नैनीताल में ब्रिटिशकालीन ग्लेनमोर भवन में भीषण आग, लकड़ी से बने ऐतिहासिक ढांचे का बड़ा हिस्सा जलकर राख,पिछले साल भी अग्निकांड की भेंट चढ़ी थी नैनीताल की एक ऐतिहासिक इमारत

A massive fire engulfed the British-era Glenmore Building in Nainital, destroying a large portion of the historic wooden structure.

नैनीताल। नैनीताल में रविवार को एक ब्रिटिशकालीन भवन में भीषण आग लगने से शहर की ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल ग्लेनमोर भवन का बड़ा हिस्सा जलकर राख हो गया। यह भवन सात नम्बर क्षेत्र को जाने वाले मार्ग पर निशांत स्कूल और बोरा प्वाइंट के पास स्थित था और लंबे समय से आवासीय उपयोग में लिया जा रहा था।

दूर से ही आग का धुआं दिखाई देने पर लोगो ने इसकी सूचना फायर बिग्रेड को दी। आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची,और आग पर काबू पाने की कोशिश की।  

भवन का अधिकांश हिस्सा लकड़ी का बना होने के कारण आग तेजी से फैल गई।बताया जा रहा है कि भवन के एक हिस्से में कलक्ट्रेट से सेवानिवृत्त ललित मोहन तिवारी अपने परिवार के साथ रहते थे, जबकि दूसरे हिस्से में अनिल जोशी का निवास था। घटना के समय दोनों परिवार सुरक्षित थे। तिवारी परिवार उसी दिन बाहर से नैनीताल लौटा था, लेकिन आग में घर के अंदर रखा अधिकांश सामान जलकर नष्ट हो गया। 

बता दें कि नैनीताल में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान बड़ी संख्या में पत्थर और लकड़ी से बने कॉटेज, लॉज और बंगलों का निर्माण किया गया था, जिनकी वास्तुकला यूरोपीय शैली से प्रभावित थी।ये इमारत भी उन्हीं में से एक बताई जाती है।इसी प्रकार के कई भवन आज भी नैनीताल में देखने को मिलते हैं ,ऐसे भवनों में लकड़ी का अधिक उपयोग होने के कारण आग लगने की घटनाओं में भारी नुकसान होने की आशंका बनी रहती है।पिछले साल ही मोहन को चौराहे पर ब्रिटिश कालीन एक इमारत में दो बार आग लग गई जिसमें एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में मौजूद कई पुराने ब्रिटिशकालीन भवन जर्जर हो चुके हैं और उनमें अग्नि सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जिससे भविष्य में भी ऐसे हादसों की आशंका बनी रहती है। प्रशासन से इन ऐतिहासिक भवनों के संरक्षण और सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।