युवाओं के सुनहरे भविष्य का आधार बनी धामी सरकार
देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का साढ़े चार साल का कार्यकाल प्रदेश के युवाओं के लिए आशा, विश्वास और अवसरों का प्रतीक बनकर उभरा है। सरकार की दूरदर्शी नीतियों और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के चलते राज्य में रोजगार के नए द्वार खुले हैं। अब तक साढ़े 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान कर धामी सरकार ने न केवल एक रिकॉर्ड बनाया है, बल्कि युवाओं के भविष्य को भी मजबूत आधार दिया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में सरकार ने औसतन हर महीने 518 युवाओं को सरकारी सेवा में स्थान दिया है। यह उपलब्धि बताती है कि सरकार का फोकस केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि ठोस परिणाम देने पर केंद्रित है। सरकारी नौकरी पाने वाले युवा न सिर्फ आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं, बल्कि राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी भी निभा रहे हैं। भर्ती प्रक्रियाओं में वर्षों से सक्रिय नकल माफिया पर लगाम लगाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फरवरी 2023 में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर ऐतिहासिक निर्णय लिया। इस कानून के लागू होने के बाद भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हुई है। जहां पहले भर्तियों को पूरा होने में दो से तीन साल लग जाते थे, वहीं अब औसतन एक साल के भीतर ही पूरी प्रक्रिया संपन्न हो रही है। इसका सीधा लाभ प्रदेश के मेहनती और मेधावी युवाओं को मिल रहा है।
पारदर्शी व्यवस्था का ही परिणाम है कि अब कई युवा एक साथ विभिन्न विभागों की परीक्षाओं में चयनित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने 4 जुलाई 2021 को पदभार संभाला था और अब तक उनका कार्यकाल 54 महीने का हो चुका है। इस अवधि में लोक सेवा आयोग, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और चिकित्सा सेवा चयन आयोग के माध्यम से रिकॉर्ड संख्या में नियुक्तियां की गई हैं। सरकार का लक्ष्य आगामी एक वर्ष में और अधिक पदों पर भर्तियां कर इस आंकड़े को और बढ़ाना है। धामी सरकार युवाओं को केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करा रही है। 9 नवंबर 2022 को शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना’ इसके सफल उदाहरणों में शामिल है। इस योजना के तहत आतिथ्य, नर्सिंग और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक 154 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें से 37 युवा जापान में रोजगार पाकर देवभूमि का नाम रोशन कर रहे हैं। जर्मनी के लिए भी युवाओं को तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मानना है कि सरकार युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना चाहती है। कौशल विकास और सब्सिडी आधारित ऋण योजनाओं के माध्यम से हजारों युवा आज ‘जॉब गिवर’ बनकर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए उनकी सरकार ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ निरंतर कार्य कर रही है, ताकि उत्तराखंड देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बन सके।