Good Morning India: मानसून ने मचाई तबाही, जम्मू-कश्मीर में फिर बादल फटा! यूपी के एटा में बड़ा हादसा, 5 लोगों की मौत! राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला, चंपतराय, डॉ. अनिल और गोपाल राव से पूछताछ! दो महीने में ही खराब हो गया दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे

Good Morning India: Monsoon wreaks havoc; another cloudburst in Jammu & Kashmir! Major tragedy in Etah, UP—5 people dead! Ram Mandir donation theft case: Champat Rai, Dr. Anil, and Gopal Rao question

नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम ‘गुड मॉर्निंग इंडिया’ लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आईए आज के प्रमुख कार्यक्रमों पर नजर डालते हैं, आज जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के भारत दौरे का तीसरा दिन है। वहीं आज से अमरनाथ यात्रा की भी शुरुआत हो रही है।

अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, देश में मानसून की दस्तक के साथ ही मुश्किलों का दौर शुरू हो गया है। बारिश से पंजाब, हरियाणा और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों को भीषण गर्मी और चिपचिपाती उमस से बड़ी राहत मिली है। लेकिन, जम्मू-कश्मीर में लगातार दूसरे दिन बादल फटने से कई इलाकों में बाढ़ आ गई है और एक सड़क बह गई है। उत्तराखंड में खराब मौसम के कारण बदरीनाथ हाईवे साढ़े 11 घंटे बंद रहा और आठ हजार से ज्यादा श्रद्धालु रास्ते में जहां-तहां फंसे रहे। भारी बारिश ने हिमाचल प्रदेश में भी कोहराम मचा रखा है। राज्य में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के चलते 46 सड़कें बंद हैं।   वहीं हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण चंबा जिले में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे भरमौर उपमंडल में एक मंदिर के पास बना एक अस्थायी लकड़ी का पुल बह गया और करीब 30 श्रद्धालु वहां फंस गए।
शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने 3 जुलाई को छोड़कर, 2 से 5 जुलाई तक राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश होने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य में 46 सड़कें बंद हो गई हैं। मूसलाधार बारिश से बिजली के 181 ट्रांसफार्मर और 6 जल आपूर्ति संयंत्र भी प्रभावित हुए हैं।

इधर उत्तर प्रदेश के एटा जिले से दर्दनाक हादसे की खबर सामने आ रही है। यहां मरम्मत के लिए सड़क किनारे खड़ी एक बस को ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी है। इस हादसे में 5 यात्रियों की मौत हो गई है। वहीं, 12 लोग घायल बताए जा रहे हैं जिनका अस्पताल में इलाज हो रहा है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, बस में खराबी की वजह से हाई-वे पर उसकी मरम्मत की जा रही थी। तभी पीछे से आ रहे तेज रफ़्तार ट्रक ने बस को टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद बस 200 मीटर तक घिसटती गयी। जानकारी के मुताबिक, ट्रक से टक्कर लगने के बाद बस 200 मीटर से ज्यादा दूर तक घिसटती चली गई। इसके कारण बाहर घूम रहे कई यात्री बस की चपेट में आ गए। हादसे में घायल 20 लोगों को तुरंत ही पास के अस्पताल में पहुंचाया गया। हालांकि, इनमें से चार लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, एक शख्स की इलाज के दौरान मौत हो गई जबकि 12 लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। 

उधर ईरान के मौजूदा सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई अपने पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में सुरक्षा कारणों से शामिल नहीं होंगे। यह जानकारी भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि आयतुल्ला हाकिम इलाही ने दी है। इलाही के मुताबिक, इजरायल की ओर से मिल रही धमकियों और निगरानी के खतरे को देखते हुए मोजतबा खामेनेई का सार्वजनिक रूप से अंतिम संस्कार में शामिल होना सुरक्षित नहीं माना गया है। इसी वजह से उन्होंने अंतिम संस्कार समारोह से दूर रहने का फैसला किया है। इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने बुधवार को अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कहा कि वे इजरायल को नियंत्रित करें। यह बयान उस समय आया जब इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कथित तौर पर कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई निशाने पर हैं। अरागची ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा, 'इस्लामाबाद MoU की शर्तें बिल्कुल स्पष्ट हैं और सभी के सामने हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अमेरिका की ओर से तेल अवीव में अपने सहयोगियों को नियंत्रित करने की प्रतिबद्धता जताई है। यदि वे उनकी बात नहीं मानते हैं तो ईरान उन्हें सबक सिखाएगा। हमारे लोगों और हमारे नेतृत्व के खिलाफ किसी भी तरह की धमकी का तुरंत और कड़ा जवाब दिया जाएगा।'

इधर थाईलैंड के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में गुरुवार को एक पिकअप ट्रक चला रहे 11 साल के लड़के ने तीर्थयात्रा पर जा रहे भिक्षुओं के समूह को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में 9 भिक्षुओं की मौत हो गई। मुकदहन प्रांत के कुल 35 भिक्षु तीर्थयात्रा पर निकले थे। मुकदहन के गवर्नर वोरयान बूननारत ने हादसे की जानकारी देते हुए बताया कि 5 भिक्षुओं की मौके पर ही मौत हो गई जबकि चार ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि 13 अन्य लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से तीन भिक्षुओं की हालत गंभीर है। बताया जाता है कि यह समूह दुर्घटना से लगभग 30 मिनट पहले उबोन रत्चाथानी प्रांत तक की 260 किलोमीटर लंबी पदयात्रा पर निकला था। स्थानीय बचाव समूह 'रुआम जाई मुकदहन रेस्क्यू एसोसिएशन' द्वारा शेयर किए गए फुटेज में भिक्षु सड़क के किनारे एक कतार में चलते दिखाई दे रहे हैं, तभी पिकअप ट्रक उन्हें कुचल देता है। हादसे में सुरक्षित बचे भिक्षुओं ने पुलिस को बताया कि उन्होंने देखा था कि वाहन ने अपना संतुलन खो दिया था, जिसके बाद वह सड़क से फिसलकर सीधे उनके समूह से आ टकराया।  

उधर पंजाब के मानसा से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। वार्ड नंबर-3 में एक महिला ने कथित तौर पर अपने तीन नाबालिग बच्चों की हत्या करने के बाद खुद भी फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। आखिर इस सामूहिक मौत के पीछे क्या वजह रही, इसका पता लगाने में पुलिस जुटी हुई है। दरअसल, मानसा के वार्ड नंबर-3 में उस समय सनसनी फैल गई, जब एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत की खबर सामने आई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महिला ने पहले अपने तीन नाबालिग बच्चों की जान ली और इसके बाद खुद भी फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि महिला के पति का करीब चार वर्ष पहले निधन हो चुका था। इसके बाद वह अपनी सास और तीन बच्चों के साथ किराये के मकान में रह रही थी। मृतकों में दो बेटियां और डेढ़ साल का एक मासूम बेटा शामिल है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

इधर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता या AI और क्रिप्टोकरेंसी के क्षेत्र में अपनी सरकार की रणनीति का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिका इस समय चीन सहित पूरी दुनिया से आगे है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके परिवार के क्रिप्टो कारोबार को लेकर उठ रहे हितों के टकराव के आरोपों में कोई दम नहीं है और उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। CNBC के पत्रकार जो कर्नेन को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी में दुनिया का नेतृत्व करना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया अमेरिका से जलती है। सवालों के जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, 'मैं क्रिप्टो को थोड़ा अलग नजरिए से देखता हूं। हमें इसमें सबसे आगे रहना होगा, क्योंकि अगर हम ऐसा नहीं करेंगे तो चीन आगे निकल जाएगा। अगर हम यह काम नहीं करेंगे तो चीन इसे अपने हाथ में ले लेगा। यह बहुत बड़ा मामला है। मैं चाहता हूं कि जिस भी क्षेत्र में अमेरिका काम करे, उसमें नंबर एक रहे। आज हम क्रिप्टो में भी नंबर एक हैं और एआई में भी नंबर एक हैं। एआई के मामले में हम चीन और बाकी सभी देशों से काफी आगे हैं।'

उधर राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी को मेघालय हाई कोर्ट से मिली जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। गुरुवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मामले को मेंशन करते हुए कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और याचिका पर जल्द सुनवाई की जाए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। कोर्ट इस मामले में कल शुक्रवार को ही सुनवाई करेगा। मेघालय सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा कि एक महिला अपने पति को मेघालय ले गई थी, जहां उसने तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी और शव को फेंक दिया। इस मामले में दो बार उसकी जमानत यह कहते हुए खारिज की गई थी कि उसके फरार होने की आशंका है। लेकिन अब उसे इस आधार पर जमानत दे दी गई है कि गिरफ्तारी के समय उसे गिरफ्तारी के आधार (Grounds of Arrest) पूरी तरह उपलब्ध नहीं कराए गए थे। जबकि कमी केवल एक धारा में टाइपिंग की गलती की थी। कृपया इस पर जल्द सुनवाई हो।

इधर राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआइटी) के तीनों सदस्य गुरुवार दोपहर दोबारा अयोध्या पहुंचे और जांच शुरू की। पहले ट्रस्टी डा. अनिल कुमार मिश्र से एक घंटे तक पूछताछ के बाद व्यवस्थापक गोपाल राव को बुलाया गया। दान में मिले आभूषणों व भूमि खरीद से जुड़ी जानकारी लेने के बाद इनके बयान का मिलान ट्रस्ट महासचिव चंपतराय के बयान से किया। शुक्रवार को कुछ दानदाताओं व भूमि खरीद से जुड़े रहे लोगों को बुलाया गया है। उधर, पुलिस ने भी न्यायालय से आरोपित अविनाश शुक्ल की कस्टडी रिमांड ले ली है, शुक्रवार को उससे गहन पूछताछ होगी। उसे प्रतापगढ़ स्थित पैतृक गांव भी ले जाया जाएगा। पुलिस टीम ने परिसर में पहुंच कर नकदी की गणना करने वाले दर्जन भर कर्मचारियों से भी पूछताछ की और दानपात्रों से नकदी निकालने व गणना की पूरी प्रक्रिया समझी। 

उधर पहलगाम के नुनवान बेस कैंप से श्रद्धालुओं का पहला जत्था श्री अमरनाथ जी की पवित्र गुफा की यात्रा के लिए रवाना हो गया है। इसके साथ इस वर्ष 57 दिन चलने वाली बाबा बर्फानी की यात्रा आरंभ हो गई है। इस दौरान पूरा परिसर ‘चलो बुलावा आया है, बाबा बर्फानी ने बुलाया है’, हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं में बाबा बर्फानी को दर्शन को लेकर गजब का उत्साह देखने के मिल रहा है। नोडल अधिकारी राहुल यादव ने बताया कि पूरे जिला प्रशासन ने बालटाल से यात्रा को सुचारू रूप से चलाने के लिए तैयारियां कर ली हैं। हल्की बूंदा-बांदी हो रही है, लेकिन रास्ता साफ रखा गया है और हमें उम्मीद है कि लगभग 10,000 लोग यात्रा के लिए रवाना होंगे। कई जगहों पर इमरजेंसी शेल्टर बनाए गए हैं।

अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के दो महीने बाद ही बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। सड़क का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें देखा जा सकता है कि सड़क के बीचो-बीच कई गड्ढे बने हुए हैं। पास से ही तेज स्पीड में वाहन निकल रहे हैं। ऐसे में बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने अपने वाहन को हुए नुकसान के बारे में भी बताया है। पीड़ित व्यक्ति की वैन का रिम गड्ढे में आने से मुड़ गया था। बता दें कि दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बना है। हालांकि, मानसून की पहली बारिश के बाद ही सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक्सप्रेसवे के कई हिस्सों में बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई दे रहे हैं, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

उधर पिथौरागढ़ में हो रही भारी बारिश से जगह-जगह चट्टानें दरकने लगी हैं। गुरुवार को चीन सीमा को जोड़ने वाले दोनों मार्ग बाधित हो गए। आदि कैलास यात्रा मार्ग बंद होने से यात्री घंटों धारचूला में फंसे रहे। दारमा वैली में आवागमन पूरी तरह ठप रहा। जिले में कई मकानों के आंगन की दीवारें ध्वस्त हो गई। जिले में गुरुवार को पांच सड़कें बंद रही। बुधवार रात हुई भारी बारिश से आदि कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग में मलघाट के पास विशाल चट्टान दरक गई। चट्टान का मलबा सड़क पर आ जाने से आवागमन बाधित हो गया। गुरुवार को अपराह्न दो बजे तक मार्ग बंद रहा। मार्ग बंद होने से यात्रा पर जा रहे आदि कैलास यात्री धारचूला में ही फंस गये। यात्रा पूरी कर वापस लौट रहे यात्री भी घंटों फंसे रहे। दो बजे मार्ग से मलबा हटाया जा सका।