Good Morning India: बम बम भोले के जयकारों से गूंजी घाटी, अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था रवाना! अब पनामा कैनाल के मुद्दे पर भड़के ट्रंप, चीन को लेकर दी चेतावनी! WhatsApp के Username फीचर पर मचा बवाल, सरकार ने भेजा नोटिस! उत्तराखंड के पांच जिलों में मौसम को लेकर बड़ा अलर्ट

Good Morning India: The valley echoes with chants of 'Bam Bam Bhole' as the first batch of the Amarnath Yatra sets off! Trump flares up over the Panama Canal issue and issues a warning to China! Upro

नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम ‘गुड मॉर्निंग इंडिया’ लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आईए आज के प्रमुख कार्यक्रमों पर नजर डालते हैं, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची से मुलाकात करेंगे। वहीं क्रिप्टोकरेंसी को लेकर आज सरकारी पैनल और आरबीआई की बड़ी बैठक होगी। 

अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, जम्मू कश्मीर में आज गुरुवार 2 जुलाई से अमरनाथ यात्रा की शुरुआत हो गई है। सुबह-सुबह श्रद्धालुओं का पहला जत्था बाबा बर्फानी के जयकारे के साथ बेस कैंप के लिए रवाना हो गया। जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने अमरनाथ यात्रा के तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाई। इससे पहले उन्होंने सबके लिए पूजा-अर्चना की। इसके बाद अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था रवाना हुआ। ये श्रद्धालु कल शुक्रवार को बाबा बर्फानी के पहले दर्शन करेंगे। अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), जम्मू-कश्मीर पुलिस और सभी सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर यात्रियों की सुरक्षा कड़ी कर दी है। गृह मंत्री अमित शाह ने भी अधिकारियों के साथ बैठक की थी और अमरनाथ यात्रा की तैयारियों का जायजा लिया था। अमित शाह ने एक बहु-स्तरीय और अभेद्य सुरक्षा घेरा बनाने का निर्देश दिया था। बता दें कि अमरनाथ गुफा जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित है। ये गुफा करीब 3,880 मीटर ऊंचाई पर मौजूद है। अमरनाथ यात्रा अनंतनाग जिले के पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम रूट और गांदरबल जिले के 14 किलोमीटर लंबे, लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाले बालटाल रूट से एक साथ शुरू होती है। हर साल यात्री यहां पहुंचकर बाबा बर्फानी के दर्शन करते हैं। हर साल की तरह इस साल भी अमरनाथ यात्रा में लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

उधर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से पनामा कैनाल को लेकर तीखी टिप्पणी की और कहा कि अमेरिका को कभी भी इस स्ट्रैटेजिक जलमार्ग का कंट्रोल पनामा को नहीं सौंपना चाहिए था। ट्रंप ने आरोप लगाया कि पनामा कैनाल का कंट्रोल मिलने के बाद पनामा ने जहाजों से वसूली जाने वाली ट्रांजिट फीस कई गुना बढ़ा दी और अब चीन इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर अपना प्रभाव बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। नॉर्थ डकोटा के मेडोरा में थियोडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी के उद्घाटन के कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पनामा कैनाल देकर अमेरिका ने बहुत बड़ी गलती की। ट्रंप का दावा है कि पनामा ने जहाजों से ली जाने वाली ट्रांजिट फीस को 4 गुना बढ़ाया, इसके बाद इसे दोबारा बढ़ा दिया, लेकिन इसके बावजूद जहाजों के आवागमन में कोई कमी नहीं आई। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इससे पनामा ने कई साल तक भारी-भरकम कमाई की। इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को लेकर भी वॉर्निंग दी और कहा, 'अब चीन पनामा कैनाल पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे।' गौरतलब है कि 1977 में हुए टोरिजोस-कार्टर समझौते में अमेरिका ने पनामा कैनाल का कंट्रोल चरणबद्ध तरीके से पनामा को सौंपने का निर्णय किया था। फिर, साल 1999 में इस पनामा कैनाल का पूरा कंट्रोल पनामा के हाथों में चला गया था।

इधर व्हाट्सएप के नए 'यूजरनेम' फीचर के रोलआउट पर भारत सरकार ने फिलहाल रोक लगा दी है। सरकार को डर है कि इस फीचर से साइबर अपराध, फिशिंग और 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी घटनाओं में तेजी आ सकती है। केंद्र सरकार ने मेटा को नोटिस भेजकर तीन दिनों के भीतर इस पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है। आईटी मंत्रालय का मानना है कि यूजरनेम फीचर की मदद से जालसाज सरकारी एजेंसियों, बैंकों या मशहूर हस्तियों के नाम से मिलते-जुलते अकाउंट बना सकते हैं। इससे लोगों की पहचान चोरी करना और उन्हें ठगना आसान हो जाएगा। सरकार ने साफ किया है कि जब तक वह सुरक्षा उपायों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो जाती, तब तक भारत में यह फीचर रोलआउट नहीं होगा। सरकार ने मेटा से पूछा है कि उन पर आईटी अधिनियम के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए। इस मामले में व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने कहा कि यह फीचर प्राइवेसी को मजबूत करने के लिए बनाया गया है। कंपनी ने बताया कि धोखाधड़ी रोकने के लिए कई सुरक्षा चक्र तैयार किए गए हैं। व्हाट्सएप ने सरकारी संस्थाओं, मशहूर हस्तियों और बड़े ब्रांड्स के नाम पहले ही सुरक्षित (रिजर्व) कर लिए हैं, ताकि कोई उनका गलत इस्तेमाल न कर सके।

उधर यूपी के बदायूं से एक बड़ी खबर सामने आई है, यहां सिविल लाइन थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात वाहन चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़ में पचास हजार रुपये का इनामी डकैत जीतेंद्र उर्फ डालू मारा गया। मुठभेड़ में उपनिरीक्षक नीरज कुमार और सिपाही अविनाश चौधरी भी घायल हो गए। घायल पुलिस कर्मियों और डकैत को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां पुलिस ने पूरे अस्पताल परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया। सिविल लाइन थाना पुलिस बुधवार की रात बिल्सी मोड़, नई जेल के लिए प्रस्तावित भूमि के पास वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने संदिग्ध बदमाश को रोकने का प्रयास किया, इस पर बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सीने में गोली लगी थी। मुठभेड़ में दरोगा और सिपाही भी गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस तीनों को जिला अस्पताल लेकर पहुंची। जहां चिकित्सकों ने बदमाश को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान जीतेंद्र उर्फ डालू (38 वर्ष) के रूप में हुई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मुठभेड़ में मारा गया बदमाश 18-19 मई की रात इस्लामनगर थाना क्षेत्र में निजाकत के घर हुई डकैती के प्रकरण में मुख्य साजिशकर्ता (मास्टरमाइंड) था। 

इधर मणिपुर के कामजोंग जिले में बुधवार को फिर से हिंसा भड़क गई। भारत-म्यांमार सीमा के पास के गांवों में नगा और कुकी गुटों के बीच हुई सशस्त्र झड़पों में 20 से ज्यादा घर जला दिए गए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, हिंसा की शुरुआत सुबह हुई जब कुकी गांव के हथियारों से लैस लोगों ने नगा गांव पर हमला किया और कम से कम 10 घरों में आग लगा दी। दोपहर में स्थिति और बिगड़ गई जब संदिग्ध उग्रवादियों और हथियारों से लैस गांव के स्वयंसेवकों ने इलाके के अन्य गांवों पर जवाबी हमले किए। बाद में हुई हिंसा में नगा समुदाय के कम से कम 12 और घर जला दिए गए। प्रभावित गांवों में सुरक्षा बलों को भेजा गया और हालात सामान्य करने के लिए इलाके में कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन कड़ी नजर रखी जा रही है। हालात को और बिगड़ने से रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।

उधर अयोध्या में स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस और SIT की जांच में पता चला है कि मंदिर में चढ़ावे की चोरी कोई नई बात नहीं थी, बल्कि यह लंबे समय से चल रही थी। साथ ही आरोपी पूछताछ के दौरान इस बात का जवाब ही नहीं दे पाए कि उनके बैंक खातों में जमा रकम का स्रोत क्या है। हालांकि, जांच एजेंसी को केवल पिछले 45 दिनों का CCTV फुटेज ही मिल सका, जिसके आधार पर 8 आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। जांच के दौरान पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों की गहराई से जांच कर रही है। शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि चोरी की गई रकम का इस्तेमाल या तो बैंक खातों में जमा करने के लिए किया गया या फिर उससे प्रॉपर्टी खरीदी गई। सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि आरोपी अपने बैंक खातों में जमा बड़ी रकम का कोई संतोषजनक स्रोत नहीं बता पा रहे हैं। पुलिस अब बैंक लेन-देन के आधार पर उनसे लगातार पूछताछ कर रही है।

इधर भारतीय टीम की इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज की शुरुआत बिल्कुल भी उम्मीद के अनुसार नहीं रही जिसमें चेस्टर ली स्ट्रीट के स्टेडियम में खेला गया पहला मैच बारिश के चलते रद्द हो गया। इस मैच में टीम इंडिया को बल्लेबाजी करने का मौका जरूर मिला जिसमें उन्होंने टॉस जीतने के बाद पहले खेलते हुए 20 ओवर्स में 189 रनों का स्कोर बनाया था। वहीं सभी फैंस की नजरें पहले टी20 मैच में सबसे ज्यादा टीम इंडिया की प्लेइंग 11 को लेकर टिकी हुई थी कि 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलेगा या नहीं लेकिन उनको अभी इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने डेब्यू का और इंतजार करना पड़ेगा। वहीं टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने भारतीय टीम मैनेजमेंट को सलाह दी है कि उनको वैभव सूर्यवंशी को जल्द से जल्द खिलाना चाहिए क्योंकि वह एक एक्स फैक्टर भी हैं। रवि शास्त्री जो भारत और इंग्लैंड के बीच में खेली जा रही इस सीरीज के कॉमेंट्री पैनल का हिस्सा हैं उन्होंने चेस्टर ली स्ट्रीट स्टेडियम में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में टॉस के बाद सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर बात करते हुए वैभव सूर्यवंशी को लेकर हो रही चर्चा के दौरान बड़ा बयान दिया। रवि शास्त्री ने वैभव सूर्यवंशी को मौका दिए जाने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि उसको खेलना चाहिए था, आयरलैंड में उसे खिलाना चाहिए था क्योंकि वहां का विकेट इतना धीमा और स्पंजी है और ग्राउंड भी छोटा था तो वह वहां पर आराम से बड़े-बड़े छक्के लगाता। अभी यहां पर मौका मिलेगा या नहीं इसके बारे में पता नहीं, लेकिन जितना जल्दी खिला सकता हैं खिलाओ उसको। वैभव ने सभी की पिटाई की है उसने आईपीएल में कौन से तेज गेंदबाज को छोड़ा है उसने। आप उसको बेंच पर बिठाए हुए हैं।

उधर क्या एलियन वास्तव में मौजूद हैं? क्या आसमान में दिखाई देने वाली रहस्यमयी उड़ने वाली वस्तुएं या UFOs किसी दूसरी दुनिया की तकनीक हैं? वर्षों से इन सवालों पर बहस होती रही है। अब अमेरिका की सरकार इन रहस्यों की गहराई तक पहुंचने की कोशिश करने जा रही है। यही वजह है कि व्हाइट हाउस ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय के चर्चित खगोलशास्त्री और कॉस्मोलॉजिस्ट एवी लोएब को नई वैज्ञानिक सलाहकार परिषद का प्रमुख बनाया है। वैज्ञानिक सलाहकार परिषद हाल के वर्षों में अमेरिकी सैन्य कर्मियों द्वारा देखी गई रहस्यमयी गोलाकार वस्तुओं और अन्य अज्ञात उड़ने वाली चीजों की जांच करेगी। इन घटनाओं को अब आधिकारिक तौर पर अनआइडेंटिफाइड एनोमलस फेनोमेना या UAP कहा जाता है। यह पहल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस योजना का हिस्सा है, जिसके तहत UFO और एलियन से जुड़े मामलों में ज्यादा से ज्यादा सरकारी जानकारी सार्वजनिक की जा रही है। लोएब की टीम अपनी रिपोर्ट व्हाइट हाउस की नई यूएपी समिति को सौंपेगी।

अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, प्रदेश में मानसून की एंट्री के बाद मौसम के तल्ख तेवर डराने लगे हैं। पहाड़ से लेकर मैदान तक लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के कई हिस्सों में मूसलाधार वर्षा के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिससे 59 से अधिक संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। मौसम विभाग ने गुरुवार को भी प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए पांच जिलों के लिए ऑरेंज और चार जिलों के लिए यलो अलर्ट घोषित किया है। कुमाऊं मंडल में भूस्खलन और मलबा आने से 39 संपर्क मार्ग बंद हो गए, जबकि गढ़वाल मंडल में 20 से अधिक सड़कें बाधित रहीं। हालांकि चारधाम यात्रा फिलहाल जारी है, लेकिन सिरोबगड़ में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा आने से करीब तीन घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।

इधर उत्तराखंड राज्य कर विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए आयुक्त राज्य कर ने सहायक आयुक्त और राज्य कर अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। दो अलग-अलग आदेशों के तहत कुल 119 अधिकारियों का स्थानांतरण एवं नवीन तैनाती की गई है। इनमें कई अधिकारियों को मुख्यालय, ऑडिट, प्रवर्तन, सचल दल, मंडल कार्यालयों और विभिन्न खंड कार्यालयों में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

उधर पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन एक फिर चर्चाओं में हैं। करीब एक हफ्ते पहले लक्सर कोतवाली में प्रणव सिंह के खिलाफ एससी एसटी एक्ट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। प्रणव सिंह चैंपियन पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति को जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी थी। इस मामले में प्रणव सिंह चैंपियन की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने लक्सर कोतवाली में विरोध प्रदर्शन भी किया है। हालांकि अपने ऊपर गिरफ्तारी की तलवार लटकते देख प्रणव सिंह चैंपियन ने पीड़ित पक्ष से माफी मांगी है। प्रणव सिंह चैंपियन ने माफी मांगते हुए अपना वीडियो भी जारी किया है। दरअसल शांतरशाह गांव निवासी जोगेंद्र ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि 22 जून की शाम करीब 7 बजे वह अपने बहनोई संजीव कुमार के साथ कार से लक्सर के खेड़ी लौट रहे थे। गांव के पास एक कार ने उनकी कार को ओवरटेक किया। इस दौरान कार सवार व्यक्ति ने उनकी कार को हाथ मारा। उन्होंने तब इस पर ध्यान नहीं दिया और गांव में चले गए, लेकिन अगले दिन पुलिस ने संजीव को उनके खिलाफ शिकायत होने की बात कहते हुए कोतवाली बुलाया। तब उन्हें पता चला कि वो कार प्रणव सिंह चैंपियन की है। इसी बीच जोगेंद्र के साथी वीर सिंह ने मामले को सुलझाने के लिए प्रणव सिंह को फोन किया, लेकिन प्रणव सिंह ने संजीव को लगातार गालियां दी और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए जान से मारने की धमकी दी थी।