Good Morning India: एपस्टीन फाइल्स के खुलासों से ब्रिटेन में मचा सियासी घमासान! पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' को लेकर हंगामा, पेंगुइन ने दिया बड़ा बयान! हड़ताल पर जाएंगे देशभर के 30 करोड़ मजदूर! जानें आज क्या रहेगा खास?

Good Morning India: Revelations in the Epstein Files have sparked a political storm in Britain! Former Army Chief Naravane's book "Four Stars of Destiny" has sparked a furor, with Penguin issuing a m

नमस्कार दोस्तों, आवाज 24X7 अपना खास कॉलम "गुड मॉर्निंग इंडिया" लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आज के प्रमुख कार्यक्रमों पर नजर डालते हैं, संसद में चल रहे गतिरोध को लेकर INDIA ब्लॉक की अहम बैठक आज सुबह 10 बजे होगी। वहीं विदेश मामलों की संसदीय समिति की बैठक आज होगी।

अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, एपस्टीन फाइल्स के खुलासों से ब्रिटेन में सियासी घमासान मच गया है। इस बीच ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा है कि वो अपनी जॉब करते रहेंगे। अमेरिका में ब्रिटेन के पूर्व राजदूत पीटर मेंडेलसन और अमेरिकी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के बीच संबंधों से जुड़े नए खुलासों ने स्टार्मर सरकार को गंभीर संकट में डाल दिया है। एपस्टीन से जुड़ी अमेरिकी न्याय विभाग की हालिया फाइलों के जारी होने के बाद मेंडेलसन के जेफरी एपस्टीन के साथ गहरे संबंधों की जानकारी सामने आई, जिसके कारण स्टार्मर पर भारी दबाव पड़ रहा है। इस बीच खास ध्यान देने वाली बात यह है कि स्टार्मर ने कभी एपस्टीन से मुलाकात नहीं की और उनके नाम पर किसी यौन दुराचार का आरोप नहीं लगा है। 

इधर राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' का अंश संसद भवन में पढ़कर सियासी हलचल मचा दी है। अब इस मामले में दिल्ली पुलिस ने इसके अवैध पब्लिकेशन और सर्कुलेशन को लेकर एफआईआर दर्ज की है। वहीं एफआईआर दर्ज होने के बाद  रैंडम हाउस इंडिया (PRHI) ने कहा कि उसके पास पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के एक्सक्लूसिव पब्लिशिंग राइट्स हैं, और साफ किया कि अनधिकृत कॉपियों के सर्कुलेशन की खबरों के बीच यह किताब अभी तक पब्लिश नहीं हुई है। बाजार में मौजूद कॉपियां अवैध हैं और यह कॉपी राइट का उल्लंघन है।

इधर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) कोई कार्रवाई नहीं करेगा। दरअसल, बांग्लादेश ने हाल ही में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में विश्व कप के मुकाबले खेलने से इनकार किया था। इसके बाद आईसीसी ने उसकी जगह स्कॉटलैंड को ग्रुप सी में शामिल किया और बांग्लादेश बाहर हो गया। आईसीसी ने सोमवार को स्पष्ट किया कि भारत में टी20 विश्व कप मैच खेलने से इनकार करने के मामले में बीसीबी पर किसी भी तरह का जुर्माना या दंड नहीं लगाया जाएगा। खेल की वैश्विक संस्था ने यह फैसला बीसीबी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के साथ बैठक के बाद लिया। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भी बांग्लादेश के समर्थन में 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले मैच का बहिष्कार करने की घोषणा की थी। आईसीसी ने कहा, 'यह सहमति बनी है कि मौजूदा मामले में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर किसी भी प्रकार का वित्तीय, खेल संबंधी या प्रशासनिक दंड नहीं लगाया जाएगा।'

उधर नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के शास्त्री पार्क फ्लाईओवर पर मनी ट्रांसफर कर्मचारियों से लूट का मामला सामने आया है। आरोपियों ने मनी ट्रांसफर का काम करने वाले अकील पर पीछे से 3-4 राउंड फायरिंग की गई। इसके बाद अकील के पास मौजूद करीब 80 लाख रुपये नकद से भरा बैग लूट लिया गया। गोली लगने से अकील गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। घटना के वक्त अकील के साथ उसका साथी शाहिद भी मौजूद था। सूचना मिलते ही शास्त्री पार्क थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की टीम ने इलाके की घेराबंदी की और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से एक जिंदा कारतूस बरामद किया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।

इधर अलग-अलग मांगों को लेकर देशभर के 30 करोड़ से ज्यादा मजदूर हड़ताल करने जा रहे हैं। 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के एक संयुक्त संगठन ने सोमवार को कहा कि 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का आह्वान जारी है और उम्मीद है कि देश भर से कम से कम 30 करोड़ मजदूर इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। यूनियनों के समूह ने केंद्र सरकार की ''मजदूर विरोधी, किसान विरोधी और राष्ट्र विरोधी कॉरपोरेट समर्थक नीतियों'' के खिलाफ अपना विरोध दिखाने के लिए 9 जनवरी, 2025 को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस की महासचिव, अमरजीत कौर ने मीडिया को बताया कि इस बार 12 फरवरी (बृहस्पतिवार) को बुलाए गए राष्ट्रव्यापी हड़ताल में 30 करोड़ से कम मजदूर हिस्सा नहीं लेंगे। पिछली बार हुए विरोध-प्रदर्शन में लगभग 25 करोड़ मजदूरों ने हिस्सा लिया था। उन्होंने बताया कि हड़ताल का असर देश के 600 जिलों में दिखेगा, जो पिछले साल के लगभग 550 जिलों से ज्यादा है। कौर ने ये भी कहा कि ट्रेड यूनियनों के भागीदारी के दावे जिला और ब्लॉक स्तर पर की गई मजबूत तैयारियों पर आधारित हैं और किसान, साथ ही दूसरे फेडरेशन भी उनके साथ हैं। 

उधर पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की आगामी किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के कथित रूप से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, इस पुस्तक को अभी संबंधित प्राधिकरणों से प्रकाशन की आवश्यक अनुमति नहीं मिली है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि विभिन्न ऑनलाइन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और न्यूज फोरम पर ऐसी जानकारी सामने आई थी कि किताब की प्री-प्रिंट कॉपी इंटरनेट पर साझा की जा रही है। इन दावों के संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

इधर एक समूह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और अन्य संवैधानिक पदाधिकारियों द्वारा दिए जा रहे भाषणों को संविधान के अनुरूप नहीं और अपमानजनक बताया गया है। याचिकाकर्ताओं ने इस मामले में अनुच्छेद 32 के तहत कोर्ट से दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है। याचिका में उल्लेख किया गया है कि सीएम सरमा ने हाल ही में 'मिया मुसलमान' समुदाय के खिलाफ टिप्पणियां कीं। इसके अलावा, उन्होंने कुछ समुदाय के नागरिकों को सब्जियों की कीमत बढ़ाने, लव जिहाद और फ्लड जिहाद जैसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया और यहां तक कहा कि चुनावी मतदाता सूची से 4-5 लाख लोगों को हटाना चाहते हैं। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि केवल असम ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के उच्च पदाधिकारियों द्वारा दिए गए भाषण भी संवैधानिक नैतिकता के खिलाफ हैं। उदाहरण के तौर पर, उत्तराखंड सीएम लैंड जिहाद और लव जिहाद की बातें करते हैं, जबकि उत्तर प्रदेश सीएम उर्दू भाषा समर्थकों के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हैं।

अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जो लोग मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने की बात करते थे, उस समय यदि वह सरकार में आते तो उस दिशा में आगे बढ़ते। यह जनता के सामने स्पष्ट हो चुका है। मुख्यमंत्री ने दून विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विपक्ष के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, जिस तरह मामला सामने आया इससे स्पष्ट हो चुका है और प्रकरण में कार्रवाई की जाएगी। मदरसे के नाम पर ट्रस्ट को दी गई सहसपुर क्षेत्र की जमीन को अब अन्य लोगों को बेचे जाने के बारे में पूछने पर सीएम ने कहा, प्रकरण गंभीर है, मामले में जांच के आदेश कर दिए गए हैं, यदि जमीन नियम और व्यवस्था के आधार पर नहीं है तो नियम-कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी, यदि जमीन सरकार में निहित करनी होगी तो उसे निहित किया जाएगा।

इधर कोटद्वार में विजिलेंस ने सोमवार को एक लीडिंग फायरमैन को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी एक निजी स्कूल को फायर एनओसी जारी कराने के नाम पर रिश्वत ले रहा था। विजिलेंस ने उसके आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया। मंगलवार यानी आज उसे स्पेशल विजिलेंस कोर्ट में पेश किया जाएगा। विजिलेंस से मिली जानकारी के अनुसार, कोटद्वार में एक निजी स्कूल ने फायर एनओसी के लिए फायर स्टेशन में आवेदन दिया था। इसकी जांच लीडिंग फायरमैन रणवीर सिंह कर रहा था। वह अपनी टीम के साथ निरीक्षण भी कर चुका था। स्कूल प्रबंधन ने सभी जरूरी एहतियात के दस्तावेज इस आवेदन के साथ जमा किए थे। इस पर अंतिम कार्रवाई कर एनओसी जारी की जानी थी। बावजूद इसके रणवीर सिंह उनकी फाइल को उच्चाधिकारियों के पास नहीं भेज रहा था। स्कूल प्रबंधन के अधिकारी ने रणवीर सिंह से बात की तो उसने 40 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। 

उधर काशीपुर में सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत के बाद से क्षेत्र में हालात तनाव बने हैं। बीती देर रात गुस्साए लोग मृतक के शव को लेकर सड़क में बैठ गए। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ने भी मौके पर पहुंचकर लोगों को अपना समर्थन दिया। हालांकि देर रात पुलिस के आश्वासन के बाद लोग सड़क से उठ गए। बाद में नेता प्रतिपक्ष ने परिजनों से मुलाकात की। कई घंटों के हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस द्वारा ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन के बाद धरना समाप्त किया गया। जिसके बाद नेता विपक्ष ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढाढस बंधाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछले सात दिनों में पांच मौत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। आए दिन ओवरलोडिंग खनन वाहनों से लोगों की मौत हो रही है, प्रशासन मौन बैठा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की शह में खनन का कारोबार फल फूल रहा है।