Good Morning India: अमेरिकी विमान KC-135 इराक में क्रैश! अब बिना लाइसेंस नहीं बेच पाएंगे दूध, एडवाइजरी जारी! IEA की बड़ी चेतावनी, कहा- वेस्ट एशिया वॉर से क्रूड सप्लाई में आएगी इतिहास की सबसे बड़ी कमी! एलपीजी गैस को लेकर उत्तराखण्ड सदन में हंगामा

Good Morning India: American KC-135 aircraft crashes in Iraq! Milk cannot be sold without a license, advisory issued! IEA issues major warning, says West Asia war will cause the biggest crude oil sup

नमस्कार दोस्तों, आवाज 24X7 अपना खास कॉलम "गुड मॉर्निंग इंडिया" लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आज के प्रमुख कार्यक्रमों पर नजर डालते हैं, राहुल गांधी आज लखनऊ में कांशीराम जयंती कार्यक्रम में शामिल होंगे। वहीं सोनिया गांधी की नागरिकता से जुड़ी अर्जी पर आज सुनवाई होगी।

अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, इराक के पश्चिमी इलाके में अमेरिकी वायु सेना का एक KC-135 स्ट्रैटोटैंकर (एरियल रिफ्यूलिंग टैंकर) विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। यूएस सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि यह घटना "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" के दौरान "फ्रेंडली एयरस्पेस" में हुई, जिसमें दो विमान शामिल थे। एक विमान सुरक्षित उतर गया, जबकि दूसरा क्रैश हो गया। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी हैं, लेकिन अभी तक हताहतों या क्रैश के सटीक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह दुर्घटना दुश्मन या फ्रेंडली फायर की वजह से नहीं हुई। तेहरान में लगातार धमाके हो रहे हैं। ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर ईरान के ऊर्जा ठिकानों या बंदरगाहों पर हमला हुआ तो वह पूरे क्षेत्र के तेल और गैस भंडारों को "आग लगा" देगा। 

इधर देश के संसदीय इतिहास में पहली बार मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की कवायद शुरू हुई है। विपक्षी दलों के लगभग 200 सांसदों ने उनके खिलाफ निष्कासन प्रस्ताव लाने के लिए नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 सदस्य शामिल हैं। यह नोटिस शुक्रवार को संसद के किसी भी सदन में पेश किया जा सकता है। सात गंभीर आरोपों के साथ आइएनडीआइए एकजुट नोटिस पर हस्ताक्षर करने वालों में आइएनडीआइए के सभी घटक दलों के साथ-साथ आम आदमी पार्टी के सांसद भी शामिल हैं। विपक्षी नेताओं के अनुसार, ज्ञानेश कुमार पर सात गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें 'पक्षपातपूर्ण आचरण', 'चुनावी धोखाधड़ी की जांच में जानबूझकर बाधा डालना' और 'बड़े पैमाने पर मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करना' जैसे बिंदु प्रमुख हैं। विपक्ष ने विशेष रूप से 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआइआर) प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

उधर देशभर में दूध और डेरी उत्पादों में बढ़ती मिलावट की शिकायतों को देखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) ने दूध उत्पादन और उसकी बिक्री के लिए लाइसेंस अनिवार्य कर दिया है। अब कोई भी व्यक्ति या संस्था बिना उचित पंजीकरण या लाइसेंस के दूध का कारोबार नहीं कर सकेगी। डेरी सहकारी समितियों के सदस्यों को लाइसेंस नहीं लेना होगा यानी जो किसान या पशुपालक किसी रजिस्टर्ड सहकारी समिति से जुड़े हैं और उन्हें दूध देते हैं, उन्हें व्यक्तिगत रूप से अलग लाइसेंस लेने की आवश्यकता नहीं होगी। एफएसएसएआइ ने बताया कि कुछ दूध उत्पादक और दूध विक्रेता खुद को पंजीकृत किए बिना या लाइसेंस लिए बिना कारोबार कर रहे हैं। इसके लिए राज्य के खाद्य आायुक्तों से कहा गया है कि पंजीकरण-लाइसें¨सग की जरूरतों का सख्ती से पालन किया जाए।

इधर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आइईए) ने चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण वैश्विक तेल बाजार इतिहास के सबसे बड़े व्यवधान का सामना कर रहा है। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों के बाद सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 'होर्मुज जलडमरूमध्य' के बंद होने से स्थिति गंभीर हो गई है। आइईए के अनुसार, मार्च महीने में वैश्विक तेल आपूर्ति में 80 लाख बैरल प्रतिदिन की गिरावट आने की आशंका है, जो दुनिया की कुल मांग का लगभग आठ प्रतिशत है। उत्पादन में बड़ी कटौती और कीमतों में उछाल क्षेत्रीय तनाव के कारण सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत और इराक जैसे खाड़ी देशों ने अपने उत्पादन में कम से कम एक करोड़ बैरल प्रतिदिन की कटौती की है। आइईए ने स्पष्ट किया है कि यदि शिपिंग मार्ग जल्द नहीं खुले, तो यह संकट और गहरा सकता है। तेल क्षेत्रों की जटिलता और संसाधनों की कमी के कारण उत्पादन को पूर्व स्तर पर लाने में हफ्तों या महीनों का समय लग सकता है। इस अनिश्चितता का सीधा असर कीमतों पर दिखा है।

उधर पश्चिम एशिया इन दिनों बारूद के ढेर पर खड़ा है। पिछले दो हफ्तों से जारी भीषण सैन्य टकराव ने पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा को हिला कर रख दिया है। हालात तब और भड़क उठे जब ईरान ने खुलेआम चेतावनी दे डाली कि उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमला हुआ तो वह पूरे क्षेत्र के तेल और गैस ढांचे को आग के हवाले कर देगा। इस धमकी ने वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मचा दिया है और सप्लाई ठप पड़ने का डर और गहरा गया। इसी बढ़ते संकट के बीच अब अमेरिका ने अचानक रुख बदलते हुए दूसरे देशों को रूसी तेल खरीदने के लिए अस्थायी मंजूरी देने का फैसला किया है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने नोटिस जारी कर जानकारी दी कि 12 मार्च को सुबह 12.01 बजे या उससे पहले जहाजों पर लादे गए रूसी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों से संबंधित लेनदेन की अनुमति दी गई है, और यह आदेश 11 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा। यह फैसला उस समय आया है जब बीते 14 दिनों से अमेरिका और इस्राइल का ईरान पर जारी भीषण हमला और जवाबी कार्रवाई के रूप में ईरान की ओर से इस्राइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर की जा रही बमबारी ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है, जिसके चलते दुनियाभर में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।

इधर दिग्गज टेक कंपनी गूगल ने गुरुवार को अपने डिजिटल मैप प्लेटफॉर्म 'गूगल मैप्स' में बड़े बदलाव की घोषणा करते हुए कहा कि अब यह सर्विस लोगों को कहीं जाने की योजना बनाने और वहां पहुंचने का बेहतर तरीका बताने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का ज्यादा इस्तेमाल करेगी। गूगल की 'जेमिनी' टेक्नोलॉजी से ऑपरेट इस बदलाव के तहत मैप्स में दो नई एआई आधारित सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। दुनिया भर में 200 करोड़ से अधिक लोग इस सेवा का इस्तेमाल करते हैं। पहली सुविधा 'आस्क मैप्स' है, जो यूजर्स को बातचीत के अंदाज में सुझाव देगी। इसके जरिये यूजर्स मोबाइल चार्ज करने की नजदीकी जगह, कम भीड़ वाले कैफे या कई ठहराव वाली सड़क यात्रा के लिए विस्तृत यात्रा कार्यक्रम जैसी जानकारी पूछ सकेंगे। दूसरी नई सुविधा 'इमर्सिव नेविगेशन' है, जिसे गूगल ने मैप्स के ड्राइविंग निर्देशों में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव बताया है। यह सुविधा 3-डाइमेंशियल व्यू के जरिए यूजर्स को रास्ते की बेहतर समझ देगी।

उधर बिहार के रोहतास जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक अभ्यर्थी के एडमिट कार्ड में उसकी तस्वीर की जगह कुत्ते की तस्वीर लगा दी गई। इस अजीबोगरीब गलती के सामने आने के बाद अभ्यर्थी हैरान और परेशान है। वहीं, इस घटना ने भर्ती प्रक्रिया और ऑनलाइन आवेदन प्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, यह मामला रोहतास जिले के बिक्रमगंज थाना क्षेत्र के धवा गांव निवासी अभ्यर्थी रितेश कुमार से जुड़ा हुआ है। रितेश कुमार ने वर्ष 2022 में सिविल कोर्ट में चपरासी पद के लिए आवेदन किया था। लंबे इंतजार के बाद वर्ष 2026 में इस भर्ती परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी किया गया। लेकिन जब रितेश कुमार ने अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया तो उसमें एक बेहद अजीब गलती सामने आई।

अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, विधानसभा सत्र के चौथे दिन बृहस्पतिवार को सदन में एलपीजी आपूर्ति के मुद्दे पर हंगामा हुआ। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने पीठ से सरकार को एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। सदन में चर्चा न करने का आरोप लगा विपक्ष ने विरोध किया। इससे सदन की कार्यवाही 45 मिनट तक स्थगित रही। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने नियम 310 पर प्रदेश में गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी का मुद्दा उठाया। विस अध्यक्ष ने इस सूचना को नियम 58 में भोजनावकाश के बाद सुनने का विनिश्चय दिया। तीन बजे सत्र शुरू होने पर संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा, एलपीजी की आपूर्ति केंद्र सरकार का विषय है। लिहाजा इस पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वर्तमान में जिस तरह की परिस्थिति है, उससे केंद्र सरकार ने व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक लगाई है। घरेलू एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है।

इधर उत्तराखंड एसटीएफ और रुद्रपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने गैंगवार की साजिश रच रहे एक शूटर को दबोचा है। आरोपी के कब्जे से तीन अवैध तमंचे और 11 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस की मानें तो आरोपी दूसरे गैंग के लोगों की हत्या की फिराक में घूम रहा था, लेकिन एसटीएफ की सतर्कता से बड़ी वारदात होने से पहले ही उसे दबोच लिया गया। आरोपी की पहचान संदीप चौहान उर्फ सनिया पुत्र तेजपाल चौहान निवासी मलिक फार्म, डिबडिबा, बिलासपुर, जिला रामपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है, जिसकी उम्र करीब 26 साल बताई जा रही है। एसटीएफ की टीम को इनपुट मिला था कि संदीप चौहान अपने गैंग के साथ किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा है।