वोट चोरी’ के आरोपों पर दिल्ली में सियासी संग्राम: राहुल गांधी समेत 10 विपक्षी नेता राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे, विजय चौक पर इंडिया गठबंधन का धरना
देश की राजधानी दिल्ली शुक्रवार को एक बार फिर बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की गवाह बनी। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित धांधली और 'वोट चोरी' के गंभीर आरोपों को लेकर 'इण्डिया' गठबंधन ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को सियासी हलचल तेज रही। इण्डिया गठबंधन के सांसदों ने संसद के सेंट्रल हॉल में जुटकर आगे की रणनीति पर चर्चा की। इसके बाद विपक्षी सांसद मार्च करते हुए विजय चौक पहुंचे और धरने पर बैठ गए। वहीं, राहुल गांधी के नेतृत्व में 10 विपक्षी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा और मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दों पर राष्ट्रपति का ध्यान आकर्षित किया। राष्ट्रपति भवन की ओर से शुक्रवार रात आठ बजे मुलाकात का समय निर्धारित किए जाने के बाद प्रतिनिधिमंडल के सदस्य राष्ट्रपति भवन पहुंचे। इसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, एमए बेबी, डी. राजा, समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय, सुप्रिया सुले, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा शामिल थे। इस बीच, रायसीना हिल्स क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मिलने पहुंचा, जबकि अन्य विपक्षी सांसद विजय चौक पर धरने के जरिए अपना विरोध दर्ज कराते रहे। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान पारदर्शिता नहीं बरती गई और कई स्थानों पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। विपक्ष इन मामलों की जांच और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग कर रहा है। चुनाव आयोग और भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास के मुताबिक, राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने की मांग की गई है। विपक्षी सांसद चाहते हैं कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर राष्ट्रपति हस्तक्षेप करें तथा संबंधित पक्षों की शिकायतों पर ध्यान दिया जाए। कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा के करीब 300 विपक्षी सांसद राष्ट्रपति से मिलना चाहते थे, लेकिन राष्ट्रपति भवन की ओर से केवल 10 प्रतिनिधियों को मुलाकात का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि सांसद अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों और राज्यों में SIR प्रक्रिया के दौरान सामने आई कथित अनियमितताओं की जानकारी राष्ट्रपति के सामने रखना चाहते हैं। संसद के सेंट्रल हॉल में इंडिया ब्लॉक के सांसदों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 14 अगस्त 1947 के ऐतिहासिक भाषण का उल्लेख किया। उन्होंने आजादी के समय व्यक्त की गई उम्मीदों और लोकतांत्रिक मूल्यों का संदर्भ देते हुए कहा कि देश के नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। राहुल गांधी ने गुजरात, हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि पिछले कुछ वर्षों में आए नतीजों को लेकर उनके मन में संदेह क्यों पैदा हुआ। उन्होंने कहा कि कथित अनियमितताओं से जुड़े सबूत सामने आने के बाद उन्हें मामले की गंभीरता का अहसास हुआ। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त से विपक्षी सांसदों के साथ मुलाकात करने की भी मांग की। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने आरोप लगाया कि मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विरोध कर रहे विपक्षी सांसदों को हाल के दिनों में हिरासत में लिया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने आंदोलन को लोकतांत्रिक सत्याग्रह बताते हुए कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को देशभर में उठा रहा है। समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की। वहीं, जॉन ब्रिटास ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई और परिवहन सेवाओं से जुड़ी पाबंदियों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। ब्रिटास के अनुसार, विपक्षी सांसद अपने निर्वाचन क्षेत्रों के दौरे के लिए दो दिन का विराम लेंगे। नागरिक समाज के अनुरोध पर 12 अक्टूबर को फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू करने की तैयारी की जा रही है। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों का जवाब मिलना चाहिए। दूसरी ओर, चुनाव आयोग और भाजपा इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं। ऐसे में विवाद का केंद्र मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया, उसकी पारदर्शिता और शिकायतों के निस्तारण का तरीका बना हुआ है। राष्ट्रपति से मुलाकात और विजय चौक पर धरने के जरिए विपक्ष ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश की है। अब आगे की राजनीतिक गतिविधियों के साथ यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विपक्ष की मांगों पर संबंधित संस्थाएं क्या कदम उठाती हैं और SIR से जुड़े विवादों पर किस तरह स्थिति स्पष्ट होती है।