Good Morning India: ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप का यू-टर्न, टैरिफ की धमकी वापस ली! यहां अचानक उबलने लगा समुद्र का पानी! सबसे बड़े राज्य में एक साथ होगा ब्लैकआउट, बजेंगे सायरन! अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बोले- अब इनको हटाकर बनाएंगे सनातनी सरकार
नमस्कार दोस्तों, आवाज 24X7 अपना खास कॉलम "गुड मॉर्निंग इंडिया" लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आज ईडन गार्डन का दौरा करेगी ICC की टीम, सुरक्षा व्यवस्था का लेगी जायजा।
अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, 77वें गणतंत्र दिवस समारोह से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। इस बार दिल्ली पुलिस के अलर्ट पोस्टरों में पहली बार दिल्ली के एक आतंकी की तस्वीर शामिल की गई है। यह आतंकी मोहम्मद रेहान है, जो अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़ा बताया जा रहा है और दिल्ली पुलिस व खुफिया एजेंसियों को वांछित है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, खुफिया एजेंसियों से मिले कई आतंकी खतरे के इनपुट्स को देखते हुए कर्तव्य पथ और पूरे नई दिल्ली जिले में अत्याधुनिक तकनीक आधारित बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
इधर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी वापस ले ली है। ट्रंप ने साफ कहा कि अब वे डेनमार्क समेत किसी भी यूरोपीय देश पर ग्रीनलैंड के मुद्दे को लेकर कोई टैरिफ नहीं लगाएंगे। पहले ट्रंप ने संकेत दिया था कि अगर ग्रीनलैंड से जुड़ी उनकी बातों को नहीं माना गया तो वे यूरोप पर आर्थिक दबाव बना सकते हैं। लेकिन अब उन्होंने अपना रुख बदलते हुए कहा है कि वे ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे। ट्रंप ने बुधवार को सोशल मीडिया पर यह घोषणा की। इससे कुछ समय पहले उन्होंने स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में अपने भाषण में भी कहा था कि अब वे ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए सैन्य ताकत इस्तेमाल करने की बात से पीछे हट रहे हैं। हालांकि, ट्रंप ने साफ कहा कि उनका मकसद अब भी ग्रीनलैंड को हासिल करना है। उन्होंने कहा, 'मैं ग्रीनलैंड चाहता हूं, पूरा अधिकार, मालिकाना हक और नियंत्रण के साथ।' लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि वे इसके लिए बल प्रयोग नहीं करेंगे।
उधर यूपी में 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर ब्लैकआउट मॉकड्रिल होगी। प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक साथ ब्लैकआउट किया जाएगा। इस दौरान यह देखा जाएगा कि इमरजेंसी में दुश्मन देश के हमले से निपटने के लिए हम कितना तैयार हैं। जानकारी के अनुसार, शाम छह बजे से दो मिनट तक हवाई हमले की चेतावनी वाला सायरन बजेंगे। इस दौरान बिजली गुल कर दी जाएगी। यूपी के प्रमुख सचिव ने राज्य के डीजीपी, उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक, राहत आयुक्त समेत संबंधित अधिकारियों को मॉक ड्रिल की तैयारियों के लिए अनुरोध किया किया है।
इधर उत्तर प्रदेश के हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड में जेल की सजा काट चुका आरोपी यूसुफ पठान एक बार फिर संगीन अपराध में लिप्त पाया गया है। जमानत पर बाहर आने के बाद जबरन कार हड़पने के मामले में पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर उसका जुलूस भी निकाला गया। आरोपी यूसुफ पठान ने अपने परिचित इकबाल सिद्दीकी को चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और उससे 7 लाख रुपए की कार जबरन छीन ली। इतना ही नहीं कार की आरसी बुक भी अपने कब्जे में ले ली। इस कार की किश्त भी पीड़ित को भरना पड़ रहा है। आरोपी यूसुफ पठान लगातार उसे धमकाता रहा। शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दे रहा था। उसकी धमकियों डर कर पीड़ित ने पुलिस से संपर्क किया। सूरत के लिंबायत थाने में दर्ज शिकायत के आधार पर पुलिस ने रंगदारी और धमकी का केस दर्ज आरोपी को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान एक और खुलासा हुआ। आरोपी यूसुफ पठान ने गुजरात के महासागर जिले के लूनावाड़ा में सामने आए करीब साढ़े पांच करोड़ रुपए के साइबर फ्रॉड में भी शामिल है। पुलिस को यह भी शक है कि वह बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का हिस्सा है।
उधर गुजरात के तटवर्ती इलाकों में अचानक से समंदर के पानी में रहस्यमयी उबाल उठा जो चिंता का विषय बन गया है। समुद्र में उतरे मछुआरों ने इन खौफनाक बुलबुलों और तेज लहरों की तस्वीरें ली हैं और उसके वीडियो रिकॉर्ड किए हैं, जिसमें दिख रहा है कि समंदर का पानी किसी विशाल चूल्हे पर रखे बर्तन की तरह तेजी से खौल रहा है। इस रहस्यमयी घटना का पता चलते ही महाराष्ट्र के पालघर से लेकर गुजरात तक आपदा प्रबंधन विभागों को हाई अलर्ट पर डाल दिया गया है। इस रहस्यमयी घटना से अधिकारियों को डर है कि समंदर के नीचे किसी बड़ी पाइपलाइन में रिसाव हो सकता है या यह किसी अज्ञात भूगर्भीय हलचल या जहरीली गैस के रिसाव का संकेत भी हो सकता है।आपदा प्रबंधन विभाग ने मछुआरों कोसमुद्र के उस इलाके से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी है और विशेषज्ञों की एक विशेष टीम इस पूरी घटना की जांच में जुटी हुई है।
इधर भारतीय सर्राफा बाजार में एक ऐसा ऐतिहासिक मोड़ आया, जिसने निवेशकों और आम आदमी को हैरत में डाल दिया है। अंतरराष्ट्रीय दबाव और भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच, सोने की कीमतें ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर को छूने के लिए बेताब हैं, वहीं चांदी ने ₹3.34 लाख प्रति किलो का सर्वकालिक रिकॉर्ड तोड़ दिया है। भू-राजनीतिक तनाव और रुपये की कमजोरी के चलते निवेशकों का रुझान तेजी से बुलियन की ओर बढ़ा है, जिससे कीमतों में यह अभूतपूर्व उछाल आया है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी पैनिक बाइंग देखी जा रही है। जानकारों के मुताबिक, सोने ने पहली बार 4,800 डॉलर प्रति औंस का स्तर पार किया और 4,888.46 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। भू-राजनीतिक जोखिम और मैक्रो इकोनॉमिक अनिश्चितता को देखते हुए सोने की कीमतें अपनी रैली जारी रख सकती हैं और जल्द ही 5,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर को छू सकती हैं। निवेशक शेयर बाजार और करेंसी की अस्थिरता से बचने के लिए सोने और चांदी को सबसे सुरक्षित ठिकाना मान रहे हैं। जब तक भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता, कीमतों में नरमी की उम्मीद कम ही है।
उधर जगदगुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने माघ मेला क्षेत्र में “गौ प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा” निकाली। बुधवार को संतों के शिविर में जाकर गोमाता की रक्षा के लिए समर्थन मांगा। भ्रमण के बाद त्रिवेणी मार्ग स्थित शिविर के बाहर बैठकर उन्होंने संतों और श्रद्धाुलओं को संबोधित किया। कहा, गोमाता सनातन धर्म की प्राण हैं। उनकी हत्या रोकने के लिए कानून बनाने की मांग देश की बहुसंख्यक जनता कर रही है। जब कांग्रेस की सरकार थी तो हमने गोमाता की रक्षा के लिए कानून बनवान के लिए उनसे बात की थी। तब कांग्रेस सरकार ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। कानून न बनने पर जनता ने उन्हें नकार दिया। केंद्र और प्रदेश से उनकी सरकार चली गई। भाजपा की सरकार बनी तो जनता को आशा थी कि वो गोमाता की रक्षा का कानून बनाकर प्रभावी कदम उठाएंगे, लेकिन मंशा के अनुरूप कुछ नहीं किया गया। अब इनको भी नकारा जाएगा। इनके बाद किसी सनातनी सरकार को सत्ता पर लाकर गो माता की रक्षा के लिए कानून बनवाया जाएगा।
इधर बिहार की राजधानी पटना में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पटना के मसौढ़ी में कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग का एक सदस्य पुलिस के साथ एनकाउंटर में घायल हो गया है। जानकारी के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बिहार प्रभारी परमानंद यादव के पैर में गोली लगी है। एनकाउंटर में घायल आरोपी परमानंद यादव के ऊपर तीन दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।अंतर्राष्ट्रीय गिरोह लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कुख्यात अपराधी परमानंद यादव बुधवार की देर रात पटना के मसौढ़ी में पुलिस एनकाउंटर में घायल हो गया। परमानंद यादव के पैर में गोली लगी और वह जख्मी हो गया। उसे जख्मी हालत में इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में ऑडियो वायरल करने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर का मोबाइल फोन जांच के लिए चंडीगढ़ स्थित सेंट्रल फोरेंसिक लैब भेज दिया गया है। साथ ही वॉयस सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। अब एसआईटी ने आगे की जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि बीते सप्ताह उर्मिला सनावर ने कोर्ट पहुंचकर अपना मोबाइल फोन जमा करा दिया था और वॉयस सैंपल भी लिए गए थे। पूर्व विधायक ने भी कोर्ट में पेश होकर वॉयस सैंपल दिए थे। अब एसआईटी ने जांच के लिए मोबाइल फोन चंडीगढ़ स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला में भेज दिया है। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल का कहना है कि मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
इधर गृहमंत्री अमित शाह उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे पर हैं। उत्तराखंड दौरे के पहले दिन अमित शाह ऋषिकेश पहुंचे। यहां उन्होंने पहले ऋषिकेश में ‘कल्याण’ के शताब्दी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने ऋषिकेश में मोक्षदायिनी मां गंगा के दर्शन-पूजन किए। इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लिखा, शाश्वत, सनातन और अविरल मा गंगा हमारी संस्कृति के साथ-साथ सभ्यता और जीवन का मूल आधार हैं। माँ गंगा से सभी के कल्याण की कामना है। इसके साथ ही केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने ऋषिकेश के गीता भवन स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में पूजा-अर्चना कर भगवान विष्णु एवं मां लक्ष्मी से सभी की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।
उधर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट का फैसला पलटते हुए दो न्यायिक अधिकारियों को उत्तराखंड न्यायिक सेवा छोड़कर दिल्ली न्यायिक सेवा में शामिल होने की अनुमति दे दी है। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने स्पष्ट किया कि किसी अधिकारी को केवल इसलिए आगे बढ़ने से नहीं रोका जा सकता कि उनके जाने से राज्य में पद खाली हो जाएंगे। मामले के अनुसार अनुभूति गोयल और एक अन्य याचिकाकर्ता वर्तमान में उत्तराखंड में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के पद पर तैनात थे। उन्होंने उत्तराखंड में नियुक्ति से पहले ही दिल्ली न्यायिक सेवा परीक्षा-2023 के लिए आवेदन किया था। जब उन्होंने दिल्ली की मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में सफलता प्राप्त कर ली, तो उन्होंने उत्तराखंड उच्च न्यायालय से साक्षात्कार में शामिल होने की अनुमति मांगी थी। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 19 फरवरी 2025 को उनकी अर्जी खारिज कर दी थी, जिसके खिलाफ याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान उत्तराखंड हाईकोर्ट की ओर से दलील दी गई कि अधिकारियों के जाने से राज्य में जजों के पद रिक्त होंगे और लंबित मुकदमों पर इसका बुरा असर पड़ेगा, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज कर दिया।