नैनीताल:उधम सिंह नगर में आपदा राहत अनाज घोटाला मामले में हाईकोर्ट सख्त,डीएम से मांगा व्यक्तिगत शपथ पत्र
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उधम सिंह नगर जनपद में वर्ष 2021 के दौरान आपदा पीड़ितों के लिए आवंटित सस्ता गल्ला अनाज के सड़ने के मामले को गंभीरता से लिया है। बिना वितरण और समुचित रखरखाव के 99 कुंतल से अधिक अनाज के खराब होने तथा इस प्रकरण में जिलाधिकारी द्वारा दोषियों से की जाने वाली रिकवरी को बाद में खाद्य आपूर्ति आयुक्त द्वारा माफ किए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई।
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी उधम सिंह नगर को व्यक्तिगत शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्हें अगली सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने को कहा गया है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 जनवरी 2026 की तिथि तय की है।
सुनवाई के दौरान न्यायालय में डिस्पैच रजिस्टर प्रस्तुत किया गया, जिसका अवलोकन करने के बाद खंडपीठ ने मामले से जुड़े अहम बिंदुओं पर सवाल उठाए। इन सवालों का संतोषजनक उत्तर न मिलने पर मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने जिलाधिकारी से व्यक्तिगत जवाब तलब किया।
जनहित याचिका में क्या है आरोप
हरिद्वार निवासी अभिजीत द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2021 में आपदा राहत के तहत वितरित किए जाने वाला 99 कुंतल से अधिक सस्ता गल्ला अनाज उचित भंडारण के अभाव में सड़कर पूरी तरह खराब हो गया। यह अनाज आपदा पीड़ितों के लिए आवंटित किया गया था।
याचिका के अनुसार, मामले की जांच के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी उधम सिंह नगर ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों से नुकसान की भरपाई के लिए रिकवरी के आदेश दिए थे। हालांकि बाद में खाद्य आपूर्ति आयुक्त द्वारा इन रिकवरी आदेशों को माफ कर दिया गया, जिस पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।
याचिकाकर्ता ने अदालत से सस्ता गल्ला वितरण में कथित घोटाले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और सरकारी नुकसान की वसूली सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि राशन के अलावा अन्य सरकारी धन का भी दुरुपयोग किया गया।