Oct 01, 2026 Login

Good Morning India: 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय कैप्टन को नेतन्याहू, ट्रंप और पीएम मोदी ने बताया 'हीरो', दुनियाभर में हो रही है तारीफ! त्योहारों से पहले झटका, महंगा हो गया कमर्शियल गैस सिलेंडर! गिल ने रचा इतिहास, ODI में जड़ा सबसे तेज दोहरा शतक

Good Morning India: Netanyahu, Trump, and PM Modi hail the Indian captain who saved the lives of 174 passengers as a 'hero'; he is receiving praise worldwide! A pre-festive blow: commercial gas cylin

नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम ‘गुड मॉर्निंग इंडिया’ लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आईए आज के प्रमुख कार्यक्रमों पर नजर डालते हैं, आज लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी मध्य प्रदेश के दौरे पर हैं। वहीं आज एशियाड के क्रिकेट सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला श्रीलंका से होगा।

अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी ने दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाई दुबई के विमान में 174 यात्रियों की जान बचा ली। स्मित मच्छार की हर तरफ तारीफ हो रही है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, अमेरिकी राष्ट्रपति डानोल्ड ट्रंप, भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें सच्चा हीरो बताया है। चाकू के वार से बुरी तरह घायल होने के बाद भी कैप्टन स्मित ने विमान में बहादुरी के साथ हमलावर को-पायलट का मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलकर क्रू के अंदर आने का रास्ता साफ किया। इसके बाद क्रू ने हमलावर को पायलट को काबू में किया। प्लेन में सवार दो पायलट्स ने किसी तरह प्लेन को संभाला और उसकी इमरजेंसी लैंडिंग करवाई। दरअसल, 174 यात्रियों को ले जा रही फ्लाइट FZ-1073 ने उड़ान भरने के कुछ ही घंटे बाद पहले 'स्क्वाक कोड 7700' भेजा जो नॉर्मल इमरजेंसी का सिग्नल है लेकिन थोड़ी देर बाद ही फ्लाइट कोड 7500 पर स्विच हो गया। इस कोड का मतलब होता है हाईजैकिंग। इस सिग्नल कोड के मिलते ही इजरायल में हड़कंप मच गया। नेतन्याहू ने इमरजेंसी मीटिंग बुला ली। सिचुएशन से निपटने के लिए इजरायल से 8 फाइटर जेट्स ने उड़ान भर दी। प्लेन के अंदर बैठा को-पायलट ओमान का रहने वाला था। उसने कैप्टन स्मित मच्छार को कॉकपिट में ही चाकू मार दिया। इससे सिचुएशन आउट ऑफ कंट्रोल हो गई। जानकारी के अनुसार, ओमानी पायलट प्लेन को क्रैश कराना चाहता था। हालांकि, कैप्टन स्मित ने उसे ऐसा करने से रोक दिया। स्मित मच्छार उस शख्स से लड़ाई की और घायल अवस्था में भी कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया।

इधर त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले ही महंगाई का झटका लगा है। 1 अक्टूबर से कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए हैं। 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में कई शहरों में ₹60 से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और दूसरे कारोबारों पर पड़ सकता है, जहां कमर्शियल गैस का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। हालांकि घरेलू LPG सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले लोगों को फिलहाल राहत मिली है। बेंचमार्क दिल्ली में 19 किलो वाला कमर्शियल LPG सिलेंडर सितंबर में ₹2,747.50 का था। अब 1 अक्टूबर से इसकी कीमत बढ़कर ₹2,810 हो गई है। यानी एक सिलेंडर पर ₹62.50 ज्यादा चुकाने होंगे। इससे पहले सितंबर में भी दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर के दाम ₹9.50 बढ़ाए गए थे। कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने के बावजूद 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

उधर तेजाब हमला पीड़ितों को रेल यात्रा में रियायत मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में चर्चा हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग को तेजाब के हमले के पीड़ितों को ट्रेन की यात्रा में रियायत देने की पॉलिसी तैयार करने में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए, ताकि वे अपने इलाज के लिए बेहतर सुविधाओं वाले हॉस्पिटल्स तक सफर कर सकें। सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने इस दलील पर गौर किया कि केंद्र सरकार ने याचिकाकर्ता NGO अतिजीवन सोसाइटी सहित अन्य संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श के बाद पॉलिसी का एक मसौदा तैयार किया है। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग को भी अंतिम नीति तैयार करने के प्रोसेस में शामिल किया जाना चाहिए। इसके बाद बेंच ने इस केस को आगे की सुनवाई के लिए लिस्ट कर दिया। इससे पहले 13 अगस्त को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि वह तेजाब हमला पीड़ितों को ट्रेन के किराए में रियायत देने के लिए पॉलिसी बनाने पर सैद्धांतिक तौर पर सहमत है। सुप्रीम कोर्ट ने रेल मंत्रालय से इस केस में उदारतापूर्वक रियायत देने पर विचार करने को कहा था। साथ ही, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अर्चना पाठक दवे को 6 हफ्ते के अंदर पॉलिसी का मसौदा सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड में दाखिल करने को भी कहा था।

इधर दिवाली से पहले पटाखों पर रोक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है। कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले में संतुलित रास्ता निकालेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पूरे देश में पटाखों पर पूरी तरह रोक लगाने से कुछ लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं। कोर्ट ने साफ कहा कि वह देशभर में पूरी तरह बैन के पक्ष में नहीं है। लेकिन साथ ही 24 घंटे पटाखे जलाने की इजाजत भी नहीं दी जा सकती, क्योंकि इससे बुजुर्गों, बीमार लोगों और बच्चों को परेशानी होती है। कोर्ट ने कहा कि वह ऐसा समाधान निकालेगा जिसमें पटाखे चलाने के लिए तय समय होगा और यह भी तय किया जाएगा कि किस तरह के पटाखों की इजाजत होगी। सुप्रीम कोर्ट ने CPCB और केंद्र सरकार को पटाखों में इस्तेमाल होने वाले बेरियम की जांच और पटाखों के शोर के स्तर यानी डेसिबल लेवल की जांच के लिए संयुक्त टेस्ट करने को कहा है। इस मामले में अब 15 अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी।

उधर वेस्टइंडीज के खिलाफ गुवाहाटी में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने अपने बल्ले से वो इतिहास रच दिया जिसे क्रिकेट जगत सालों तक याद रखेगा। कैरेबियाई टीम के दिए 406 रनों के विशाल पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करते हुए गिल ने महज 133 गेंदों पर 26 चौकों और 8 छक्कों की मदद से नाबाद 223 रनों की आतिशी पारी खेली। भारत ने 8 विकेट रहते वनडे इतिहास का अपना सबसे बड़ा रन चेज पूरा किया जो वर्ल्ड क्रिकेट में भी दूसरा सबसे बड़ा सफल चेज है। इस ऐतिहासिक जीत और अपने रिकॉर्डतोड़ दोहरे शतक के बाद गिल ने सोशल मीडिया पर अपनी बल्लेबाजी की तस्वीरें साझा करते हुए बेफिक्र और बेहद आक्रामक अंदाज में कैप्शन लिखा, '406? कूल।' गिल की यह पारी कई मायनों में ऐतिहासिक बन गई। वह वनडे इतिहास में रन चेज करते हुए दुनिया का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने ग्लेन मैक्सवेल के 201* रनों के वर्ल्ड कप वाले चमत्कारिक रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। मैक्सवेल के बाद रन चेज में दोहरा शतक लगाने वाले गिल दुनिया के दूसरे ही बल्लेबाज हैं। इसके अलावा वनडे क्रिकेट में यह किसी भी भारतीय कप्तान का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है उन्होंने इस मामले में वीरेंद्र सहवाग (219 रन) के 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ही बनाए गए रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। रोहित शर्मा (3) के बाद वनडे में एक से अधिक दोहरा शतक लगाने वाले गिल (2) दुनिया के दूसरे बल्लेबाज भी बने।

अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, प्रदेश के 114 अर्बन आरोग्य मंदिर अब नगर निकायों में नए सिरे से खोले जाएंगे। इनका संचालन नगर निकायों के स्तर से ही होगा। खासकर आरोग्य मंदिरों को वहां खोला जाएगा, जहां अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं अपेक्षाकृत कम हैं। राज्य में अभी तक आरोग्य मंदिरों का संचालन कंपनी के माध्यम से हो रहा था, जो बंद कर दिया गया। इस कारण तमाम आरोग्य मंदिर बंद हैं। इस बीच तय हुआ था कि ब्रिडकुल इन आरोग्य मंदिरों का संचालन करेगा। जिसके लिए एमओयू की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी। अब ब्रिडकुल का प्रस्ताव रद्द कर दिया गया है। इसके बजाए ये तय किया गया है कि इन आरोग्य मंदिरों का संचालन नगर निकायों के स्तर से ही होगा। एनएचएम की ओर से देहरादून, हरिद्वार व नैनीताल जिले में 40 केंद्र खोले जाने हैं। अभी तक इन शहरों में बड़ी संख्या में आरोग्य मंदिर थे। लिहाजा, अब आरोग्य मंदिर यहां कम होंगे। इसके बजाए पहाड़ के उन दुर्गम निकायों तक खोले जाएंगे, जहां स्वास्थ्य सुविधाएं कम हैं। इसी हिसाब से स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर शहरी विकास विभाग पूरा खाका तैयार करेगा।

इधर देहरादून में दम घुटने से दो इंजीनियरों की मौत हो गई। दोनों के शव ISBT के पास पटेलनगर थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित सिंधु सेंटर में ईशान नेट सोल प्राइवेट लिमिटेड नाम की इंटरनेट कंपनी के जनरेटर रूम में मिले। दोनों कर्मचारी 29 सितंबर की रात करीब 12:30 बजे जनरेटर स्टार्ट करने के लिए उसके पास पहुंचे थे और वहीं कमरे में सो गए थे। बुधवार को जब कंपनी के सीनियर इंजीनियर ने दोनों कर्मचारियों को फोन किया, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद उन्होंने एक तीसरे कर्मचारी को चेक करने के लिए भेजा। कर्मचारी ने जैसे ही कमरा खोला, तो देखा कि कमरे में जनरेटर का धुआं भरा हुआ था और दोनों कर्मचारी जमीन पर बेहोशी की हालत में पड़े थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान 29 वर्षीय रोहित सिंह और 26 वर्षीय लव कुश के रूप में हुई है। रोहित सिंह हरिद्वार का रहने वाला था, जबकि लव कुश फैजाबाद, उत्तर प्रदेश का निवासी था। 

उधर उत्तराखंड नीट यूजी फेक सर्टिफिकेट मामले में एक और मुकदमा दर्ज हो गया है। राजधानी में एमबीबीएस दाखिले के लिए फर्जी प्रमाण पत्रों के इस्तेमाल के मामले में अब तीसरा थाना बसंत विहार में मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोप है कि एलिस तोमर ने तहसील सदर से स्थायी निवास प्रमाण पत्र और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनवाने के लिए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आवेदन किया। राजस्व विभाग की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर आवेदन में बताए गए पते पर स्थलीय सत्यापन कराया गया तो ललित तोमर (एलिस तोमर) वहां निवासरत नहीं मिला। जांच में आवेदन के साथ लगाए गए दस्तावेज भी फर्जी पाए गए। इसके बाद बसंत विहार थाने में ललित तोमर के खिलाफ BNS की धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। राजस्व विभाग की कर्मचारी स्वाति ने थाना बसंत विहार में शिकायत दर्ज कराई है कि एलिस तोमर ने 16 राम विहार, हरिद्वार-कांवली क्षेत्र का निवासी बताते हुए तहसील सदर के तहत स्थायी निवास प्रमाण पत्र और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। दोनों आवेदनों के नंबर भी FIR में दर्ज किए गए हैं। सत्यापन के दौरान बताए गए पते पर आवेदक का निवास नहीं मिला और आवेदन में लगाए गए दस्तावेजों की सत्यता पर भी सवाल खड़े हुए।