उत्तराखण्डः हाईकोर्ट के आदेश पर नैनीताल बीडी पांडे अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडे! भवन और स्वास्थ्य सेवाओं का किया निरीक्षण, जल्द तैयार होगी डीपीआर
नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के निर्देशों के क्रम में प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडे ने नैनीताल स्थित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, भवन की स्थिति और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने के लिए अधिकारियों को तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य सचिव ने अस्पताल के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण करते हुए भवन की मौजूदा स्थिति, स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान अस्पताल की कमियों और भवन की स्थिति की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई है। इस वीडियो और निरीक्षण से जुटाई गई जानकारी का मुख्यालय स्तर पर विश्लेषण किया जाएगा। इसके बाद अस्पताल में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडे ने बताया कि अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए छोटी-छोटी कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए केवल तत्काल सुधार ही नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर भी कार्य किए जाएंगे। इसके लिए जल्द ही एक कमेटी का गठन किया जाएगा।
बड़े सुधारों के लिए कमेटी बनाएगी डीपीआर
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि प्रस्तावित कमेटी बीडी पांडे अस्पताल का दोबारा विस्तृत दौरा करेगी। इसके बाद अस्पताल में आवश्यक बड़े सुधारों और निर्माण कार्यों को लेकर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार की जाएगी। डीपीआर के आधार पर अस्पताल में आवश्यक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को बेहतर करने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए भवन की स्थितिए चिकित्सा सुविधाओं और मरीजों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुधार किए जाएंगे।