उत्तराखण्ड: हाईकोर्ट पहुंचा खटीमा वक्फ संपत्तियों में दुकान आवंटन रद्द करने का मामला! एफआईआर के आदेश को चुनौती, मनमाना फैसला लेने का लगाया आरोप
नैनीताल। खटीमा स्थित जामा मस्जिद और मदरसा रहमानिया वक्फ संख्या 137 व 138 से जुड़े दुकान आवंटन रद्द करने और एफआईआर दर्ज कराने के आदेश को उत्तराखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की पीठ के समक्ष नाजिमुल व अन्य की ओर से दायर इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि मामले में पहले से लंबित जनहित याचिका के तथ्यों को छिपाकर गलत तरीके से यह आदेश जारी कराया गया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि पूर्व में अधिशाषी अधिकारी द्वारा कोर्ट में दिए गए हलफनामे में किसी भी घोटाले से इनकार किया गया था, लेकिन तबादले के बाद नए अधिकारी ने तथ्य छिपाकर दर्ज शिकायत के आधार पर 30 जुलाई 2026 को दुकानों का आवंटन रद्द करने और एफआईआर के निर्देश जारी कर दिए। याचिका में दलील दी गई है कि वक्फ बोर्ड के नियमों के तहत एग्जीक्यूटिव ऑफिसर को सीधे एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार नहीं है। ऐसे निर्णय बोर्ड की बैठक में लिए जाने चाहिए। पूर्व कमेटी के अध्यक्ष व सचिव ने भी अपने कार्यकाल (वर्ष 2023 तक) के दौरान किसी भी प्रकार के वित्तीय दुरुपयोग से साफ इनकार किया है। याचिकाकर्ताओं ने अधिकारियों की इस कार्रवाई को गैर-कानूनी और मनमाना करार देते हुए 30 जुलाई 2026 के विवादित आदेश को रद्द करने तथा मामले में अंतरिम राहत प्रदान करने की गुहार लगाई है।