उत्तराखण्डः बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर हाईकोर्ट सख्त! डॉक्टरों के तबादलों और नई नियुक्तियों पर मांगा जवाब

Uttarakhand: High Court gets tough on the dismal state of healthcare services; seeks response regarding doctor transfers and new appointments.

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की रिपोर्ट का संज्ञान लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट की खण्डपीठ ने सचिव स्वास्थ्य को नैनीताल जिला हॉस्पिटल का निरीक्षण कर 1 सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने के साथ बताने को कहा है कि राज्य सरकार के द्वारा बड़े पैमाने पर डाक्टरों का स्थानांतरण किया जा रहा है उनके स्थान पर नए डाक्टरों की नियुक्ति के लिए क्या उपाय किये जा रहे हैं। कोर्ट ने नैनीताल के सेनेटोरियम हॉस्पिटल को सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनाए जाने के लिए पूर्व में दिए गए निर्देशों की प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा है। कोर्ट की तरफ से नियुक्त न्यायमित्र की तरफ से कहा गया कि राज्य सरकार ने बीते दिनों राजकीय मेडिकल कालेज सुशीला तिवारी के 16 वरिष्ठ डॉक्टर और बीडी पांडे जिला चिकित्सालय से कई वरिष्ठ डॉक्टरों का स्थानांतरण कर दिया है। जिसकी वजह से दोनों अस्पतालों के मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी जगह किसी अन्य डॉक्टरों की नियुक्ति नही की गई। जबकि दोनों हॉस्पिटलों में रेफर के केस आते हैं। इसलिए उनके स्थानांतरण पर पुनः एक बार विचार किया जाय। स्थानांतरण होता भी है तो उनकी जगह स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति की जाय। जिससे मरीजों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। डाक्टरों का स्थानांतरण वहां किया जा रहा है जो हॉस्पिटल चालू नही हैं। जो हॉस्पिटल चालू हैं उनमे नियुक्ति नहीं की जा रही है।