला वैली ब्रिज टूटा: तवाघाट हाईवे ठप, धारचूला से कटा दो-तिहाई सीमांत इलाका
पिथौरागढ़। चीन सीमा को जोड़ने वाले सामरिक रूप से महत्वपूर्ण टनकपुर-तवाघाट हाईवे पर कूलागाड़ के पास पहाड़ी से गिरे भारी बोल्डर और मलबे की चपेट में आने से वैली ब्रिज क्षतिग्रस्त होकर खिसक गया। पुल टूटने के बाद धारचूला तहसील के चीन और नेपाल सीमा से लगे करीब दो-तिहाई क्षेत्र का संपर्क प्रभावित हो गया है। दारमा, व्यास और चौदास घाटियों के ग्रामीणों के सामने आवाजाही का संकट खड़ा हो गया है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार देर रात कूलागाड़ के पास पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा और विशाल बोल्डर नीचे आ गिरे। इनकी चपेट में वैली ब्रिज का एक हिस्सा आ गया। मलबे और बोल्डरों के भारी दबाव के कारण पुल क्षतिग्रस्त होकर खिसक गया। पुल को नुकसान पहुंचने के बाद हाईवे पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। सड़क संपर्क टूटने का सबसे ज्यादा असर सीमांत घाटियों में रहने वाले ग्रामीणों पर पड़ा है। दारमा, व्यास और चौदास घाटी के लोगों को धारचूला तहसील मुख्यालय पहुंचने में परेशानी हो रही है। जरूरी सामान की आपूर्ति और अन्य आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित होने की आशंका है। इसी मार्ग से गुंजी और कुटी की ओर पूजा-पाठ के लिए जा रहे श्रद्धालु भी रास्ते में फंस गए हैं। मार्ग बंद होने के कारण उन्हें पुल और सड़क के खुलने का इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कैलास मानसरोवर यात्रा का नौवां दल तिब्बत से लौटकर इसी मार्ग से धारचूला स्थित आधार शिविर पहुंचने वाला है। पुल टूटने के कारण यात्रियों की आवाजाही को लेकर भी प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। यह इलाका चीन सीमा से सटा होने के कारण सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। सड़क बंद होने से सीमांत क्षेत्र में तैनात सेना और सुरक्षा बलों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने वैकल्पिक व्यवस्था और मार्ग को जल्द बहाल करने की कवायद शुरू कर दी है। उधर, तवाघाट-लिपुलेख मार्ग पर मलघाट के पास भी तीसरे दिन आवाजाही बंद रही। मंगलवार शाम तक मार्ग खुलने का इंतजार करने के बाद वहां फंसे वाहनों को वापस धारचूला लौटना पड़ा। बारिश के चलते पिथौरागढ़ जिले में सड़क संपर्क की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। मंगलवार रात जिले में सामान्य वर्षा दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद दो सीमा मार्ग, एक राष्ट्रीय मार्ग समेत कुल 19 सड़कें बंद हैं। लगातार भूस्खलन और मलबा गिरने से सीमांत इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से क्षतिग्रस्त वैली ब्रिज की युद्धस्तर पर मरम्मत कराने और जल्द से जल्द यातायात बहाल करने की मांग की है। सीमांत क्षेत्र के लिए सड़क संपर्क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि सुरक्षा, रसद और स्थानीय अर्थव्यवस्था की भी जीवनरेखा है। ऐसे में पुल टूटने के बाद इसे शीघ्र बहाल करना प्रशासन और बीआरओ के लिए बड़ी प्राथमिकता बन गया है।