सनसनीखेजः कुछ घंटे पहले जन्मी बच्ची की गला दबाकर हत्या! पोस्टमार्टम में गला दबाने की पुष्टि, मां-दादी से पूछताछ! CCTV खंगाल रही पुलिस
अशोकनगर। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिला अस्पताल से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती महज एक दिन की नवजात बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी गई। बच्ची के गले पर निशान और मुंह से खून निकलने की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। पोस्टमार्टम में प्रथम दृष्टया बच्ची की मौत गला दबाने से होने के संकेत मिले हैं। इसके बाद पुलिस ने हत्या के संदेह में जांच शुरू कर दी है। घटना के समय बच्ची के पास उसकी मां और दादी मौजूद थीं, जिसके चलते पुलिस की जांच का दायरा परिवार के लोगों तक भी पहुंच गया है। जानकारी के मुताबिक चंदेरी क्षेत्र के सकवारा गांव निवासी भावना, पत्नी केदार विश्वकर्मा ने शुक्रवार रात करीब 11ः30 बजे बच्ची को जन्म दिया था। प्रसव के बाद मां और नवजात को जिला अस्पताल के पीएनसी वार्ड में भर्ती कराया गया। बच्ची को रूटीन जांच के लिए करीब एक घंटे एसएनसीयू वार्ड में भी रखा गया था। जांच के बाद बच्ची को परिजनों के पास वापस भेज दिया गया। शनिवार दोपहर अचानक बच्ची की हालत बिगड़ने की सूचना सामने आई। परिजनों के मुताबिक शनिवार दोपहर करीब ढाई से तीन बजे के बीच बच्ची की मां की नींद खुली तो उसने नवजात के मुंह से खून निकलता देखा। उसने तत्काल अपनी सास को इसकी जानकारी दी। दादी बच्ची को लेकर डॉक्टरों के पास पहुंचीं। चिकित्सकों ने बच्ची की जांच की तो उसके गले पर काले और लाल निशान के साथ खरोंच के निशान दिखाई दिए। डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। नवजात के गले पर चोट के निशान और मुंह से खून निकलने की स्थिति ने अस्पताल के चिकित्सकों को भी हैरान कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गला दबाने से मौत के संकेत मिलने के बाद मामला और गंभीर हो गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना के वक्त बच्ची के आसपास उसकी मां भावना और दादी राजनबाई मौजूद थीं। बच्ची की मां ने पुलिस को बताया कि वह बच्ची के साथ सो रही थी, जबकि उसकी सास दूसरे पलंग पर बैठी थी। मां के अनुसार उसने बच्ची को दूध भी पिलाया था, जिसके कुछ देर बाद वह अचेत मिली। अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में घटना के वक्त कोई बाहरी व्यक्ति कैसे पहुंचा या बच्ची को किसने नुकसान पहुंचाया, यह फिलहाल पुलिस जांच का विषय है। पुलिस के अनुसार वार्ड के भीतर सीसीटीवी कैमरा नहीं है। ऐसे में अस्पताल के गलियारों, प्रवेश और निकास द्वार तथा आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि घटना के समय अस्पताल में आने-जाने वाले लोगों की जानकारी मिल सके।
बाहर से किसी के आने का सुराग नहीं
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि घटना के दौरान वार्ड में कौन-कौन लोग मौजूद थे। प्रारंभिक जांच में बाहर से किसी अज्ञात व्यक्ति के वार्ड में प्रवेश करने का कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला है। इसके चलते पुलिस मां और दादी समेत घटना के समय अस्पताल में मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना गया है। बच्ची की मौत की वास्तविक वजह और जिम्मेदार व्यक्ति का पता विस्तृत जांच, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही चलेगा। वहीं जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. बीएल टैगोर के मुताबिक नवजात बच्ची के गले पर निशान पाए गए थे और उसके मुंह से खून निकलने की बात सामने आई थी। पोस्टमार्टम में प्रथम दृष्टया गला दबाने से मौत के संकेत मिले हैं। उन्होंने बताया कि मामला सामान्य मौत का प्रतीत नहीं हो रहा है और पुलिस को इसकी सूचना दे दी गई है। वहीं, कोतवाली थाना प्रभारी रवि प्रताप सिंह के मुताबिक पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके साथ ही घटना के समय मौजूद लोगों से पूछताछ और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि विस्तृत जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।