हरिद्वार संत सम्मेलन में साधु-संतों और वीआईपी नेताओं का महासंगम, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को बताया ऐतिहासिक

A grand gathering of saints, sages, and VIP leaders took place at the Haridwar saint conference, where the India-US trade agreement was described as historic.

हरिद्वार। भारत माता मंदिर के संस्थापक ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज के गुरुदेव समाधि मंदिर में आयोजित मूर्ति स्थापना समारोह के दूसरे दिन हरिद्वार में आध्यात्मिक और राजनीतिक जगत का भव्य संगम देखने को मिला। संत सम्मेलन में देशभर से पहुंचे संत-महात्माओं के साथ कई वीआईपी और शीर्ष राजनीतिक हस्तियों ने भी शिरकत की। इस अवसर पर भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया व्यापारिक समझौते को लेकर भी संतों और नेताओं ने खुलकर अपनी बात रखी। सम्मेलन में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे न केवल किसानों बल्कि समाज के हर वर्ग को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई वार्ता के बाद टैरिफ 50 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत पर आ गया है, जिसका सकारात्मक असर आने वाले दिनों में साफ दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत की मजबूत कूटनीति और वैश्विक मंच पर बढ़ती साख का प्रतीक है।

योगगुरु बाबा रामदेव ने भी इस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका द्वारा टैरिफ में की गई कमी कोई उपहार नहीं, बल्कि भारत की ताकत का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया को भारत की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक शक्ति को स्वीकार करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की नीतियां और नीयत विश्व कल्याण के लिए हैं, जिससे न केवल भारत बल्कि अमेरिका और पूरी दुनिया को लाभ मिलेगा।संत सम्मेलन के दौरान ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज के जीवन और उनके सनातन धर्म के प्रति योगदान पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वामी जी का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने सनातन संस्कृति, राष्ट्रवाद और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार के लिए जो कार्य किए, वे सदैव स्मरणीय रहेंगे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके सनातन धर्म से जुड़े कार्य हमेशा समाज का मार्गदर्शन करते रहेंगे। कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार, जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी, अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष एवं भारत माता मंदिर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव, निर्मल पीठाधीश्वर श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह, कल्कि पीठाधीश्वर स्वामी प्रमोद कृष्णम, स्वामी नारायण गिरी, ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, हरिचेतनानंद गिरी और महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी सहित अनेक संत-महात्मा और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। संत सम्मेलन ने आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ समसामयिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी एक मजबूत संदेश दिया।