उत्तराखंड में अगले 6 दिन बारिश का कहर, 4 अगस्त तक भारी वर्षा का येलो अलर्ट,पहाड़ से मैदान तक सतर्क रहने की सलाह
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने राज्य के लिए 1 से 6 अगस्त तक का मौसम पूर्वानुमान जारी करते हुए अगले छह दिनों तक अधिकांश जिलों में बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने 4 अगस्त तक कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों से नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार, 1 अगस्त को देहरादून, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। अन्य पर्वतीय जिलों में तेज से अति तीव्र वर्षा के दौर चलने की संभावना है, जबकि हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। 2 अगस्त (रविवार) को देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल में भारी बारिश की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों में कई स्थानों पर तेज बारिश के दौर जारी रह सकते हैं, जबकि मैदानी इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होगी। इस दिन भी येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। 3 अगस्त (सोमवार) को मौसम और अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी तेज से अति तीव्र वर्षा हो सकती है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। 4 अगस्त (मंगलवार) को देहरादून, टिहरी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके साथ ही राज्य के अन्य पर्वतीय इलाकों में भी तेज बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इस दिन भी मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी रखा है। मौसम विभाग के अनुसार 5 और 6 अगस्त को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और बौछारें पड़ने की संभावना है। हालांकि इन दो दिनों में भारी बारिश की आशंका अपेक्षाकृत कम रहेगी, लेकिन स्थानीय स्तर पर मौसम तेजी से बदल सकता है। लगातार बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने, नदियों और बरसाती नालों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका जताई गई है। चारधाम यात्रा मार्गों और पर्वतीय सड़कों पर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय मानसून के कारण अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला रहेगा। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने, अनावश्यक यात्रा से बचने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।