धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला: उपनल कर्मियों को मिलेगा समान कार्य–समान वेतन, 7–8 हजार कर्मचारियों को चरणबद्ध राहत

Dhami cabinet takes major decision: UPNL employees to get equal pay for equal work, providing phased relief to 7-8 thousand employees.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य से जुड़े कई अहम और दूरगामी फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण फैसला उपनल कर्मचारियों के हित में लिया गया। लंबे समय से लंबित इस मामले में कैबिनेट ने समान कार्य, समान वेतन पर सहमति जताई है, जिसका लाभ कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से मिलेगा।

गौरतलब है कि वर्ष 2018 में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण का आदेश दिया था। इस फैसले के खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट गई थी, लेकिन वहां से भी सरकार को कोई राहत नहीं मिली और याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद उपनल कर्मियों ने सरकार के खिलाफ अवमानना याचिकाएं भी दायर की थीं, जिससे सरकार पर निर्णय लेने का दबाव लगातार बढ़ रहा था। इसी क्रम में सरकार ने मंत्रिमंडलीय उप समिति का गठन किया था, जिसकी सिफारिशों पर अब कैबिनेट ने अंतिम निर्णय लिया है। इसके तहत 12 साल के बजाय 10 साल पूरे करने वाले 7 से 8 हजार उपनल कर्मियों को समान कार्य, समान वेतन का लाभ मिलेगा। वर्ष 2018 से पहले के कर्मियों को भी अलग से लाभ देने का निर्णय लिया गया है। साथ ही भविष्य में उपनल के माध्यम से केवल भूतपूर्व सैनिकों के पुनर्वास से जुड़े कार्य ही कराए जाएंगे।

कैबिनेट बैठक में पेराई सत्र 2025-26 के लिए चीनी मिलों को 270 करोड़ रुपये की शासकीय प्रतिभूति (स्टेट गारंटी) देने की मंजूरी दी गई, जिससे मिलें ऋण ले सकेंगी। गन्ना किसानों के लिए भी राहत की खबर है, अगेती गन्ने का मूल्य 405 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। इसके अलावा निर्वाचन विभाग की सेवा नियमावली को स्वीकृति, उत्तराखंड संस्कृत अकादमी का नाम बदलकर उत्तराखंड संस्कृत संस्थान करने और यूकॉस्ट के तहत अल्मोड़ा व चंपावत साइंस सेंटरों के लिए छह-छह नए पद सृजित करने का निर्णय लिया गया। न्यायिक ढांचे को मजबूत करने के लिए एनडीपीएस और पॉक्सो मामलों में 16 विशेष न्यायालयों के गठन को मंजूरी दी गई है, जिनमें 144 पद स्वीकृत होंगे। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में एडीजे और एसीजेएम स्तर के नए न्यायालय स्थापित किए जाएंगे। वहीं, विधानसभा के शीतकालीन सत्र की तिथि तय करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है। पर्यटन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी बड़े फैसले लिए गए। उत्तराखंड पर्यटन की नई नियमावली को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत होम स्टे योजना का लाभ केवल स्थायी निवासियों को मिलेगा। बाहरी राज्यों के लोग केवल ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट सुविधा ही चला सकेंगे। इसके अलावा केदारनाथ धाम में गोबर और चीड़ की पत्तियों से बायोमास पैलेट बनाने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का निर्णय लिया गया है, जिसे पर्यटन विभाग लागू करेगा। कुल मिलाकर, यह कैबिनेट बैठक उपनल कर्मचारियों को राहत देने के साथ-साथ कृषि, न्याय, पर्यटन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उत्तराखंड के विकास को नई दिशा देने वाली साबित हुई है।