आधी रात को हाईप्रोफाइल ड्रामाः बार बंद कराने पहुंची उत्तराखण्ड पुलिस तो सामने आ गए आईजी साहब! दिखाया पद का रौब, रात एक बजे डंडा लेकर पहुंचे कप्तान! सोशल मीडिया पर छिड़ी बड़ी बहस, जानें क्या है पूरा मामला?
देहरादून। राजधानी देहरादून में कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने न केवल प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस छेड़ दी है। देर रात तक चल रहे एक बार में पुलिस कार्रवाई के दौरान एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की मौजूदगी ने पूरे घटनाक्रम को विवादों के केंद्र में ला खड़ा किया है।
मामला राजपुर रोड स्थित एक चर्चित बार रोमियो लेन का है, जहां शनिवार देर रात करीब 12ः30 बजे तक तेज संगीत, भीड़ और शराब पार्टी जारी थी। जबकि निर्धारित नियमों के अनुसार बार रात 11 बजे तक ही संचालित किए जा सकते हैं। मामले की सूचना पर एसपी सिटी प्रमोद कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बार को बंद कराने की कार्रवाई शुरू की। प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के मुताबिक इसी दौरान मौके पर आईजी स्तर के एक वरिष्ठ अधिकारी अपने परिचितों के साथ मौजूद थे। जैसे ही पुलिस टीम ने कार्रवाई शुरू की, माहौल अचानक बदल गया। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ अधिकारी ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए पुलिस टीम को वहां से हटने के संकेत दिए, जिससे कुछ देर के लिए स्थिति असहज हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही मामला तेजी से उच्च अधिकारियों तक पहुंचा। इसके बाद एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने खुद स्थिति को संभालने का निर्णय लिया और रात करीब एक बजे मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना किसी देरी के बार को बंद कराया और संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पुलिस ने मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली, जिसमें देर रात तक चल रही पार्टी और भीड़भाड़ के दृश्य स्पष्ट दिखाई दिए। अधिकारियों ने साफ किया कि नियमों को ताक पर रखने वाले बार संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे बीच में कोई भी व्यक्ति या पद क्यों न हो। गौरतलब है कि देहरादून में बारों की मनमानी कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी देर रात तक बार संचालन, तेज संगीत और शराब पार्टी को लेकर कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। कुछ मामलों में विवाद और झगड़े तक की स्थिति बन चुकी है, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। इस ताजा घटनाक्रम ने पुलिस और प्रशासन की निष्पक्षता पर भी बहस छेड़ दी है। आम लोगों का कहना है कि अगर नियम लागू कराने वाली एजेंसियों पर ही इस तरह का दबाव रहेगा, तो कानून का पालन कराना मुश्किल हो जाएगा। वहीं सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और उच्च स्तर पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। फिलहाल पुलिस प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा और किसी भी तरह के हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई होती है और क्या राजधानी में देर रात तक चलने वाले बारों पर वास्तव में लगाम लग पाती है या नहीं।