Oct 01, 2026 Login

प्रेमानंद महाराज के आश्रम में बड़े बदलावः दीक्षा और टोकन दर्शन अनिश्चितकाल के लिए बंद! यमुना विहार कुंज में भी दर्शन पर रोक, सेवादारों की वेशभूषा में भी बदलाव

Major changes at Premanand Maharaj's ashram: Initiation and token-based *darshan* suspended indefinitely! *Darshan* at Yamuna Vihar Kunj also halted; changes made to the attire of *sevadars* (volunte

वृंदावन। संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के बाद केली कुंज आश्रम की व्यवस्थाओं में बड़े बदलाव किए गए हैं। आश्रम में फिलहाल दीक्षा कार्यक्रम और टोकन के जरिए होने वाले दर्शन को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। इसके अलावा यमुना विहार कुंज बेलवान स्थित आश्रम में दीक्षित भक्तों के लिए चल रही दर्शन व्यवस्था पर भी रोक लगा दी गई है। आश्रम में सेवा दे रहे सेवादारों ने माइक के जरिए भक्तों को नई व्यवस्था की जानकारी दी है। हालांकि, इन व्यवस्थाओं में बदलाव कब तक जारी रहेगा, इसे लेकर अभी कोई निश्चित समयसीमा सामने नहीं आई है। आश्रम की ओर से किए गए बदलावों में सबसे अहम फैसला दीक्षा कार्यक्रम को रोकने का है। केली कुंज आश्रम में नए भक्तों को दीक्षा देने की प्रक्रिया फिलहाल अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी गई है। आश्रम में मौजूद सेवादारों ने इसकी सूचना भक्तों को दी। ऐसे में जो श्रद्धालु दीक्षा लेने की तैयारी कर रहे थे, उन्हें फिलहाल इंतजार करना होगा। दीक्षा कार्यक्रम दोबारा कब शुरू होगा, इसकी जानकारी अभी नहीं दी गई है। केली कुंज आश्रम में होने वाले टोकन के जरिए दर्शन पर भी फिलहाल रोक लगा दी गई है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम की दर्शन व्यवस्था के तहत पहुंचते रहे हैं, ऐसे में टोकन व्यवस्था बंद होने से भक्तों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ेगा। अब पहले की तरह टोकन लेकर दर्शन करने की सुविधा फिलहाल उपलब्ध नहीं होगी। आश्रम से जुड़े बदलाव केवल केली कुंज तक सीमित नहीं हैं। यमुना विहार कुंज बेलवान स्थित आश्रम में दीक्षित भक्तों के लिए होने वाले दर्शन भी बंद कर दिए गए हैं। यानी नए भक्तों की दीक्षा और टोकन दर्शन पर रोक के साथ ही दीक्षित भक्तों के लिए उपलब्ध दर्शन व्यवस्था को भी फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। आश्रम की सेवा व्यवस्था में लगे सेवादारों की वेशभूषा में भी बदलाव देखने को मिला है। यह परिवर्तन भी ऐसे समय हुआ है, जब आश्रम से जुड़े शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत का मामला चर्चा में है। हालांकि, वेशभूषा में बदलाव के पीछे आश्रम प्रबंधन की ओर से विस्तृत कारण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।

शिष्य की मौत के बाद बदली आश्रम की व्यवस्था
दरअसल, प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के बाद आश्रम की व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है। दीपक लोधी मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। शुक्रवार सुबह करीब 10:36 बजे उनकी मौत हुई थी। पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में वह अपार्टमेंट की चौथी मंजिल की छत से नीचे गिरते हुए दिखाई दिए थे। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर गंभीर चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना से पहले कमरे में क्या परिस्थितियां थीं और आखिर वह चौथी मंजिल की छत तक कैसे पहुंचे। जांच के तहत अपार्टमेंट का डीवीआर, मोबाइल फोन और ब्लड सैंपल फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। पुलिस मोबाइल से डिलीट की गई तस्वीरों और चैट को भी खंगाल रही है, ताकि घटना से जुड़े संभावित कारणों का पता लगाया जा सके। शिष्य की मौत के मामले में बृज के साधु-संतों की ओर से भी उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है। मौत की परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग सवाल उठ रहे हैं और पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। फिलहाल आश्रम प्रबंधन की ओर से कैमरे के सामने इस पूरे मामले या नई व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सेवादारों ने माइक के जरिए भक्तों को बदलावों की जानकारी जरूर दी है। ऐसे में अभी सबसे स्पष्ट जानकारी दीक्षा, टोकन दर्शन और दीक्षित भक्तों के दर्शन को लेकर लागू की गई नई व्यवस्था से ही मिल रही है।

दीक्षा बंद, दर्शन बंद... भक्तों पर सीधा असर
नई व्यवस्था का सीधा असर आश्रम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं पर पड़ा है। जो भक्त दीक्षा लेने की योजना बना रहे थे, उन्हें अब अगली सूचना तक इंतजार करना होगा। टोकन के जरिए दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को भी फिलहाल यह सुविधा नहीं मिलेगी। वहीं, दीक्षित भक्तों के लिए यमुना विहार कुंज बेलवान में होने वाले दर्शन भी बंद कर दिए गए हैं। सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि दीक्षा कार्यक्रम कब शुरू होगा, टोकन दर्शन की व्यवस्था कब बहाल होगी और दीक्षित भक्तों को यमुना विहार कुंज बेलवान में दर्शन की अनुमति कब मिलेगी। इसके अलावा सेवादारों की बदली हुई वेशभूषा के पीछे क्या वजह है, इस पर भी आश्रम की ओर से विस्तृत जानकारी का इंतजार है। फिलहाल आश्रम पहुंचने वाले भक्तों के लिए पहले जैसी व्यवस्था नहीं है। इसलिए श्रद्धालुओं को नई सूचना और आश्रम की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार ही दर्शन या अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिए पहुंचना होगा।