विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस में बढ़ेगी हलचल! नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या का बड़ा दावा, जल्द कांग्रेस में शामिल होंगे बड़े नेता
हल्द्वानी। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। भले ही चुनाव में अभी समय हो, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति बनाने और संगठन को मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। इसी क्रम में हल्द्वानी स्थित कांग्रेस पार्टी कार्यालय स्वराज आश्रम में कुमाऊं कांग्रेस की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संगठनात्मक मजबूती और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि जल्द ही कुछ बड़े नेता कांग्रेस पार्टी में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी के संपर्क में कई प्रमुख चेहरे हैं और उनसे लगातार बातचीत चल रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस संबंध में अंतिम निर्णय और औपचारिक घोषणा पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा। बैठक में उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश, वरिष्ठ नेता रणजीत रावत समेत कुमाऊं मंडल के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक का मुख्य एजेंडा 16 फरवरी को प्रस्तावित राजभवन घेराव की तैयारियों की समीक्षा करना भी रहा। यशपाल आर्या ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे बड़ी संख्या में देहरादून पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियों से प्रदेश की जनता परेशान है और कांग्रेस जनहित के मुद्दों को लेकर सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। यशपाल आर्या ने यह भी जानकारी दी कि 12 फरवरी को हल्द्वानी में कांग्रेस की एक और महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इस बैठक में संगठनात्मक विस्तार, आगामी आंदोलनों और चुनावी रणनीति को लेकर ठोस रूपरेखा तैयार की जाएगी। वहीं, वरिष्ठ कांग्रेस नेता रणजीत रावत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से पूरी मजबूती के साथ जुट गई है। उन्होंने दावा किया कि इस बार पार्टी पूरी तरह एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरेगी। रणजीत रावत ने कहा कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जा रहा है और जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस लगातार संघर्ष करेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगामी चुनाव में पार्टी की ओर से जिताऊ और टिकाऊ प्रत्याशियों को ही टिकट दिया जाएगा। कुल मिलाकर, कांग्रेस की बैठकों और नेताओं के बयानों से यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि विधानसभा चुनाव 2027 से पहले प्रदेश की राजनीति में हलचल और तेज होने वाली है। बड़े नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने की संभावनाओं ने भी सियासी चर्चाओं को हवा दे दी है।