Oct 10, 2026 Login
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उत्तराखंड:अब फिल्मों की शूटिंग के लिए मिलेगी सिंगल विंडो सिस्टम से अनुमति!उत्तराखंड की स्थानीय बोली में बनने वाली फिल्मों को मिलेगा 40 प्रतिशत अनुदान, केएमवीएन जीएमवीएन रेस्ट हाउस में ठहरने पर मिलेगी छूट!और क्या क्या मिलेंगे लाभ जानिए खबर के लिंक पर

Uttarakhand: Now permission will be given from single window system for shooting of films! Films made in local dialect of Uttarakhand will get 40 percent grant, discount will be available on staying

उत्तराखंड फिल्मों के लिए शूटिंग डेस्टिनेशन बन चुका है लेकिन यहां शूटिंग करने के लिए फ़िल्म निर्माताओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिसको लेकर राज्य सरकार नई फिल्म नीति 2022 में सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से कई प्रोत्साहन और वित्तीय सहायता देने जा रही है।इस नई नीति के लिए सरकार ने कई लोगो से सुझाव मांगे और प्रस्तावित ड्राफ्ट पर सिंगल विंडो सिस्टम को लागू किये जाने पर मुहर लगाई गई।
नीति शुरू करने के बाद सरकार ने आवेदन प्राप्त करने की तारीख से एक सप्ताह के भीतर एकल मंच (सिंगल विंडो) से अनुमति देने का निर्णय लिया है।
उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी नितिन उपाध्याय ने बताया कि उत्तराखंड फिल्म नीति 2022 का ड्राफ्ट लोगों के सुझाव के लिए विभागीय वेबसाइट http : // www.uttarainformation.gov.in पर प्रकाशित  किया गया था। 15 सितंबर तक कोई भी व्यक्ति नीति पर अपने सुझाव दे सकते हैं , जिसके बाद नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।नीति में फिल्मों को अनुदान,फिल्म पुरस्कार - सम्मान , उत्तराखंड बोलियों में बनने वाली फिल्मों एवं कलाकारों को प्रोत्साहन के अलावा शूटिंग की अनुमति के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था की जा रही है । चिकित्सा राजकीय महिला उत्तराखंड को फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन बनाने के लिए नई फिल्म नीति -2022 में सरकार कई प्रोत्साहन व वित्तीय सहायता देने जा रही है । नीति के प्रस्तावित ड्राफ्ट पर लोगों से सुझाव मांगे गए हैं । नीति में फिल्मों की शूटिंग के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को लागू किया जाएगा । इसके अलावा राज्य की गढ़वाली , कुमाऊंनी , जौनसारी बोलियों में बनने वाली फिल्मों पर 40 प्रतिशत अनुदान या अधिकतम दो करोड़ का अनुदान दिया जाएगा ।  

नई नीति के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में सिनेमाघरों व स्टूडियो में उपकरण खरीदने पर 25 प्रतिशत या अधिकतम 25 लाख का अनुदान मिल सकेगा।पर्वतीय क्षेत्रों में मोबाइल थियेटर वाहन खरीदने पर 15 लाख का अनुदान संस्थान के लिए 25 प्रतिशत या अधिकतम 50 लाख का अनुदान दिया जाएगा।
 " स्थानीय बोली में बनने वाली फिल्मों की शूटिंग के दौरान किए गए व्यय पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। स्थानीय व हिंदी में सर्वोत्तम फिल्म को 10 लाख का पुरस्कार दिया जाएगा। शूटिंग के दौरान फिल्म यूनिटों को जीएमवीएन व केएमवीएन के रेस्ट हाउस में ठहरने पर 90 प्रतिशत छूट दी जाएगी।