Sep 11, 2026 Login

Good Morning India: भारत पहुंचे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, BRICS समिट में होंगे शामिल! आज से तीन दिन बंद रहेंगे बैंक! 9/11 आतंकी हमले की 25वीं बरसी आज! उत्तराखण्ड में होगी कैबिनेट की बैठक

Good Morning India: President Vladimir Putin has arrived in India and will attend the BRICS summit! Banks to remain closed for three days starting today! Today marks the 25th anniversary of the 9/11

नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम ‘गुड मॉर्निंग इंडिया’ लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आईए आज के प्रमुख कार्यक्रमों पर नजर डालते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इसके साथ ही आज महिला एशिया कप का दूसरा सेमीफाइनल है। 

अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली पहुंच चुके हैं। पुतिन का प्लेन आज तड़के करीब तीन बजे पालम एयरफोर्स स्टेशन पर पहुंचा। पुतिन ब्रिक्स समिट के लिए भारत आए हैं। उससे पहले आज 11 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच अहम मुलाकात और बातचीत होने वाली है। आज पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच बैठक में भारत और रूस के बीच रणनीतिक, डिफेंस और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई बड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके अलावा दोनों नेता आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, स्पेस कॉपरेशन, ड्रग तस्करी पर रोक और इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर पर भी बात करेंगे। ये माना जा रहा है कि इस बातचीत का फोकस तीन प्वाइंट पर रहेगा। पीएम मोदी और पुतिन की बातचीत के दौरान डिफेंस को लेकर अहम चर्चा हो सकती है। इसमें सुखोई 57 की डील शामिल है। फिफ्थ जेनेरेशन के 75 फाइटर जेटस की डील पर भी ठोस बातचीत हो सकती है। इसके अलावा S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की डिलीवरी और न्यूक्लियर सबमरीन से जुड़े डिफेंस कॉपरेशन की भी समीक्षा की जा सकती है। इस बातचीत का दूसरा प्वाइंट क्रूड ऑयल रहेगा। भारत साफ-साफ कह चुका है कि वो अपनी जरूरत के हिसाब से फैसला करेगा कि उसे कहां से कितना तेल खरीदना है। खासकर होर्मूज स्ट्रेट में जो हालत इस वक्त बनी हुई है। उसे देखते हुए भारत अपने लिए क्रूड ऑयल की सप्लाई सिक्योर करना चाहेगा। इसे लेकर रूस के साथ कोई लॉन्ग टर्म डील की बात कही जा रही है।

इधर बैंक यूनियनों ने हफ्ते में पांच दिन बैंकिंग और अन्य लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। इस हड़ताल के कारण देश के कई हिस्सों में बैंकिंग सेवाएं, खासकर सरकारी बैंकों में चार दिनों तक प्रभावित रहेंगी। 11 सितंबर को शुक्रवार है और उसके बाद के दो दिन बैंक की छुट्टियां हैं। 14 सितंबर को कुछ राज्यों में गणेश चतुर्थी की छुट्टी है। लिहाजा अधिकतर सरकारी बैंकों ने अपने ग्राहकों को हड़ताल से कामकाज पर पड़ने वाले संभावित असर के बारे में जानकारी दे दी है। भारतीय स्टेट बैंक सहित अधिकांश सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने पहले ही ग्राहकों को आगाह कर दिया था कि हड़ताल के कारण शाखाओं में कामकाज प्रभावित हो सकता है।

उधर 9/11 हमलों को 25 साल पूरे हो गए हैं। 11 सितंबर 2001 को अमेरिका पर हुए आतंकी हमलों में 2977 लोगों की जान गई थी। चार विमानों को हाईजैक किया गया, जिनमें से दो न्यूयॉर्क के ट्विन टावर से टकराए, तीसरा अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन से जा टकराया और चौथा विमान पेनसिल्वेनिया में जा गिरा। अमेरिकी जांच के मुताबिक इन हमलों को अल-कायदा के 19 आतंकियों ने अंजाम दिया था। हमले के बाद अमेरिकी जांच एजेंसियों ने इसे अल-कायदा से जोड़ने वाले सबूत जुटाए। एफबीआई के अनुसार ओसामा बिन लादेन और अल-कायदा 9/11 की साजिश के पीछे थे। लादेन ने बाद में हमले की योजना बनाने में अपनी भूमिका स्वीकार की। इसके बाद अमेरिका अलग ही मोड में आ गया। अमेरिका ने अफगानिस्तान में अल-कायदा और उसे पनाह देने वाले तालिबान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया। हालांकि ओसामा बिन लादेन करीब एक दशक तक अमेरिका की पकड़ से बाहर रहा। आखिरकार 2 मई 2011 को पाकिस्तान के एबटाबाद में अमेरिकी विशेष बलों ने अभियान चलाकर उसे मार गिराया। यानी हमले के मास्टरमाइंड तक पहुंचने में अमेरिका को करीब 10 साल लग गए।

इधर वंदे मातरम् के पूरे संस्करण को लेकर जारी बहस के बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि उनकी पार्टी ने कभी भी वंदे मातरम् को नहीं अपनाया और भविष्य में भी ऐसा नहीं करेगी। हालांकि, सरकारी कार्यक्रमों में इसे लेकर जो कानूनी प्रावधान हैं, उनकी पार्टी और सरकार पालन करेगी। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राष्ट्रीय गीत को लेकर कानून बनाया गया है और वंदे मातरम् के सभी अंतरों को सरकारी कार्यक्रमों में अनिवार्य किया गया है। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह नियम सिर्फ जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं है, बल्कि पूरे देश में सरकारी कार्यक्रमों के लिए यही प्रोटोकॉल है। उन्होंने कहा कि इसे नहीं मानने पर या इसका पालन नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रीय गीत को लेकर कानून बनाया गया है। वंदे मातरम् के सभी अंतरे अनिवार्य किए गए हैं। यह सिर्फ जम्मू-कश्मीर के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए है। सरकारी कार्यक्रमों में यही प्रोटोकॉल है। इसका पालन नहीं करने पर कार्रवाई होगी।'

उधर तमिलनाडु के वेल्लोर में बीती रात निर्माणाधीन चर्च की छत ढह गई। इस हादसे में मलबे में दबकर 3 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि छत पर कंक्रीट डालते वक्त स्लैब गिरने से हादसा हुआ। हादसे के बाद मौके पर फायर ब्रिगेड और NDRF की टीम रेस्क्यू में जुटी हुई हैं। वहीं हादसे की जांच के आदेश दिए गए हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि काटपाडी के पास मंडी कृष्णपुरम में बन रहे 'चर्च ऑफ साउथ इंडिया' की इमारत की छत का स्लैब गिरने से यह हादसा हो गया। निर्माण के दौरान मजदूर छत के लिए कंक्रीट डाल रहे थे। तभी स्लैब गिर गया और लोग मलबे के नीचे आ गए। अधिकारी ने तीन मजदूरों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने कहा, "20 फीट ऊंचा स्टील का स्कैफोल्डिंग और सपोर्ट फ्रेमवर्क अचानक गिर गया, जिससे मजदूर भारी कंक्रीट के मलबे और ईंट-पत्थरों के नीचे दब गए।"

इधर देश के तटीय इलाकों के लिए आने वाले तीन महीने बेहद संवेदनशील होंगे। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपने उपग्रहों और मौसम निगरानी प्रणालियों से मिले डाटा के आधार पर चेतावनी जारी की है कि अक्तूबर से दिसंबर के दौरान बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में तीन शक्तिशाली चक्रवाती तूफान बन सकते हैं। इसरो ने आगाह किया है कि चक्रवात के साथ तेज हवाएं, भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरें आ सकती हैं। इसरो के अनुसार, चक्रवातों की ताकत का सूचकांक 44 साल के औसत से 83 फीसदी ज्यादा रह सकता है। मतलब ये पहले के मुकाबले ज्यादा तबाही मचा सकते हैं। रिपोर्ट में अक्तूबर-दिसंबर के लिए 1.30 करोड़ का पीडीआई (पावर डिसिपेशन इंडेक्स) बताया गया है। 1982-2025 के दौरान औसत पीडीआई 71 लाख रहा है। पीडीआई एक ऐसा वैज्ञानिक पैमाना है जो किसी चक्रवात की विनाशकारी क्षमता, उसकी अवधि और संख्या को मिलाकर उसकी कुल ऊर्जा का आकलन करता है। पीडीआई की इकाई नॉट्स क्यूब होती है।

अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक होगी। इसमें गृह, खेल, परिवहन, शिक्षा, शहरी विकास व वन विभाग से संबंधित कई बिंदुओं पर अहम निर्णय लिए जा सकते हैं। यह बैठक दोपहर 12 बजे से सचिवालय में शुरू होगी। 

इधर मौसम विभाग ने राज्य के सभी जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। शुक्रवार सुबह से ही प्रदेश के अधिकतर इलाकों में मौसम खराब बना हुआ है। वहीं देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के मैदानी और पर्वतीय दोनों क्षेत्रों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है। कई स्थानों पर बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश के दौरान स्थानीय स्तर पर परेशानी बढ़ सकती है।

उधर राष्ट्रीय खेलों में पदक विजेताओं को नौकरी मिलने का रास्ता अब साफ हो गया है। इसके तहत खेल एवं युवा कल्याण, शिक्षा, पुलिस व परिवहन विभाग में 243 पदों का सृजन किया जा रहा है। जल्द इसका प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। उत्तराखंड में गत वर्ष हुए राष्ट्रीय खेलों के दौरान सरकार ने पदक विजेताओं काे सरकारी नौकरी देने की घोषणा की थी। राज्य के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 100 से अधिक पदक जीतते हुए पदक तालिका में सातवां स्थान प्राप्त किया। सरकार की घोषणा के अनुसार इन खिलाड़ियों को पदक की श्रेणी के हिसाब से अलग-अलग ग्रेड पे पर नौकरी दी जानी है। इसके लिए बीते एक वर्ष से लगातार कवायद चल रही थी।