Good Morning India: सीजेपी का प्रोटेस्ट आज, दिल्ली छावनी में तब्दील, ट्रेन कैंसिल-मेट्रो स्टेशन बंद, इंटरनेट भी सस्पेंड! भूकंप के झटकों से हिली पनामा की धरती, 7.7 रही तीव्रता! दिल्ली में CJP के प्रदर्शन को लेकर यूपी में भी अलर्ट
नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम ‘गुड मॉर्निंग इंडिया’ लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आईए आज के प्रमुख कार्यक्रमों पर नजर डालते हैं, आज कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली में प्रदर्शन करने का एलान किया है।
अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का आज प्रोटेस्ट होने जा रहा है। हालांकि दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट की इजाजत नहीं दी है, बावजूद इसके CJP नेताओं ने प्रोटेस्ट का ऐलान किया है जिसे देखते हुए दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले की किलेबंदी कर दी है। पूरी राजधानी में 26 हजार से ज्यादा पुलिस और पैरा मिलिट्री के जवानों को तैनात किया गया है। नई दिल्ली जिले में 300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पुलिसकर्मी बॉडी वॉर्मर कैमरों से लैस हैं। साथ ही जंतर-मंतर के 4 किलोमीटर की दायरे में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। 45 मेट्रो स्टेशन पर एंट्री एग्जिट की सुविधा बंद है। दिल्ली आने वाले सभी रास्तों पर पुलिस एक-एक शख्स की जांच कर रही है। दिल्ली में जगह-जगह लाउडस्पीकर लगाए गए हैं और अनाउंसमेंट के जरिए लोगों को बताया जा रहा है कि आज के प्रदर्शन को परमिशन नहीं दी गई है। अनाउंसमेंट में लोगों से अपील की जा रही है कि वे विरोध के लिए इकट्ठा न हों, नारे न लगाएं और पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान न पहुंचाएं।
इधर पनामा की धरती भूकंप के शक्तिशाली झटकों से हिल उठी। दक्षिणी पनामा में 7.7 और 6.6 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए। इसके बाद कई आफ्टरशॉक्स आए। इससे लोगों में हड़कंप मच गया। लोग घरों से बाहर निकल पड़े। कई इमारतों को नुकसान होने की खबर है। USGS के मुताबिक पहला और अधिक शक्तिशाली भूकंप हेर्रेरा प्रांत में पितालोसा अरिबा के दुर्गम इलाके से करीब 10 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में आया। इसकी गहराई जमीन से लगभग 10 किलोमीटर नीचे थी। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.7 मापी गई। भूकंप के बाद कई आफ्टरशॉक भी आए। इनमें 5.8, 5.5 और 5.2 तीव्रता के झटके शामिल थे। पनामा विश्वविद्यालय के भूकंप विज्ञानियों ने 45 से अधिक आफ्टरशॉक दर्ज किए। हलांकि इनमें से कई भूकंप के झटके इतने कमजोर थे कि लोगों को महसूस नहीं हुए। भूकंप के इन झटकों से कई इमारतों को नुकसान पहुंचने की खबर है। सड़कों पर बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। हालांकि अभी तक किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने कहा कि अधिकारियों को अब तक किसी की मौत की जानकारी नहीं मिली है। भूकंप के बाद कई इलाकों में दहशत फैल गई और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया। भूकंप से प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
उधर राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट से पहले दिल्ली पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए सभी 15 जिलों में आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को हिरासत में ले लिया गया है। दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हर जिले से करीब 30 से 40 आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को पकड़ा गया है। वहीं कुछ लोगों के घरों के बाहर निगरानी भी रखी जा रही है। CJP के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है। प्रदर्शन में लोगों को जुटाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। जानकारी के मुताबिक पुलिस ऐसे लोगों के घरों के बाहर निगरानी रख रही है, जो दूसरों को CJP के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रभावित कर सकते हैं। दिल्ली पुलिस के सभी 15 जिलों में ऐसे लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
इधर अमेरिका में फोर्ट हूड सैन्य अड्डे पर 2009 में गोलीबारी करने वाले निदाल मलिक हसन को अब फायरिंग स्क्वॉड यानी गोली मारकर मौत की सजा दी जाएगी। पेंटागन ने गुरुवार को बताया कि इस पूरी प्रक्रिया का लाइव प्रसारण किया जाएगा। अमेरिकी सेना के मुताबिक, हसन को 3 दिसंबर को टेक्सास के फोर्ट हूड में सजा दी जाएगी। इस मामले ने अमेरिका में मौत की सजा देने के तरीकों, सरकारी पारदर्शिता और सार्वजनिक रूप से फांसी दिखाने की नैतिकता पर नई बहस छेड़ दी है। निदाल मलिक हसन अमेरिकी सेना में मेजर और मनोचिकित्सक था। 5 नवंबर 2009 को वह टेक्सास के फोर्ट हूड सैन्य अड्डे पर एक मेडिकल बिल्डिंग में घुसा, जहां सैनिक वैक्सीनेशन और तैनाती से पहले जरूरी मेडिकल जांच के लिए कतार में खड़े थे। हसन ने वहां गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमले में 13 लोगों की मौत हुई और 32 अन्य घायल हो गए। उसने भाग रहे सैनिकों पर भी पीछे से गोलियां चलाई थीं। इस मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अब उसे सैन्य अदालत के फैसले के तहत मौत की सजा दी जानी है।
उधर विपक्ष के प्रतिनिधिमंडल लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में आज (शुक्रवार को) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। विपक्ष के सांसद, CEC ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर राष्ट्रपति से मुलाकात करने सेंट्रल हॉल से सीधे राष्ट्रपति भवन गए थे। जब ये मुलाकात हो रही थी, तब तमाम विपक्षी सांसद विजय चौक पर धरने पर बैठे थे। राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान, विपक्ष के प्रतिनिधिमंडल ने वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर बात की। महामहिम से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि मुझे उम्मीद नहीं थी लेकिन राष्ट्रपति ने वोट चोरी पर हमारी बातों को सुना और वोट चोरी की बात को नहीं नकारा। राष्ट्रपति ने हमसे पूछा कि आप साबित कैसे करेंगे तो हमने उनसे कहा कि विपक्ष का यही प्रतिनिधिमंडल उन्हें सबूत लाकर देगा। वहीं, मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हमने EVM को हटाने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की। राहुल गांधी ने ये भी कहा कि 12 अक्टूबर यानी आगामी सोमवार को यही प्रतिनिधिमंडल सीजेआई के पास मेमोरेंडम लेकर जाएगा।
इधर दिल्ली में शनिवार को काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के होने वाले प्रदर्शन को लेकर उत्तर प्रदेश में अलर्ट रखा गया है। साथ ही राज्य के 20 जिलों से 500 से अधिक महिला पुलिस कर्मियों को दिल्ली में सुरक्षा के लिए भेजा गया है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने लगातार बढ़ रहे प्रदर्शन के मामलों को लेकर इंटरनेट मीडिया पर भी निगरानी बढ़ा दी है। इंटरनेट मीडिया के विभिन्न खातों पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों की आन लाइन गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। सीजीपी ने वोट चोरी के विपक्ष के मुद्दे को लेकर रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की घोषणा की है। इसके मद्देनजर मुजफ्फरनगर, बागपत, हापुड़, सहारनपुर,मेरठ, बुलंदशहर, अमरोहा, शामली, मथुरा, मैनपुरी, बिजनौर,अलीगढ़, एटा, हाथरस,बरेली, फिरोजाबाद, संभल, कासगंज, मुरादाबाद और रामपुर जिले से भी दो हजार से ज्यादा पुलिस कर्मियों को दिल्ली सीमा पर सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है।
उधर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे गोवा के 18 यात्रियों को इटारसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतारे जाने का मामला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंच गया है। हाई कोर्ट में शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश अल्पेश कोगजे व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने पुलिस कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाते हुए नर्मदापुरम एसपी को निर्देश दिया है कि हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को अदालत के समक्ष पेश किया जाए या उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रकरण की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी।
अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, दिल्ली में प्रस्तावित सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के चलते मुरादाबाद मंडल के देहरादून और हरिद्वार से संचालित होने वाली छह ट्रेन 10 अक्टूबर को रद की गयी है। सीनियर डीसीएम महेश यादव ने बताया कि इनमें देहरादून-नई दिल्ली और नई दिल्ली- देहरादून जनशताब्दी के अलावा हरिद्वार-दिल्ली और दिल्ली- हरिद्वार के बीच संचालित चार पैसेंजर ट्रेन शामिल है।
इधर पौड़ी गढ़वाल के खंडाह क्षेत्र के बछेली गांव में गुलदार ने एक महिला को मार दिया। महिला का शव घटनास्थल से करीब 15 मीटर दूर मिला है। घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना है। ग्रामीणों ने घटनास्थल पर वन विभाग के खिलाफ कड़े शब्दों में नाराजगी जताई। उन्होंने पहले शव नहीं उठाने की बात कही। लेकिन बात में आपसी सहमति पर शव को घर पर लाया गया। शनिवार को अग्रिम कार्यवाही की जाएगी। ग्रामीणों ने गुलदार को आदमखोर घोषित कर मारने की मांग की है। क्षेत्र में बीते लंबे समय से गुलदार सक्रिय हो रखा है। शुक्रवार को शाम करीब पांच को पौड़ी गढ़वाल वन प्रभाग के नागदेव रेंज के अंतर्गत बछेली गांव की 48 वर्षीय बीना देवी पत्नी स्व. बालमुकुंद सिंह रावत अपने घर के समीप खेत में घास काट रहीं थीं। वहीं, कुछ दूरी पर अन्य तीन लोग भी घास काट रहे थे, जिसमें पति-पत्नी नीचे के खेत और एक अन्य महिला ऊपरी क्षेत्र में थीं। वहीं, बीना देवी मध्य खेत में घास काट रहीं थीं। इसी दौरान दौरान झाड़ियों में छिपे गुलदार ने महिला पर हमला कर दिया।