Good Morning India: कांग्रेस ने कभी ऐसा नहीं किया, जैसा बीजेपी कर रही, उद्धव ठाकरे बोले- गद्दारों को टिकट देना गलती थी मेरी! यहां मदरसे से भागे बच्चों ने खोली क्रूरता की पोल! न्यायपालिका के खिलाफ फर्जी और अपमानजनक पोस्ट पर दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश, 24 घंटे में हटाएं! अयोध्या प्रकरण में 140 पन्नों की एसआईटी रिपोर्ट से बढ़ी हलचल

Good Morning India: Congress never did what the BJP is doing; Uddhav Thackeray admits giving tickets to the 'traitors' was his mistake! Children who fled a madrasa expose the cruelty they faced! Delh

नमस्कार दोस्तों, आवाज 24x7 अपना खास कॉलम ‘गुड मॉर्निंग इंडिया’ लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आईए आज के प्रमुख कार्यक्रमों पर नजर डालते हैं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पांच दिन के ओडिशा और मध्य प्रदेश दौरे का आज आखिरी दिन है। इसके साथ ही आज अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि भारत पहुंचेगे।

अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी बातचीत के पहले दौर में लेबनान में युद्धविराम बनाए रखने, होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने और संभावित परमाणु समझौते के कुछ अहम हिस्सों पर चर्चा हुई। यह बातचीत 14 बिंदुओं वाले समझौता मसौदे के तहत हो रही है। इन वार्ताओं से जुड़े एक अमेरिकी राजनयिक ने यह जानकारी दी। एक्सिओस के अनुसार, ये बातचीत रविवार सुबह शुरू हुई और पूरे दिन अलग-अलग रूपों में चलती रही। रिपोर्ट में कहा गया कि चर्चा का एक बड़ा मुद्दा लेबनान की स्थिति था, जहां संघर्ष रोकने के तरीके और युद्धविराम लागू करने पर बात हुई। यह सब इस्राइल की ओर से दक्षिणी लेबनान में किए जा रहे हमलों के बीच हुआ। बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी चिंता जताई गई। यह दुनिया का एक बहुत अहम समुद्री व्यापार मार्ग है। हाल ही में ईरान की तरफ से इसके बंद किए जाने की संभावना के बयान आए थे। अमेरिकी राजनयिक ने बताया, हमने साफ कहा कि हम चाहते हैं कि यह पूरी तरह खुला रहे। इस दिशा में अच्छी प्रगति हुई है। 

इधर देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। दिल्ली में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है, जबकि मुंबई और कोलकाता में तेज बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने अगले कुछ दिनों के दौरान कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। दूसरी ओर, मध्य और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में अभी भी लू का असर बना हुआ है। विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। अगले कुछ दिनों में (23 जून के आसपास) मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। मानसून की सक्रियता बढ़ने से देश के अधिकतर क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। पूर्वोत्तर भारत में अगले पांच दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।

उधर मुंबई के भांडुप में बागी सांसद संजय दिना पाटिल के गढ़ में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बागी नेताओं और बीजेपी पर तीखा हमला बोला। इस दौरान उन्होंने रैली में जुटी भीड़ की ओर इशारा करते हुए कहा कि मेरे सामने सिर्फ शिवसैनिक नहीं, बल्कि जलती हुई मशालें खड़ी हैं। उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं गद्दारों और उनके आकाओं का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने इन मशालों को फिर से जला दिया। मैंने पार्टी स्थापना दिवस पर जो वादा किया था, अब उस पर अमल शुरू कर दिया है। जहां-जहां विश्वासघात हुआ है, वहां-वहां मैं खुद जाकर मतदाताओं से माफी मांग रहा हूं। उन्होंने कहा कि जनता ने पाला बदलने वाले सांसदों को शिवसेना और मशाल चुनाव चिह्न देखकर चुना था। उन्हें उम्मीदवार बनाना हमारी गलती थी और उसके लिए मैं आप सबसे माफी मांगता हूं। उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना को कई बार तोड़ने और कमजोर करने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने हमेशा शिवसेना को खत्म करने की साजिश रची, जबकि कांग्रेस ने कभी ऐसा प्रयास नहीं किया। उन्होंने कहा कि हमने 30 साल तक कांग्रेस से लड़ाई लड़ी, लेकिन उसने कभी हमारे नेताओं को चुराने या शिवसेना को उस तरह खत्म करने की कोशिश नहीं की, जैसा बीजेपी ने किया।

इधर बिहार के दरभंगा जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। बहादुरपुर थाना क्षेत्र के सिनुआरा गांव में चार नाबालिग बच्चे संदिग्ध हालत में मिले हैं, जिनके पैरों में लोहे की जंजीर और बड़े ताले लगे हुए थे। बच्चों की हालत देखकर ग्रामीण दंग रह गए और तुरंत उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले गए। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ और मदरसे में कथित क्रूरता की कहानी सामने आई। ग्रामीणों के अनुसार, बच्चे कड़ी धूप में पैदल चलते हुए थके हुए एक जगह बैठे थें लोगों ने जब उनके पैरों में जंजीर और ताले देखे तो तुरंत उनसे पूछताछ की, तो बच्चों ने बताया कि वे दरभंगा के अशोक पेपर मिल थाना क्षेत्र में स्थित मदरसा सैफुल उलूम के छात्र हैं, चारों बच्चे मधुबनी जिले के अररिया संग्राम गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। बच्चों ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उन्हें डंडों से पीटा जाता था और कई बार शारीरिक प्रताड़ना भी दी जाती थी। बच्चों के शरीर पर चोट के निशान भी पाए गए हैं, जिसे देखकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई और मामले ने गंभीर रूप ले लिया। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के साथ जो हुआ वह अमानवीय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। लोग पूरे मदरसे की जांच की मांग कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।

उधर तमिलनाडु में तिरुवल्लूर जिले के उथुकोट्टई तालुक के कनिगईपैर गांव में मछली का चारा एक्सपोर्ट करने वाली एक प्राइवेट फैक्ट्री में अमोनिया गैस लीक होने से कई महिलाओं की जान चली गई है। बताया जा रहा कि अब तक 7 महिलाओं की मौत हो चुकी है और 60 से अधिक लोग प्रभावित हैं। फैक्टी में झींगा प्रोसेस किया जाता था और अमोनिया लीक होने के बाद कई लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस गैस लीक के बाग पीड़ितों में उत्तरी भारत के कई राज्यों से आए प्रवासी मजदूर शामिल हैं। गैस लीक के बाद इन्हें सांस लेने में काफी तकलीफ होने लगी और फिर उन्हें इलाज के लिए तुरंत पास के अस्पतालों में ले जाया गया। खबरों के मुताबिक तमिलनाडु की तिरुवल्लूर पुलिस ने कहा कि इस मामले को लेकर अब तक 7 महिलाओं की मौत हो चुकी है। जिलाधिकारी एस. कविता ने बताया कि 67 प्रभावित लोगों को तुरंत स्थानीय चिकित्सा केंद्रों में ले जाया गया। उन्होंने कहा कि 46 लोगों का इलाज वेल्स अस्पताल में और 21 लोगों का इलाज वेंकटेश्वर अस्पताल में किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने आगे बताया कि गंभीर रूप से प्रभावित 9 लोगों को एम्बुलेंस के जरिए चेन्नई स्थित सरकारी स्टैनली मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया है।

इधर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके समर्थक शनिवार पूरी रात और रविवार को भी दिल्ली के जंतर-मंतर पर डटे हैं। अभिजीत दीपके ने कहा है कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते, वे यहां से नहीं हटेंगे। कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों ने मोबाइल फोन का टॉर्च जलाकर विरोध प्रदर्शन को जारी रखा। दिल्ली पुलिस ने शनिवार शाम को 5 बजे बाद प्रदर्शन को जारी रखने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। पुलिस ने अपील की थी कि उन्हें जंतर-मंतर छोड़ देना चाहिए। दीपके ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर एक वीडियो जारी कर अपील की है कि रविवार सुबह 9 बजे सभी लोग जंतर-मंतर पर पहुंचें। उन्होंने कहा कि लोगों के समर्थन के बिना उनकी यह मुहिम सफल नहीं होगी। उन्होंने अपनी मांग को दोहराया कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ेगा वरना वे जंतर.मंतर से नहीं हटेंगे। इस दौरान जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए। वांगचुक ने घोषणा की कि यदि मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो वह 27 जून से अनशन शुरू करेंगे। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने दीपके के आह्वान पर ‘थाली और चम्मच’ बजाकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान पूरा प्रदर्शन स्थल ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ के नारों से गूंज उठा। दीपके ने कहा कि अगर थाली बजाने से कोरोना को भगाया जा सकता है, तो थाली बजाकर धर्मेंद्र प्रधान को भी भगाया जा सकता है। 

उधर मुंबई-वडोदरा राजमार्ग पर बदलापुर में तेज रफ्तार से आ रही एक कन्वर्टिबल बीएमडब्ल्यू कार डिवाइडर से टकरा गई। कार का बोनट नीचे किया गया था। भीषण कार हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा एक अन्य शख्स गंभीर रूप से घायल हो गया है। यह हादसा रविवार सुबह तड़के हुआ था, सड़क से उछलकर दूर जा गिरी कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे के मृतकों में बांद्रा की एक लड़की भी शामिल है। जानकारी के मुताबिक, यह घटना तब घटी जब तीनों रविवार को 24 वर्षीय योगेश नेगी का जन्मदिन मनाकर लौट रहे थे। कार के डैशबोर्ड का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें स्पीडोमीटर 251 किमी प्रति घंटे की रफ्तार दिख रहा था। पुलिस ये जांच कर रही है कि क्या सच में यह वीडियो उसी हादसाग्रस्त कार का है या नहीं। इस हादसे को लेकर बदलापुर पश्चिम पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक किशोर शिंदे ने बताया कि यह घटना तड़के करीब 3 बजे घटी हुई थी। योगेश नेगी, अंगद गिल और रेबेका जैकब सभी योगेश का जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे थे और तभी उन्होंने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। कार हवा में कई बार पलटी खाने के बाद जमीन पर गिर गई।

इधर यूपी के रामपुर में पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिखाई दे रही हैं। दरअसल, आजम खान के मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को आयकर विभाग की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान ट्रस्ट में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं पाई गई हैं। सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग ने ट्रस्ट से विभिन्न वित्तीय लेन-देन और खातों से संबंधित स्पष्टीकरण मांगा है। अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो ट्रस्ट का पंजीकरण निरस्त किए जाने की कार्रवाई भी की जा सकती है। आयकर विभाग कथित रूप से मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को मिली दान राशि, उसके उपयोग और वित्तीय रिकॉर्ड से जुड़े कागजात की भी गहन जांच कर रहा है। गौरतलब है कि इसी ट्रस्ट के तहत रामपुर में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी संचालित की जाती है। विश्वविद्यालय और ट्रस्ट पहले भी भूमि आवंटन, प्रशासनिक एवं कानूनी मामलों को लेकर विवादों में रहे हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी ट्रस्ट से जुड़े कई मामले सुनवाई में रह चुके हैं।

उधर दिल्ली हाई कोर्ट ने मुख्य न्यायाधीश और न्यायपालिका के खिलाफ सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे दुष्प्रचार तथा झूठी और अपमानजनक खबरों को 24 घंटे के भीतर हटाने का अल्टीमेटम दिया है। दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस तेजस करिया ने यह आदेश भारतीय बैडमिंटन संघ द्वारा दायर एक विशेष याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। संघ ने अपनी याचिका में बताया था कि कुछ समाचार रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ऐसी अफवाह फैलाई जा रही है कि न्यायपालिका के शीर्ष न्यायाधीशों ने लंदन में आयोजित एक बैडमिंटन चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि इस प्रकार की सामग्री न्यायपालिका और अन्य महत्वपूर्ण संस्थाओं को बदनाम करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। अदालत ने मेटा, गूगल, एक्स समेत सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को किसी भी प्रकार के अपमानजनक और भ्रामक कंटेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर फैलाई जा रही फर्जी खबरों को हटाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आदेश दिया है। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने आम जनता से भी अपील की कि कोई भी नागरिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या सर्च इंजन पर फर्जी सामग्री अपलोड न करे और न ही ऐसी किसी जानकारी को साझा करे जिसकी सत्यता की पुष्टि न हुई हो।

इधर अयोध्या में श्रीराम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के आरोपों वाले मामले में दाखिल जनहित याचिका पर आज 22 जून, सोमवार को सुनवाई संभावित है। याचिका में मामले की जांच सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने और चढ़ावे का ऑडिट नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) से कराने की मांग की गई है। सोमवार की वादसूची में न्यायमूर्ति पंकज भाटिया और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की ग्रीष्म अवकाश कालीन खंडपीठ के समक्ष पीआईएल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। याचिकाकर्ता अधिवक्ता मोहित अशोक ने बताया की वह सोमवार को इस अहम मामले की शीघ्र सुनवाई किए जाने का अनुरोध कोर्ट से करेगा। इसी 19 जून को समय की कमी के कारण अदालत इस पर सुनवाई नहीं कर सकी थी और अब इसपर 22 जून को सुनवाई हो सकती है। याचिका में अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे में आने वाले धन के कथित गबन की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने का अनुरोध किया गया है। इसके साथ ही कैग से पूरे मामले का ऑडिट कराए जाने की भी मांग की गई है। मामले में एसआईटी शनिवार देर रात अयोध्या से लखनऊ के लिए रवाना हो गई। सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट लगभग 140 पन्नों की तैयार की गई थी, जिसमें मामले से जुड़े विभिन्न तथ्यों और साक्ष्यों का विस्तृत उल्लेख किया गया है। हालांकि एसआईटी के करीब 20 सहयोगी सदस्य अभी भी राम जन्मभूमि परिसर में मौजूद हैं और जांच से जुड़ी सूचनाएं एकत्र कर प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में सीमा तलवार ने खुद को पुजारी बताने वाले राहुल थापा पर अंधविश्वास फैलाकर और परिवार को काला जादू व बुरी शक्तियों का भय दिखाकर दो लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी पर सेलाकुई और कैंट थाने में पहले ही मामले दर्ज हैं और सेलाकुई में 65 तोला सोना ठगने के मामले में वह जेल में बंद है। प्रेमनगर निवासी सीमा तलवार ने शिकायत में बताया कि राहुल थापा खुद को एक मंदिर का पुजारी बताता था और लोगों को धार्मिक अनुष्ठानों के नाम पर झांसे में लेने का काम करता था। आरोप है कि राहुल ने उनके परिवार को बताया कि उनके घर पर बुरा साया, काला जादू और नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव है। तत्काल विशेष पूजा और हवन नहीं कराया गया तो परिवार पर बड़ा संकट आ सकता है। डरकर परिवार ने राहुल थापा के कहने पर विशेष हवन और पूजा का आयोजन कराया। इस दौरान राहुल ने पूजा-अनुष्ठान के नाम पर कुल दो लाख रुपये नकद लिए। यह रकम 50-50 हजार रुपये के चार अलग-अलग लिफाफों में उसे सौंपी गई थी। सीमा तलवार ने बताया कि गत नौ जून की शाम उनके घर पर हवन कराया गया जिसमें राहुल थापा खुद मौजूद था। उसने विशेष रूप से किसी भी प्रकार की फोटो या वीडियो न बनाने की हिदायत दी थी। इससे परिवार को संदेह हुआ और उनकी पुत्री वैशाली ने पीछे और साइड से उसकी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लीं। बाद में सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों से परिवार को जानकारी मिली कि राहुल थापा पर पहले भी लोगों को झांसे में लेकर ठगी करने के आरोप लग चुके हैं और उसे पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और तस्वीरों में सीमा तलवार के परिवार ने राहुल थापा की पहचान की।

इधर हरिद्वार जिले के पिरान कलियर थाना क्षेत्र में कोल्ड ड्रिंक चोरी करने के आरोप में चार मासूम बच्चों को रस्सी से बांधकर डंडे से बेरहमी से पीटने और बंधक बनाकर प्रताड़ित करने वाले आरोपियों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
दरअसल, पिरान कलियर थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव में चार नाबालिग मासूमों को कोल्ड ड्रिंक चोरी के आरोप में तालिबानी सजा दी गई थी। इतना ही नहीं, पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। इस शर्मनाक घटना में मासूम बच्चों पर जिस तरीके से अत्याचार किया गया, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। वायरल वीडियो में बच्चों को रस्सी से बांधा हुआ था और उन्हें डरा-धमकाकर उनके साथ डंडे से मारपीट की जा रही थी। 

उधर उत्तराखंड में नीट.यूजी पुनर्परीक्षा रविवार को कड़ी और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। राज्यभर के 53 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित परीक्षा में करीब 21 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी केंद्रों पर विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। गढ़वाल मंडल में देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, नई टिहरी, पौड़ी, चमोली और उत्तरकाशी, जबकि कुमाऊं मंडल में हल्द्वानी, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, अल्मोड़ा, चंपावत, पिथौरागढ़ और पंतनगर में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा केंद्रों पर दोपहर साढ़े 11 बजे से ही अभ्यर्थियों की एंट्री शुरू हो गई थी। प्रवेश से पहले प्रत्येक अभ्यर्थी को फ्रिस्किंग, दस्तावेज सत्यापन, पंजीकरण और बायोमेट्रिक जांच की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। किसी भी तरह की अनियमितता और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और फेस आथेंटिकेशन को अनिवार्य किया गया था। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से निर्धारित ड्रेस कोड का सख्ती से पालन कराया गया। परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और जैमर लगाए गए थे, जबकि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई थी।