Good Morning India: फ्रांस में गृहयुद्ध जैसे हालात, नियंत्रण से बाहर हुआ छात्र आंदोलन! एशियन गेम्स में 21 गोल्ड मेडल के साथ भारत ने चौथे स्थान पर किया कब्जा! वीकेंड पर शिमला-मनाली से लेकर नैनीताल तक महाजाम! उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक आज चंपावत में
नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम ‘गुड मॉर्निंग इंडिया’ लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आईए आज के प्रमुख कार्यक्रमों पर नजर डालते हैं, जापान के आइची नगोया में आज एशियन गेम्स का समापन समारोह होगा। वहीं गृहमंत्री अमित शाह दो राज्यों के दौरे पर रहेंगे।
अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, इंडोनेशिया की धरती रविवार सुबह भूकंप के झटकों से हिल उठी। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.2 मापी गई। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने बताया कि भूकंप के झटके सुबह 5 बजकर 7 मिनट पर महसूस किए गए। इसकी गहराई जमीन से 10 किमी नीचे थी। सुबह के समय जिस वक्त भूकंप आया उस वक्त अधिकांश लोग अपने घरों में ही थे। भूकंप का तेज झटकों से लोगों में हड़कंप मच गया और लोग अपने घरों से बाहर की ओर निकल भागे। चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। बता दें कि इंडोनेशिाय भूकंप के लिहाज से काफी संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है।
इधर एशियन गेम्स 2026 के आखिरी दिन भारत के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए 5 गोल्ड मेडल जीतकर बड़ा धमाका किया है। इस बेहतरीन खेल के दम पर भारत मेडल टैली में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। भारत के खाते में कुल 85 पदक दर्ज हो चुके हैं, जिनमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। यह ऐतिहासिक प्रदर्शन दिखाता है कि भारतीय एथलीटों ने लगभग हर खेल में अपना परचम लहराया है। एशियन गेम्स के आखिरी दिन भारत को पहला गोल्ड मेडल तीरंदाजी में मिला, जहां कुमकुम मोहोद ने महिलाओं की रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। इसके बाद गोल्फ में प्रणवी उर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले में भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलाया। इतना ही नहीं, उन्होंने महिला टीम के साथ मिलकर सिल्वर मेडल भी देश की झोली में डाला।
उधर फ्रांस के विभिन्न शहरों में फैल चुका छात्रों का उग्र आंदोलन अब नियंत्रण के बाहर हो गया है। हिंसा पर उतारू छात्रों के आगे पुलिस बेबस नजर आ रही है। इस बात की पुष्टि खुद पेरिस के पुलिस प्रमुख ने शनिवार को की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण रास्ते पर लौटने की अपील करने के साथ चेतावनी दी कि हालात काबू में न आने पर प्रशासन हिंसा और अराजकता के प्रति सख्त रुख अपनायेगा। शुक्रवार को भी दंगा पुलिस देश भर में आंदोलित छात्रों से जूझती रही थी। छात्र जगह जगह आगजनी और तोड़फोड़ करते नजर आए। छात्र संगठनों ने शिक्षकों से भी हड़ताल में कूदने का आह्वान किया है। सोमवार से अब तक हिंसा व आगजनी के आरोप में पांच हजार से अधिक लोग, जिनमें ज्यादातर किशोर शामिल हैं, गिरफ्तार किए गए हैं। सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। राष्ट्रीय पुलिस की प्रवक्ता अगाथ फोकाल्ट ने शनिवार को बताया कि संघर्ष में 600 से अधिक पुलिस कर्मी व अधिकारी भी घायल हुए हैं। शिक्षकों और आम जनता पर हमले हुए हैं, जबकि करोड़ों रुपये की संपत्ति नष्ट हुई है।
इधर एसआईआर प्रक्रिया के विरोध में फिर रविवार को इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक नागरिक मार्च निकाला जाएगा। मार्च का आयोजन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के नेतृत्व में किया जा रहा है। मार्च दोपहर तीन बजे इंडिया गेट से शुरू होगा और जंतर-मंतर की ओर जाएगा। मार्च में सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र संगठन के सदस्य शामिल होंगे। आयोजकों के अनुसार, मार्च के जरिए चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखी जाएंगी। मार्च को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा सकती है। वहीं इंडियन यूथ कांग्रेस (आईवाईसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने दिल्ली पुलिस के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें करीब 100 से 150 लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देने से इन्कार किया गया था। आईवाईसी की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि शांतिपूर्ण सभा को नियंत्रित करने वाले नियमों का इस्तेमाल प्रदर्शन को पूरी तरह रोकने के लिए नहीं किया जा सकता।
उधर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार देर रात फ्लाईदुबई फ्लाइट के हीरो भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बात की। इस दौरान कैप्टन स्मित मच्छार ने 30 सितम्बर को कॉकपिट के अंदर बीते खौफनाक पलों बारे में बताया जब ओमान के उनके को-पायलट ने उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था। कैप्टन स्मित मच्छार ने बताया कि उन्हें पहले लगा कि विमान को कोई नुकसान पहुंचा है, लेकिन फिर उन्हें अहसास हुआ कि उनका को-पायलट ही उन पर हमला कर रहा है। पायलट स्मित मच्छार इस घटना में बुरी तरह घायल हो गए थे और खून से लथपथ थे। इसके बावजूद उन्होंने बहादुरी दिखाते हुए कॉकपिट को दरवाजा अंदर से खोल दिया, जिससे यात्रियों को अंदर घुसकर हस्तक्षेप करने का मौका मिल गया। नेतन्याहू ने स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ करते हुए उन्हें भारत, इजरायल और पूरी दुनिया का हीरो बताया। इसके साथ ही उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इजरायल के अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया।
इधर वीकेंड पर पड़ोसी राज्यों के लोग पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। इस बीच हिमाचल से लेकर उत्तराखंड तक प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है। यहां हर जगहों लंबे-लंबे जाम देखने को मिल रहे हैं। हिमाचल का कुल्लू-मनाली, शिमला हो या उत्तराखंड का नैनीताल हर जगह पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। इस वीकेंड पर बाहरी राज्यों से भारी संख्या में पर्यटक पहाड़ों की तरफ आए हैं। एक तरफ रोहतांग पर पड़ रहे बर्फ के फाहे, दूसरी तरफ लाहौल स्पीति की ठंडी फिजाएं, हर किसी को मनाली आने पर विवश कर देती हैं। मगर मनाली में अचानक आने बाले मेहमान, जांम में भी फंस जाते हैं। मनाली से सोलांग घाटी मार्ग हो या हिडिम्बा देवी सड़क मार्ग, सबपर रह रहकर जाम लग रहा है। वहीं राजधानी शिमला में भी पर्यटन सीजन के बीच ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को शोघी बैरियर से कुल 16,277 वाहन शिमला पहुंचे। इनमें करीब 7,060 वाहन बाहरी राज्यों के थे। आंकड़ों के मुताबिक सामान्य दिनों में भी करीब 10 हजार वाहन प्रतिदिन शिमला पहुंच रहे हैं। एक सप्ताह में शिमला पहुंचने वाले वाहनों की संख्या करीब 70 से 80 हजार तक पहुंच रही है। इनमें लगभग 50 फीसदी वाहन बाहरी राज्यों के बताए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में वाहनों के शहर में प्रवेश करने से प्रमुख सड़कों और पर्यटन स्थलों के आसपास ट्रैफिक दबाव बढ़ रहा है।
अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, पहली बार चंपावत जिले में कैबिनेट बैठक होने जा रही है। आज सुबह 11 बजे बनबसा एनएचपीसी (NHPC) परिसर के मुख्य प्रशासनिक भवन में यह महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। वहीं, बैठक से पहले प्रशासनिक तैयारियां दुरुस्त की गई हैं। पहली बार बनबसा में हो रही कैबिनेट मीटिंग के भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए जिला मजिस्ट्रेट मनीष कुमार बीते तीन दिनों से वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में ग्राउंड जीरो पर खुद कमान संभाले हुए हैं। बैठक में शामिल होने के लिए मंत्रियों और आला अफसरों के पहुंचने का सिलसिला भी शनिवार 3 अक्टूबर शाम से शुरू हो चुका है, जिसके मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी खुद एसपी चंपावत रेखा यादव संभाल रही हैं। पूरे परिसर में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। कैबिनेट बैठक उत्तराखंड की समृद्ध लोक-संस्कृति और महिला आत्मनिर्भरता की एक खूबसूरत झलक पेश करेगी। बैठक स्थल को खास तौर पर चंपावत के जनजातीय समाज की पारंपरिक कला और कुमाऊं की प्रसिद्ध ऐपण विधा से सजाया गया है, जिसका पूरा जिम्मा स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपा गया है।
इधर सीमांत जनपद पिथौरागढ़ से बड़ी खबर सामने आई है। गंगोलीहाट तहसील मुख्यालय से करीब से 8 किलोमीटर दूर ग्राम भंडारीगांव व खेतीगांव के बीच शनिवार को दर्दनाक घटना हुई। शनिवार शाम को करीब पांच बजे घर के आंगन में अपनी दादी के सामने खेल रहे दस वर्षीय बालक रियांशु (पुत्र भगवान राम) को गुलदार उठाकर ले गया। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने खोजबीन शुरू की। कुछ ही समय में मासूम का शव घर से लगभग 200 मीटर और मुख्य सड़क से 250 मीटर दूर झाड़ियों से बरामद हुआ। रियांशु के पिता भगवान राम मजदूरी करते हैं। 10 साल के मासूम रियांशु की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम वन दरोगा देवेंद्र सिंह महरा के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लंबे समय से गुलदार की सक्रियता बनी हुई थी। करीब एक सप्ताह पूर्व ग्राम प्रधान ने गांव में गुलदार के आतंक की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग भी की थी। इसके बावजूद गुलदार को पकड़ने के लिए कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उधर उत्तराखंड के देहरादून और टिहरी जिले में अलग-अलग मामलों में लापता चल रहे व्यक्ति का शव मिला है। फिलहाल पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पहला मामला देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र का है, जबकि दूसरा मामला टिहरी जिले के थाना छाम का है। दोनों ही मामलों में हत्या की आशंका जताई गई है। देहरादून पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रेमनगर थाना क्षेत्र के मांडूवाला में शनिवार को 40 वर्षीय युवक का शव जंगल से बरामद हुआ है। मृतक की शिनाख्त मदन के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला था और देहरादून में मजदूरी करता था। टिहरी जनपद के थाना छाम क्षेत्र के नगुण - सुवाखोली मोटरमार्ग पर विकोल के पास सड़क से कुछ दूरी पर घास में चार दिनों से लापता चल रहे युवक का शव मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। मृतक की शिनाख्त 30 साल के विपिन निवासी नागणी चिन्यालीसौड़ जिला उत्तरकाशी के रूप में हुई है, जो बीते 29 सितंबर दोपहर बाद से ही नागणी चिन्यालीसौड़ से लापता चल रहा था।