Good Morning India: मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ा तनाव, ट्रंप ने दी धमकी! मौसम ने बढ़ाई टेंशन, 21 राज्यों में बारिश का बड़ा अलर्ट! जंतर-मंतर प्रोटेस्ट की सभी FIR रद्द! केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को मिली धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट! उत्तराखण्ड में कुदरत ने बरपाया कहर
नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम ‘गुड मॉर्निंग इंडिया’ लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आईए आज के प्रमुख कार्यक्रमों पर नजर डालते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जल शक्ति मंत्रालय के कार्यक्रम में शामिल होंगे। वहीं बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी. वेवर आज बुधवार से भारत के दौरे पर रहेंगे।
अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से जंग शुरू हो गई है। अमेरिकी सेना ने तीन दिन में दूसरी बार ईरान में IRGC के कई ठिकानों पर हवाई हमला किया है। इसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल से अटैक किया। ईरान के लोरेस्तान प्रांत से बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च होने का वीडियो भी सामने आया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए अब तक सबसे बड़ा हमला किया गया जिसे जॉर्डन ने इंटरसेप्ट करने का दावा किया है। जानकारी के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के लोरेस्तान और केरमानशाह में हमला किया है। दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास, कशम द्वीप, जास्क और सीरिक में कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसके अलावा, दक्षिण-पूर्वी चाबहार और कोनारक इलाकों में चार प्रोजेक्टाइल आ गिरे। दक्षिणी ईरान के सिरिक में शादी समारोह की जगह पर भी हमले का एक वीडियो सामने आया है। ईरान के अधिकारियों ने दावा किया कि उस हमले में 4 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हुए हैं। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों के बाद ईरान को धमकी भी दी है कि वो जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश न करें, वरना उसका अंजाम बहुत बुरा होगा।
इधर नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ से भीषण तबाही मची है। इस बीच एक और बड़े खतरे ने चिंता बढ़ा दी है। नेपाल के छोचेन नदी में बने इम्पैक्ट क्रेटर के आसपास मौजूद हिम चट्टानों के अब भी टूटने का खतरा बना हुआ है। इससे बड़ी संभावित आपदा का खतरा पैदा हो सकता है। नेपाल में रहे चीनी दूतावास के तरफ से यह जानकारी नेपाल के साथ साझा की गई है। वहीं, नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1003 हो गई है। सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। नेपाल में बाढ़ पीड़ितों की शिनाख्त के लिए भी परिजन संघर्ष कर रहे हैं। पोखरा के एक सरकारी अस्पताल में रखे शव नंबर 1003 की पहचान को लेकर 3 परिवार असमंजस की स्थिति में हैं। दरअसल तीनों परिवारों का दावा है कि शव उनके परिजन का है, जो बाढ़ के बाद से लापता है।
उधर देशभर में मानसून की तूफानी रफ्तार के बीच मौसम का कहर एक बार फिर से तांडव मचाने वाला है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मुताबिक आज यानी 2 सितंबर को दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 21 राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर और पूर्वी भारत के कई राज्यों में नदियों के जलस्तर में खतरनाक वृद्धि हो सकती है। वहीं तेज आंधी के चलते खेतों में फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। कुछ राज्यों में ओले भी गिर सकते हैं। मौसम विभाग के मुताबिक आज यानी 2 सितंबर को देश के 21 राज्यों यूपी, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, त्रिपुरा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली आंधी चल सकती है। उत्तर भारत के राज्यों में अधिक खतरा बना हुआ है।
इधर तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी की मंगलवार को बीरभूम जिले में उनके घर पर मौत हो गई। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर आत्महत्या की आशंका जताई है। बृष्टि की उम्र 28 वर्ष थी। पुलिस के अनुसार, रामपुरहाट क्षेत्र के कुसुम्बा गांव स्थित उनके घर की दूसरी मंजिल के एक कमरे से दोपहर में उनका शव बरामद किया गया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिवार के सदस्यों के मुताबिक, बृष्टि तलाक की प्रक्रिया से गुजर रही थीं। उनका पिछले कुछ वर्षों से अवसाद का इलाज भी चल रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उनकी मौत के पीछे तत्काल परिस्थितियां क्या थीं। बृष्टि के पिता निहार मुखर्जी, ममता बनर्जी के मामा के बेटे हैं और स्थानीय स्तर पर टीएमसी नेता हैं। मामले में पुलिस की जांच जारी है।
उधर नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर समेत देशभर में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ एफआईआर रद करने लेकिन आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लगभग तीन हजार लोगों पर कार्रवाई के सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने मान लिया है। सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी की वार्ता में छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने का फैसला लिया गया था। शीर्ष अदालत ने 20 से 25 जुलाई के बीच देश भर में कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर रद कर दीं। साथ ही कोर्ट ने नीट 2026 की गड़बड़ियों के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों के मुआवजे के लिए एक राष्ट्रीय नीति तैयार करने और मुआवजा देने के भी आदेश दिये हैं।
इधर सिनेमा जगत में अक्सर ऐसी कहानियां सुनने को मिलती हैं जो किसी फिल्मी कहानी से भी ज्यादा थ्रिलिंग और हैरान करने वाली होती हैं। साल 2026 की सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली ब्लॉकबस्टर फिल्म 'हनुमान अंश' के लीड एक्टर शोभिनव सत्य की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। फिल्म में नीम करौली बाबा का मुख्य किरदार निभाने वाले शोभिनव ने एक पॉडकास्ट में खुलासा किया कि वे एक दिन पहले तक सेट पर एक असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे और अगली ही सुबह वे फिल्म के मुख्य नायक बन चुके थे। यह सब इतनी तेजी से घटा कि उन्हें घबराने तक का मौका नहीं मिला। आज महज 2 करोड़ रुपये के मामूली बजट में बनी यह फिल्म भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 45 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर चुकी है।
उधर केंद्रीय मंत्री और LJP(R) के अध्यक्ष चिराग पासवान को आज डाक से जान से मारने की धमकी मिली, जिसमें कहा गया - "कट्टर आतंकवादी जल्द ही आपकी हत्या कर देंगे"। मंत्री के कार्यालय ने उन्हें मिली जान से मारने की धमकी के बारे में केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखा है। धमकी की बड़ी बात ये है कि उन्हें यह धमकी डाक के जरिए भेजी गई चिट्ठी में दी गई है। इस धमकी भरे पत्र के मिलने के बाद चिराग पासवान की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। उनके ऑफिस ने इस धमकी के मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय गृह सचिव को चिट्ठी लिखकर इसकी जानकारी दी है और जरूरी एक्शन लेने के लिए मांग की है। जानकारी के मुताबिक, चिराग पासवान को भेजी गई धमकी भरी चिट्ठी में अंग्रेजी में लिखा गया है, 'You will be killed shortly by hardcore Terrorists', यानी कट्टर आतंकवादियों द्वारा जल्द ही आपकी हत्या कर दी जाएगी।
अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच मंगलवार को अलग-अलग हादसों में प्रदेश में तीन बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई। देहरादून में बहने से दो युवाओं और एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि एक बच्चा लापता है। जबकि कोटद्वार में मां-बेटी बह गईं। वहीं अल्मोड़ा में घर में मलबा आने से मां और बेटा-बेटी, जबकि कमरे में मलबा आने से दो नेपाली मजदूरों की मौत हो गई। जबकि भीमताल में एक बच्ची बह गई। वहीं बारिश और भूस्खलन के चलते राज्य में दो एनएच समेत 172 सड़क बंद हैं। अल्मोड़ा में 23, बागेश्वर में 11, चमोली में 17 और चंपावत में दो मार्ग बंद हैं। देहरादून में 15, नैनीताल में 40, पौड़ी में 12, पिथौरागढ़ में 12, रुद्रप्रयाग में 11, टिहरी में 15 और उत्तरकाशी में 14 मार्ग बंद हैं। इन मार्गाें के बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इधर दिल्ली में लग्जरी बस में किशोरी से दुष्कर्म की घटना के बाद उत्तराखंड परिवहन विभाग भी सतर्क हो गया है। मंगलवार देर रात देहरादून संभाग के विभिन्न क्षेत्रों में परिवहन विभाग की टीमों ने दूसरे राज्यों से आने वाली निजी और लग्जरी बसों की सघन चेकिंग की। अभियान के दौरान देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और रुड़की क्षेत्र में प्रवर्तन अधिकारियों और परिवहन निरीक्षकों (आरआइ) की संयुक्त टीमें तैनात रहीं। सोमवार को आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी ने घटना को गंभीरता से लेते हुए संभाग में निजी बसों की जांच के निर्देश दिए थे। इसके अनुपालन में मंगलवार रात आरटीओ (प्रवर्तन) डा. अनीता चमोला के नेतृत्व में संयुक्त चेकिंग अभियान शुरू किया गया। टीमों ने रात में संचालित होने वाली बसों को रोककर उनके दस्तावेज और परिवहन नियमों के अनुपालन की जांच की।
उधर उत्तराखण्ड में संक्रामक बीमारियों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य महकमा अलर्ट है। मंगलवार को स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों व मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को अस्पतालों में उपचार के लिए लाने वाले मरीजों की निगरानी और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशक ने कहा, आगामी दिनों में संभावित बीमारियों व उनके संक्रमण की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए। किसी भी प्रकार की असामान्य स्थिति सामने आने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। सभी जिलों के चिकित्सालयों, स्वास्थ्य केंद्रों व संबंधित स्वास्थ्य इकाइयों में आवश्यक दवाओं, जांच सुविधाओं, चिकित्सा उपकरणों के साथ जरूरी चिकित्सा व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य कर्मियों को संक्रमण की रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानी के साथ निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया जाए।