उत्तराखण्ड में कुदरत का सितम: पहाड़ी से आए मलबे ने मकान किया जमींदोज! दो साल के मासूम समेत तीन लोग जिंदा दफन, गांव में पसरा मातम

Nature's fury in Uttarakhand: Debris from the hillside flattened a house! Three people, including a two-year-old child, were buried alive; mourning has engulfed the village.

कोटद्वार। पौड़ी जिले के द्वारीखाल ब्लॉक की ग्रामसभा महरगांव में मंगलवार सुबह भारी बारिश के दौरान पहाड़ी से अचानक मलबा आने से दर्दनाक हादसा हो गया। मलबे की चपेट में आने से मकान की ऊपरी मंजिल ढह गई और घर के अंदर मौजूद चार लोग मलबे में दब गए। हादसे में दो वर्षीय मासूम समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। ग्राम प्रधान अमित नेगी और राजस्व उपनिरीक्षक अमित कुमार के अनुसार, मंगलवार सुबह भारी बारिश के बीच पहाड़ी से अचानक मलबा आया। मलबे की चपेट में आने से महरगांव निवासी धीरेंद्र सिंह (48) के मकान की ऊपरी मंजिल भरभराकर ढह गई। उस समय घर में धीरेंद्र सिंह, उनकी 85 वर्षीय मां मथुरा देवी, भाभी विदेश्वरी देवी और उनकी भतीजी रजनी का दो वर्षीय बेटा रुद्रांश मौजूद थे। अचानक हुए हादसे से परिवार में चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, एसडीआरएफ और स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। रेस्क्यू टीम ने विदेश्वरी देवी को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद मलबे में दबे दो वर्षीय रुद्रांश और 85 वर्षीय मथुरा देवी के शव बरामद किए गए। कई घंटे तक चले अभियान के बाद देर शाम धीरेंद्र सिंह का शव भी मलबे से निकाल लिया गया। हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से गांव में मातम पसर गया। हादसे के वक्त धीरेंद्र की पत्नी विधाता देवी और उनका छोटा बेटा गौरव पास के दूसरे मकान में गए हुए थे, जिससे दोनों सुरक्षित बच गए। धीरेंद्र का बड़ा बेटा सौरभ कोटद्वार में रहकर कोर्स कर रहा है। वहीं, धीरेंद्र की भतीजी रजनी सोमवार को ही अपने ससुराल बंदूण से मायके पहुंची थी, लेकिन घटना के समय वह घर पर मौजूद नहीं थी। हादसे की सूचना मिलने पर पौड़ी की जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, एसडीएम रेखा आर्य, सतपुली के नायब तहसीलदार जाहिद हुसैन और लैंसडौन के नायब तहसीलदार विद्यानंद सेमवाल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लेकर राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी ली और प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। जिला प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत के रूप में प्रत्येक मृतक के लिए चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि दी गई। इसके अलावा क्षतिग्रस्त भवन के लिए दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। प्रशासन ने क्षेत्र में बारिश और भूस्खलन की स्थिति को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।