Oct 10, 2026 Login
Awaaz24x7-government

उत्तराखंड ब्रेकिंग: आयुष्मान योजना के तहत प्राइवेट अस्पतालों के लिए बदले गए नियम! अब इमरजेंसी इलाज होगा पहले औपचारिकताएं होंगी बाद में पूरी

Uttarakhand Breaking: Rules changed for private hospitals under Ayushman Yojana! Now Emergency treatment will be done first, formalities will be completed later

उत्तराखंड। आयुष्मान योजना के तहत उत्तराखंड के प्राइवेट अस्पतालों को गंभीर मरीजों का इमरजेंसी में इलाज शुरू करने के लिए अब स्वीकृति का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब अस्पतालों को मरीज के भर्ती होते ही इलाज शुरू करना होगा और अन्य औपचारिकताएं बाद में इलाज के साथ साथ चलती रहेंगी। लेकिन अब नए नियमो के तहत फर्जी क्लेम आदि रोकने के लिए प्राधिकरण ने नई व्यवस्था की है।

अब तक जो नियम लागू किये गए थे उसके अनुसार पांच लाख रुपये तक के निशुल्क इलाज की आयुष्मान योजना के तहत मरीज के भर्ती होने पर इलाज से पहले अस्पतालों को राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण से इजाजत लेनी पड़ती है, लेकिन इस वजह से इमरजेंसी में भर्ती होने वाले मरीजों के साथ परेशानी खड़ी हो रही है। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने पूर्व में भी इस संदर्भ में दिशा-निर्देश जारी किए थे, लेकिन इसके बाद भी प्राइवेट अस्पताल सुधर नहीं रहे हैं, और कई मरीज इलाज देरी से शुरू होने की शिकायत कर रहे हैं।

इसे देखते हुए प्राधिकरण ने फिर से सभी अस्पतालों को मरीजों का इमरजेंसी की स्थिति में तत्काल इलाज शुरू करने के निर्देश दिए हैं। 

प्राधिकरण के चेयरमैन डीके कोटिया ने मीडिया को बताया कि सभी अस्पतालो को इस संदर्भ में निर्देश दिए गए हैं कि आपात स्थिति में बिना स्वीकृति के ही इलाज शुरू कर दिया जाए। तीन लाख लोग निशुल्क इलाज की सुविधा से वंचित उत्तराखंड में आयुष्मान योजना के तहत तीन लाख के करीब लोगों के आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहे हैं।

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने इन लोगों को जोड़ने के लिए सरकार को कई प्रस्ताव दिए थे। लेकिन सरकार इस संदर्भ में कोई निर्णय नहीं ले पा रही है। पूर्व में सरकार ने शैक्षिक योग्यता के दस्तावेज शामिल करने पर विचार किया लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है। हालांकि राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ अरुणेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि राज्य सरकार जल्द ही इस संदर्भ में निर्णय लेगी।

राज्य स्वास्थ्य योजना के तहत आयुष्मान योजना से 236 अस्पताल जुड़े हुए हैं। इसमें से 102 अस्पताल सरकारी जबकि 134 प्राइवेट अस्पताल शामिल हैं। योजना के तहत अभी तक कुल 50 लाख लोगों के कार्ड बन चुके हैं। परिवार पहचान पत्र को इसके लिए दस्तावेज बनाने की योजना बनाई जा रही है। परिवार पहचान पत्र बनने के बाद ऐसे लोगों के कार्ड बनने की उम्मीद है।