Good Morning India: एपस्टीन मामले में बिल गेट्स का कबूलनामा, मेरे दो रशियन महिलाओं से थे संबंध! सोशल मीडिया पर पीएम मोदी का जलवा, इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ फॉलोअर्स वाले पहले वर्ल्ड लीडर बने! यहां हाईवे पर भिड़ी दो राज्यों की पुलिस, जानें NCERT ने क्यों मांगी माफी

Good Morning India: Bill Gates confesses in the Epstein case, admitting he had affairs with two Russian women! PM Modi's social media presence, becoming the first world leader to reach 100 million In

नमस्कार दोस्तों, आवाज 24X7 अपना खास कॉलम "गुड मॉर्निंग इंडिया" लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आज के प्रमुख कार्यक्रमों पर नजर डालते हैं। NCERT किताब मामले पर सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई। 

अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, अमेरिकी बिजनेसमैन बिल गेट्स ने जेफरी एपस्टीन के साथ अपने संबंधों को लेकर गेट्स फाउंडेशन के कर्मचारियों से माफी मांगी है। हालांकि, बिल गेट्स ने ये साफ कर दिया है कि उन्होंने एपस्टीन मामले में कुछ भी गलत काम नहीं किया है। इसके साथ ही गेट्स ने इस बात को भी कबूल किया है कि उनके दो रूसी महिलाओं के साथ संबंध थे। वॉल स्ट्रीट जर्नल की ओर से जारी की गई एक स्पेशल रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई है। माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर ने एक टाउन हॉल मीटिंग में माना कि एपस्टीन के साथ उनका रिश्ता एक बहुत बड़ी गलती थी। उन्होंने कहा कि इससे इस समाज सेवा करने वाले संगठन की रेप्युटेशन पर शक पैदा हुआ है। टाउन हॉल मीटिंग में गेट्स ने स्वीकार किया कि एपस्टीन के साथ उनका रिश्ता 'बहुत बड़ी गलती' थी, जिससे दुनिया के सबसे बड़े परोपकारी संगठन की साख पर सवाल उठे। गेट्स ने स्टाफ से कहा, 'मैंने कुछ भी गैर-कानूनी नहीं किया। मैंने कुछ भी गैर-कानूनी नहीं देखा। साफ कहूं तो, मैंने पीड़ितों, अपने आस-पास की महिलाओं के साथ कभी कोई समय नहीं बिताया।' उन्होंने आगे कहा, 'मैं उन दूसरे लोगों से माफी मांगता हूँ जो मेरी गलती की वजह से इसमें शामिल हुए हैं।' बता दें कि अमेरिकी न्याय विभाग ने हाल ही में यौन अपराधों के दोषी और विवादित शख्स जेफरी एपस्टीन से जुड़ी हजारों फाइलें जारी की हैं। इन फाइलों ने पूरी दुनिया में हंगामा मचा दिया है। बिल गेट्स ने बताया है कि जेफरी एपस्टीन से उनकी मुलाकात साल 2011 में हुई थी। बता दें कि इससे 3 साल पहले 2008 में एपस्टीन को एक नाबालिग को वेश्यावृत्ति के लिए उकसाने के आरोप में दोषी ठहराया गया था। बिल गेट्स ने ये बात स्वीकार की है कि उन्होंने एपस्टीन के बैकग्राउंड को लेकर ठीक से जांच नहीं की थी। उन्हें 18 महीने की किसी घटना के बारे में पता था जिस कारण एपस्टीन का आना-जाना लिमिटेड हो गया था।

उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन (10 करोड़) फॉलोअर्स का मुकाम हासिल कर लिया है। वे इस प्लेटफॉर्म पर यह उपलब्धि हासिल करने वाले दुनिया के पहले विश्व नेता और राजनेता बन गए हैं। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो उनकी लोकप्रियता और डिजिटल जुड़ाव को दर्शाती है। पीएम मोदी ने 2014 में इंस्टाग्राम जॉइन किया था। उनके फॉलोअर्स की संख्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से दोगुनी से भी ज्यादा है। ट्रंप के इंस्टाग्राम पर 43.2 मिलियन फॉलोअर्स हैं। अगले पांच प्रमुख विश्व नेताओं—इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो (15 मिलियन), ब्राजील के राष्ट्रपति लूला (14.4 मिलियन), तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन (11.6 मिलियन) और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई (6.4 मिलियन) के कुल फॉलोअर्स भी पीएम मोदी के अकेले फॉलोअर्स से कम हैं।

इधर कक्षा 8 की सोशल साइंस की किताब में 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' के संदर्भों पर सर्वोच्च न्यायालय की ओर से कड़ी आपत्ति जताए जाने के बाद राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने बुधवार को कहा कि उसने पुस्तक का वितरण 'सख्ती से रोक दिया है' और माफी मांगी है। बुधवार देर शाम जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में, एनसीईआरटी ने कहा कि 24 फरवरी को कक्षा 8 के लिए सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक 'एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड, खंड II' प्रकाशित करने के बाद, "यह पाया गया है कि अध्याय संख्या 4, जिसका शीर्षक 'हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका' में अनजाने में कुछ अनुचित पाठ्य सामग्री और निर्णय की त्रुटियां शामिल हो गई हैं।" 

उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा के दौरान कार डिप्लोमेसी का एक और शानदार उदाहरण देखने को मिला। साथ ही इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पारंपरिक भारतीय परिधान पहनकर पीएम मोदी को सरप्राइज दिया। यह घटना 25 फरवरी 2026 को उनके संयुक्त रात्रिभोज से पहले हुई। नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हिंदी में ट्वीट किया कि हमारे संयुक्त रात्रिभोज से पहले, मैंने पारंपरिक भारतीय पोशाक पहनकर अपने मित्र प्रधानमंत्री मोदी को चौंका दिया। इस तरह के वाकयों ने भारत-इजरायल के मजबूत संबंधों को और मजबूत किया। नेतन्याहू का यह पारंपरिक भारतीय परिधान पहनना सॉफ्ट डिप्लोमेसी का बेहतरीन उदाहरण है, जो दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और व्यक्तिगत दोस्ती को दर्शाता है।

इधर AI समिट विवाद मामले में शिमला और दिल्ली पुलिस के बीच चला हाई-वोल्टेज ड्रामा आखिरकार खत्म हो गया। घंटों की नोकझोंक के बाद दिल्ली पुलिस 3 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लेकर शिमला से दिल्ली रवाना हो गई। इससे पहले शिमला में बुधवार रात दिल्ली पुलिस के अधिकारी और हिमाचल पुलिस के अधिकारी आमने-सामने हो गए थे। बीच हाईवे पर दिल्ली पुलिस और शिमला पुलिस की टीम के बीच कई घंटों तक जबरदस्त हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। दरअसल, मामला AI समिट के दौरान हुए शर्टलेस प्रोटेस्ट से जुड़ा है, जहां हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस के 15 जवानों को हिरासत में ले लिया। दिल्ली पुलिस को जानकारी मिली थी कि प्रदर्शन से जुड़े युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता शिमला में छिपे हैं जिसकी सूचना पर शिमला पहुंची दिल्ली पुलिस ने शिमला के रोहड़ू से 3 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पकड़ भी लिया। पुलिस उन्हें दिल्ली लाने लगी लेकिन इसकी जानकारी जैसे ही सोलन पुलिस को लगी तो राज्य पुलिस के अधिकारियों ने दिल्ली पुलिस को धर्मपुर में चंडीगढ़-कालका-शिमला हाईवे पर बैरिकैडिंग कर रोक लिया। इस कार्रवाई को गैरकानूनी बताते हुए FIR दर्ज की।

अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, कारोबार सुगमता के लिए प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) कर सात कानूनों में कारावास की सजा खत्म कर जुर्माना राशि बढ़ाई है। भराड़ीसैंण विधानसभा में होने वाले बजट सत्र के दौरान प्रदेश सरकार जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश को विधेयक के रूप में सदन पटल पर रखेगी। प्रदेश सरकार ने दिसंबर 2025 में उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश लागू किया। इसमें सात कानूनों में छोटे व्यापारिक और प्रक्रियात्मक उल्लंघनों के लिए जेल की सजा को खत्म कर उसे जुर्माने में बदला गया है। सरकार की मंशा है कि छोटे अपराधों को अपराध मुक्त करना कर निवेश को बढ़ावा देना है।

इधर प्रदेश में जनगणना के पहले चरण में मकानों की गणना 25 अप्रैल से शुरू होगी। बुधवार को सामान्य प्रशासन विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। खास बात यह है कि पहली बार लोगों को अपने मकान की खुद गणना करने का विकल्प भी वेबसाइट के माध्यम से दिया जाएगा। प्रथम चरण की मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 25 अप्रैल से 24 मई तक करवाए जाने के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की ओर से जनगणना के पहले चरण की अधिसूचना जारी की गई। राज्य में जनगणना 2027 के सफल क्रियान्वयन के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी दीपक कुमार की ओर से राज्य में जनगणना को सही तरीके से संपन्न करवाने का पूर्ण आश्वासन दिया गया है।

उधर बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए एक कंपनी पीएसी की अतिरिक्त तैनाती की गई है। पुलिस सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट और अफवाहों पर नजर बनाए हुए है। वहीं खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस प्रशासन ने बनभूलपुरा और आसपास के संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है। प्रमुख चौराहों और प्रवेश मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।