Oct 07, 2026 Login
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उत्तराखंड: नया स्कीइंग डेस्टिनेशन बना मुनस्यारी, पर्यटक उठा रहे लुत्फ, स्थानीय युवाओं को मिल रहा रोजगार

Uttarakhand: Munsiyari emerges as a new skiing destination, tourists are enjoying the slopes, and local youth are finding employment.

उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ हिमालय हिमनगरी मुनस्यारी में बर्फबारी के बाद यहां स्कीइंग गतिविधियों की शुरुआत से स्थानीय पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिल रहा है।  ऊंची चोटियों और ढलानदार पहाड़ियों के कारण मुनस्यारी स्कीइंग के लिए बेहद उपयुक्त माना जा रहा है। इन दिनों में पर्यटकों और साहसिक खेल प्रेमियों ने मुनस्यारी पहुंचकर स्कीइंग का आनंद लिया। स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर स्कीइंग से जोड़े जाने की पहल भी शुरू की गई है। मुनस्यारी उत्तराखंड का प्रमुख स्कीइंग डेस्टिनेशन बन सकता है। इससे होटल व्यवसाय,टैक्सी संचालन और स्थानीय उत्पादों की बिक्री को भी लाभ मिलेगा। 

स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कीइंग जैसी गतिविधियों से सर्दियों के मौसम में भी पर्यटक आएंगे, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। साथ ही युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार मिलेगा। प्राकृतिक सौंदर्य, पंचाचूली की बर्फीली चोटियां और रोमांचक खेलों का संगम मुनस्यारी को आने वाले समय में देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना सकता है, जिस तरह से औली की तरह पिथौरागढ़ जिले का मुनस्यारी में भी स्नो स्कीइंग के लिए स्थल हैं। अधिक बर्फबारी होने पर बेटुली धार,डांडाधार और खलिया टॉप में स्कीइंग होती है। यहां घूमने पहुंच रहे सैलानी स्कीइंग का आनंद उठा रहे हैं। बेटुली धार मुनस्यारी बाजार से लगभग सात किलोमीटर दूर थल-मुनस्यारी रोड पर स्थित है। औली की तरह यहां वर्षभर तो बर्फ नहीं रहती है, लेकिन सीजन में अधिक बर्फबारी होने पर दो से तीन फुट बर्फ जमा हो जाती है। दो फीट हिमपात होने पर बेटुली धार में स्कीइंग हो जाती है। अधिक स्नोफॉल होने पर डांडाधार भी स्नो स्कीइंग के लिए उपयुक्त स्थल है। इसके अलावा शीतकाल में खलिया टॉप में दो से पांच फीट तक हिमपात होता है। यह स्थल भी स्कीइंग के लिए अच्छा है। हिमनगरी मुनस्यारी में पिछले वर्षों तक कुमाऊं मंडल विकास निगम द्वारा स्थानीय युवाओं को स्कीइंग का प्रशिक्षण दिया जाता था। पर्यटक भी यहां पर स्कीइंग का आनंद उठाते रहे हैं। इस साल जोहार क्लब की ओर से स्कीइंग का प्रशिक्षण दिया गया। यहां आने वाले पर्यटक भी बेटुली धार जाकर स्कीइंग का जमकर लुत्फ उठा रहे हैं। कुछ वर्षों पहले तक नवंबर और दिसंबर माह से ही हिमपात शुरू हो जाता था।  बेटुली धार में तीन से चार फीट तक बर्फ रहती थी। हाल के वर्षों में मौसम में आए बदलाव के कारण अब कम या फिर देर से हिमपात हो रहा है। ऐसे में हर साल स्थानीय लोगों और पर्यटकों को स्नो स्कीइंग का मौका नहीं मिल पाता है। मौसम के मिजाज से साहसिक खेलों के शौकीनों को किसी साल निराश भी होना पड़ता है। मुनस्यारी के ट्रेकिंग टूर ऑपरेटर और स्कीइंग के प्रशिक्षक नरेंद्र कुमार कहते हैं कि मुनस्यारी पर्वतीय पर्यटन डेस्टिनेशन बन चुका है। यहां पर शीतकालीन खेलों की काफी संभावनाएं हैं। स्नो स्कीइंग के अलावा माउंटेनियरिंग, रॉक क्लाइंबिंग शामिल हैं। कम हिमपात के बावजूद बेटुलधार में स्नो स्कीइंग हो जाती है। खलिया में दो से पांच फीट तक स्नोफॉल होता है। यदि शासन-प्रशासन इस दिशा में प्रयास करे तो खलिया टॉप को स्नो स्कीइंग के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए भी तैयार किया जा सकता है। सरकार को यहां पर पर्यटन और साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए समय समय पर विभिन्न कार्य करने चाहिए, जिससे यहां पर पर्यटन और अधिक बढ़ावा मिल सके।