उत्तराखंड: NUJ के महासचिव ने सूचना विभाग से की निरस्त न्यूज़ पोर्टल्स को किसी भी दबाव में सूचीबद्ध न करने की मांग!
उत्तराखंड
नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स ने हाल में ही सूचना विभाग में हुई न्यूज पोर्टलों की सूचीबद्धता के बाद निविदा में असफल लोगों द्वारा उच्च स्तरीय दबाव बनाकर निरस्त पोर्टलों को सूचीबद्ध कराये जाने की स्थिति में किसी भी कारण से तकनीकी निविदा में बाहर हुए अन्य सभी पोर्टलों को सूचीबद्ध न किये जाने की मांग की है।
यूनियन के प्रदेश महासचिव सुनील मेहता की ओर से महानिदेशक सूचना को भेजे पत्र में कहा गया है कि सूचना विभाग द्वारा वेब पोर्टल की तकनीकी निविदा प्रक्रिया में पादरर्शी और निष्पक्ष होकर कार्य किया गया है। जिसमें तकनीकी रूप से अर्हता नहीं रखने वाले कई वेब पोर्टल बाहर हो गये थे। उन्होंने कहा कि जानकारी में आया है कि कुछ चुनिंदा वेब पोर्टल के स्वामी राज्यपाल एवं अन्य माननीयों से संबंध स्थापित कर बाहर हो चुके पोर्टलों के पंजीकरणों हेतु तकनीकी निविदा में उत्तीर्ण कराने का प्रयास कर रहे हैं और सूचना विभाग पर दबाव डाल रहे हैं।महासचिव सुनील मेहता ने कहा कि न्यूज़ पोर्टल्स की पहली सूचीबद्धता सूची के बाद अगर अब कोई वेब पोर्टल नियम विरूद्ध सूचीबद्ध किया जाएगा तो यह अन्य बाहर हुए वेब पोर्टल्स के लिए अन्याय होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी दबाव के चलते तकनीकी निविदा में नियम विरूद्ध किसी को उत्तीर्ण न किया जाये। अगर किन्हीं कारणों से ऐसे वेब पोर्टल्स को तकनीकी निविदा में उत्तीर्ण किया जाता है तो उन सभी वेब पोर्टल्स को भी उत्तीर्ण किया जाना चाहिए जो किन्हीं कारणों से तकनीकी निविदा से बाहर हो गए हैं।
आपको बता दें कि सूचना विभाग द्वारा जारी सूचीबद्ध न्यूज़ पोर्टल्स की लिस्ट सामने आने के बाद पत्रकारों को सूचना मिल रही है कि कुछ पत्रकार जिनका पोर्टल किसी कारणवश सूचीबद्ध नही हो पाया वो सूबे के नेताओ और उच्च स्तरीय अधिकारियों को उनके पोर्टल्स सूचीबद्ध करवाने की मांग कर रहे हैं। सूचना प्राप्त होने के बाद नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के महासचिव सुनील मेहता ने सूचना विभाग से ऐसे दबाव के चलते बाहर हुए पोर्टल्स को सूचीबद्ध न करने की मांग की है।
