Good Morning India: आक्रामक हुआ ईरान, इजरायल के अराद पर भीषण मिसाइल अटैक! IDF ने पूरी दुनिया को किया आगाह!22 देशों ने की ईरान से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की अपील! मौसम को लेकर IMD का बड़ा अलर्ट, उत्तराखंड में एवलांच की चेतावनी

Good Morning India: Iran launches a massive missile attack on Arad, Israel! The IDF has warned the entire world! 22 countries have appealed to Iran to open the Strait of Hormuz! The IMD has issued a

नमस्कार दोस्तों, आवाज 24X7 अपना खास कॉलम "गुड मॉर्निंग इंडिया" लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आज के प्रमुख कार्यक्रमों पर नजर डालते हैं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन की तैयारियों का जायजा लेंगे। वहीं जयपुर में यूजीसी नियमों के विरोध में करणी सेना आज सांसदों के घरों का घेराव करेगी।

अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, ईरानी सैन्य कमांडर सैयद मजीद मुसावी ने एक्स पर एक पोस्ट में ईरान की ताकत दिखाने का ऐलान किया है। मुसावी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "इसी क्षण से, मैं अधिकृत क्षेत्रों के आकाश में ईरानी मिसाइल वर्चस्व की घोषणा करता हूं। आगामी हमलों में अपनाई जाने वाली नई रणनीति और प्रक्षेपण प्रणालियां अमेरिकी-जायोनी कमांडरों को अचंभित कर देंगी। आज रात, अधिकृत क्षेत्रों के दक्षिणी भाग का आकाश कई घंटों तक जगमगाता रहेगा।" बता दें कि इससे पहले शनिवार को ईरान ने 4000 किलोमीटर तक हमला करने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें डिएगो गार्सिया की तरफ दागी थीं, जिसके बाद से इजरायल और अमेरिका की नींद उड़ी हुई है। 

उधर दुनिया के 22 देशों ने शनिवार को ईरान से हमले रोकने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की अपील की है। संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया समेत इन देशों ने पश्चिम एशिया में कमर्शियल जहाजों के साथ तेल और गैस सुविधाओं पर ईरान के हमलों की निंदा भी की है। उन्होंने शनिवार को जारी एक संयुक्त बयान में कहा, '' ईरान की इन कार्रवाइयों का असर दुनिया के हर हिस्से के लोगों, खासकर सबसे कमजोर तबके पर पड़ेगा।'' इन देशों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावट से जुड़े व्यापक आर्थिक जोखिमों पर भी जोर दिया है। 22 देशों के संयुक्त बयान में ईरान के उन कदमों की निंदा की गई है, जिन्हें कमर्शियल शिपिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ बताया गया है। इन देशों ने कहा, "हम खाड़ी में बिना हथियारों वाले कमर्शियल जहाजों पर ईरान के हमलों, तेल और गैस प्लांट समेत आम लोगों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों और ईरानी सेना द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की कड़ी से कड़ी निंदा करते हैं।" इन देशों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते समुद्री आवाजाही को स्थिर करने के लिए मिलकर काम करने की इच्छा भी जताई। 

इधर केरल के कोच्चि शहर के वदुथला से सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां शनिवार को किराये के एक मकान में तीन बच्चों सहित पांच लोग मृत मिले। एक ही घर में 5 लोगों की लाश देखकर इलाके में हड़कंप मच गया। मृतकों की पहचान श्रीकुमारी, उनकी बेटी अश्वथी नायर, उनके दो पोते और दो वर्षीय पोती के रूप में हुई है। वे तिरुवनंतपुरम के विलाप्पिलसाला के मूल निवासी थे और वदुथला में करसका रोड पर एक किराए के मकान में रह रहे थे। पुलिस को संदेह है कि श्रीकुमारी और अश्वथी ने फांसी लगाने से पहले बच्चों को जहर दिया।

उधर मौसम के तल्ख तेवर डरा रहे हैं, आईएमडी के ताजा अपडेट के अनुसार पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा। इन राज्यों में 22–23 मार्च के बीच हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश के साथ गरज-चमक, वज्रपात और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। इस दौरान तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज होने की संभावना है, जिससे हल्की ठंड बढ़ेगी, लेकिन इसके बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होने के साथ तापमान में फिर बढ़ोतरी शुरू हो सकती है।

इधर अफगानिस्तान में शनिवार देर रात 4.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। यह जानकारी नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने दी है। एजेंसी के अनुसार, यह भूकंप रात 10:43 बजे (भारतीय समयानुसार) आया और इसकी गहराई करीब 82 किलोमीटर दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र देश के उत्तरी-पूर्वी हिस्से में स्थित था। इससे पहले शनिवार सुबह भी 4.5 तीव्रता का एक और भूकंप आया था। उस झटके की गहराई लगभग 130 किलोमीटर बताई गई थी। लगातार आ रहे झटकों से क्षेत्र में सतर्कता बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के अनुसार, अफगानिस्तान भूकंप, भूस्खलन और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति बेहद संवेदनशील है। लंबे समय से संघर्ष और सीमित संसाधनों के कारण यहां की आबादी इन आपदाओं से उबरने में कठिनाइयों का सामना करती है।

उधर ईरान और अमेरिका-इजरायल के युद्ध का आज रविवार को 23वां दिन है और यह जंग अब और भीषण हो गई है। Iran ने Israel के मेन न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर के पास 2 इलाकों पर हमला किया है, जिसमें कई लोग जख्मी हो गए हैं। यह हमला साउथ इजरायली शहर अराद के पास हुआ, जो प्रमुख न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर के पास स्थित है। हमले के बाद इजरायल की रेस्क्यू सर्विस तुरंत मौके पर पहुंचीं और लोगों को अस्पताल पहुंचाना शुरू किया। इस अटैक में कई इमारतों को भी भारी नुकसान हुआ है। मौके पर दर्जनों फायर ब्रिगेड कर्मी और पुलिसकर्मी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे नजर आए। इससे पहले बीते शनिवार को ईरान ने चेतावनी दी थी कि वह इजरायल के न्यूक्लियर प्रोग्राम को निशाना बनाएगा और उसने अब ऐसा ही किया। यह वॉर्निंग इजरायल की तरफ से ईरान के नतांज परमाणु संवर्धन केंद्र पर किए गए अटैक के जवाब में थी। अराद के पास हुए इस ताजा हमले के बाद मध्य-पूर्व एशिया में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है।

अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर के जिलाधिकारियों को राज्य में बर्फबारी, हिमस्खलन की संभावना को देखते हुए सावधानी बरतने के संबंध में एक पत्र भेजा है। भेजे गए पत्र में कहा गया है कि रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान ने शुक्रवार की शाम पांच बजे से शनिवार शाम पांच बजे तक के लिए एक पूर्वानुमान जारी किया है। इसमें राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फवारी, हिमस्खलन की संभावना व्यक्त की गयी है।

इधर पिथौरागढ़ के सड़क सुविधा से वंचित धारचूला के कनार गांव में प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती को डोली से 16 किलोमीटर दूर बरम पहुंचाया। खराब मौसम में उबड़-खाबड़ रास्ते से यह दूरी तय करने में युवाओं को पांच घंटे से अधिक का समय लग गया। जानकारी के अनुसार कनार गांव निवासी गणेश सिंह की पत्नी हेमा देवी 24 वर्ष को प्रसव पीड़ा हुई। लगातार बारिश के कारण घरों से बाहर निकलना आसान नहीं था। इसके बावजूद युवाओं ने हेमा देवी को प्रसव के लिए एएनएम सेंटर बरम ले जाने का निर्णय लिया। युवाओं ने हेमा देवी के लिए एक डोली तैयार की। इसके बाद चार युवा डोली को कंधों पर उठाकर बरम के लिए रवाना हुए। लगातार हो रही बारिश और ऊंची चोटियों पर हिमपात से ठंड काफी थी। फिसलन भरे रास्ते में ढलान में काफी संभलकर चलना पड़ता है। हेमा देवी को एनएनएम सेंटर में भर्ती किया गया, जहां पर उसका सुरक्षित प्रसव किया गया। बरम से लेकर बंगापानी तक ऐलोपैथिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। बरम में भी उपचार के लिए आयुर्वेदिक अस्पताल ही है। विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होने से अधिकांश मामलों में प्रसव के लिए गर्भवतियों को 100 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल ले जाना पड़ता है।