किसान आत्महत्या मामला: 4 करोड़ की जमीन धोखाधड़ी जांच को एसआईटी गठित

Farmer suicide case: SIT formed to investigate land fraud worth Rs 4 crore.

फेसबुक लाइव करने के बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने वाले किसान खुशवंत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। 4 करोड़ रुपये से जुड़ी जमीन धोखाधड़ी के इस गंभीर प्रकरण की जांच के लिए ऊधमसिंह नगर एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन कर दिया है। एसआईटी की निगरानी आईपीएस व एसपी क्राइम निहारिका तोमर करेंगी।

इससे पहले मामले में लापरवाही बरतने पर काशीपुर की कोतवाली आईटीआई के प्रभारी निरीक्षक और एक उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया गया था, जबकि पैगा चौकी प्रभारी समेत चौकी के सभी दस पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। किसान खुशवंत के साथ धोखाधड़ी के मामले में 12 जनवरी को कोतवाली आईटीआई में अमरजीत सिंह समेत कुल 26 अभियुक्तों के खिलाफ धारा 108/318(4) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अब इसकी जांच एसआईटी को सौंपी गई है। एसआईटी में निरीक्षक रोये कुमार सैनी, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कुंडा को विवेचक बनाया गया है। टीम में निरीक्षक हरेन्द्र चौधरी (प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली काशीपुर), निरीक्षक जसवीर चौहान (प्रभारी एसओजी ऊधमसिंह नगर), उपनिरीक्षक चन्दन सिंह बिष्ट (प्रभारी चौकी कुंडेश्वरी), उपनिरीक्षक हरविन्दर कुमार (कोतवाली कुंडा) को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा मुख्य आरक्षी विनय यादव (एसओजी काशीपुर) को सीसीटीवी फुटेज के परीक्षण और आरक्षी भूपेन्द्र आर्या (एसओजी रुद्रपुर) को तकनीकी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। ऊधमसिंह नगर एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि किसान खुशवंत से जुड़े धोखाधड़ी के मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए सात सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। एसआईटी सभी पहलुओं की विस्तृत जांच करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।