विश्व रंगमंच दिवस: रंगमंच!जो दिखाता है समाज को आईना,फिल्में आपको प्रसिद्ध बनाएंगी,टीवी अमीर बना देगा,लेकिन रंगमंच आपको बनाएगा एक अच्छा इंसान!

World Theater Day: Theatre! Which shows a mirror to the society, films will make you famous, TV will make you rich, but theater will make you a good person!

आंख से आंख मिलाकर बात करने की हिम्मत या जरिया अगर कोई है तो रंगमंच से बेहतर कुछ नहीं।रंगमंच अपने विचारों को जैसे मर्जी वैसे प्रकट करने का सबसे सटीक जरिया है क्योंकि मंच आपको खुलकर सब कुछ नाटक के जरिये कह देने का मौका देता है और जहां आपको एक्शन का रियेक्शन भी तुरन्त मिल जाता है।

 

आज विश्व रंगमंच दिवस है इसकी स्थापना सन् 1961 में नेशनल थियेट्रिकल इंस्टीट्यूट द्वारा की गयी थी पूरा विश्व आज के दिन इस विशेष दिवस का आयोजन कर संदेश देता है कि पूरी दुनिया को एक धागे मे केवल रंगमंच ही पिरो सकता है।

औपचारिक रूप से विश्व रंगमंच दिवस 27 मार्च 1962 को मनाया गया था उसी दिन पेरिस मे थियेटर ऑफ नेशन्स सीजन की भी  शुरूआत हुई थी।तब से अब तक करीब 100 से भी ज्यादा देशों में सौहार्द ,प्रेम ,एकता और अपने अपने देश, धर्म ,भाषा के माध्यम से नाटकों को मंच प्रदान किया जा रहा है।

आज भले ही माॅर्डनिटी का ज़माना है हर जगह एक दूसरे को हराने की होड़ लगी पड़ी है अपनी शान अपना वर्चस्व भी कायम रहे इस बात का भी ध्यान रखना है।आज जहां टीवी में ढेरों चैनलो के माध्यम से आपका मनोरंजन किया जाता है वहीं आज भी थियेटर,नुक्कड़ नाटक अपनी पहचान बनाये हुये है, जब कोई कलाकार अभिनय के लिये मंच पर उतरता है तब केवल वो नाटक का एक चरित्र मात्र होता है।

 

टीवी,थियेटर और नुक्कड़ नाटक चाहे वो निःशुल्क हो या सशुल्क हमेशा ही समाज का आईना बनकर समाज से जुड़ी हर मुश्किल को बखुबी दिखाता है और साथ ही प्रेरणादायक संदेश फैलाता है। दुनिया भर में रंगमंच को बढ़ावा देने और लोगो को रंगमंच के सभी रूपो के दर्शन करवाना इस दिन का सबसे अहम मकसद है।भारत में थियेटर से निकले  सरीखे कलाकारों ने अपनी एक्टिंग का परचम पूरी दुनिया में लहरा कर साबित कर दिया कि कलाकार किसी जगह या खास वर्ग में पैदा होने का मोहताज नहीं होता।छोटे शहरों से निकले कलाकारों ने थियेटर के माध्यम से अपनी वो पहचान बनाई जिसको पाने के लिये शायद आज भी कई स्टार चाइल्ड कोशिशें कर रहे हैं।

रविन्द्र नाथ टैगोर,नादिरा नसीरूद्दीन शाह,ओम पुरी,निर्मल पांडे और भी ना जाने कितने जुझारू रंगकर्मियों ने विश्व पटल पर भारत की एक अमीट छवी बनाई। "थियेटर ऑफ दि सन् " की ख्याति से सम्मानित भारत के पहले और इकलौते कलाकार गिरीश कर्नाड थे जिन्हे ये सम्मान साल 2002 में मिला था।

1962 में फ्रांस ने आज के दिन  एक डाक टिकट जारी किया था तो वहीं भारत ने डाक टिकटों को निरस्त करने वाली सील में "रंगमंच दिवस" संदेश प्रिंट करवाया था।

छत्तीसगढ़ स्थित रामगढ़ के पहाड़ पर कालिदास जी द्वारा निर्मित एक प्राचीन नाट्यशाला मौजूद है. मान्यताओं के अनुसार महाकवि कालिदास ने इसी स्थान पर मेघदूत की रचना की थी. इसके आधार पर कहा जाता है कि अम्बिकापुर जिले के रामगढ़ पहाड़ पर स्तिथ यह नाट्यशाला कालिदास जी द्वारा निर्मित भारत की सबसे पुरानी नाट्यशाला है।

भारत के रंगमंच के इतिहास को काफी पुराना माना जाता है. कहा जाता है कि नाट्यकला का विकास सबसे पहले भारत में ही हुआ था. ऋगवेद के कतिपय सूत्रों में यम और यमी, पुरुरवा और उर्वशी के कुछ संवाद हैं. इन संवादों में लोग नाटक के विकास को चिह्नित कर पाते हैं. मान्यता है कि इन्ही संवादों से प्रेरित होकर नाटक की रचना की गई और नाट्यकला का विकास हुआ था।भारत में रंगमंच की पहचान धूमिल ना हो जाये इसके लिये जगह जगह आज भी रंगकर्मी थियेटर को अपने नाटको के माध्यम से जिन्दा रखे हुये हैं।

आज विश्व रंगमंच दिवस पर आप भी अगर अपने रंगमंच से जुड़े दोस्तो को शुभकामनाएं संदेश देना चाहते हैं तो कुछ संदेश आपके लिए यहां नीचे दिए गए है। अपने रंगमंच साथियों को ये संदेश भेजें।

"ज़िन्दगी एक रंगमंच है.।" – happy World Theatre Day 

"नाटक की प्रतिभा लेखन के लिए प्रतिभा नहीं है, बल्कि मानवीय रिश्तों को व्यक्त करने की क्षमता है।. - Gore Vidal.।" –

"All the world’s a stage, And all the men and women merely players, They have their exits and their entrances, And one man in his time plays many parts. -William Shakespeare.।" –

रंगमंच अभिनेताओं के लिए एक पवित्र स्थान है.- Greta Scacchi.।" – Happy World Theatre Day 
"The roles for women in theatre are much better than they are in film. - Kim Cattrall.।" –
The theatre is a spiritual and social X-ray of its time. - Stella Adler, American actress.।" – Happy World Theatre Day

यह ज़िन्दगी का रंगमंच है दोस्तों, यहाँ सबको नाटक करना पड़ता है, हसने की इच्छा न हो, तब भी हसना पड़ता है, कोई जब पूछे कैसे हो? मज़े में हूँ कहना पड़ता है..।" –

Everything happens every night for this audience, and it's a very special occasion to come to the theatre. -Roger Rees.।" –


A talent for drama is not a talent for writing, but is an ability to articulate human relationships. - Gore Vidal


"Movies will make you famous; Television will make you rich; But theatre will make you good. -Terrence Mann.।" –


I regard the theatre as the greatest of all art forms, the most immediate way in which a human being can share with another the sense of what it is to be a human being. -Oscar Wilde.


"Family is the theatre of the spiritual drama, the place where things happen, especially the things that matter. - G.K. Chesterton.।" –