Oct 10, 2026 Login
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उत्तराखंड:अब उठी स्कूलों में बच्चों को औ से औरत पढ़ाने के खिलाफ आवाज़!एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था ने केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट को सौंपा औरत शब्द हटाने को लेकर ज्ञापन!क्या होता है औरत शब्द का अर्थ ये भी बताया

Uttarakhand: Voice raised against teaching au means Aurat to children in schools! A Samaj Shreshtha Samaj Sanstha submitted a memorandum to Union Minister Ajay Bhatt to remove the word Aurat from boo

एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू सदस्य प्रीति आर्या के नेतृत्व में संस्था के माध्यम से अरबी गुलामी की मानसिकता से ग्रसित मातृशक्ति के प्रति अपमानजनक औरत शब्द को सम्पूर्ण भारत पूर्ण रूप से प्रतिबंध कर विद्यालयों के पाठ्यक्रम से औ से औरत शब्द हटाने के लिए संस्था पदाधिकारियों ने हल्द्वानी सर्किट हाउस में केंद्रीय रक्षा राज्य एवं पर्यटन मंत्री अजय भट्ट के द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ज्ञापन भेजा
इस दौरान एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू कोषाध्यक्ष बलराम हालदार ने संयुक्त रूप से कहा की अरबी में औराह या औरत का मतलब महिला का गुप्तांग होता है फिर भी हमारे देश के विद्यालयों में बच्चों को बचपन से ही मातृशक्ति के प्रति अपमानजनक औ से औरत शब्द की पढ़ाई कराई जा रही है जिससे हम अपने देश के होनहार बच्चों को बचपन से ही अरबी गुलामी की मानसिकता से ग्रसित कर रहे है जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण निंदनीय है क्योंकि जब हमारे देश के होनहार बच्चों की शिक्षा ही अंधकार में चली जाएगी तो हमारे भारत देश का भविष्य उज्जवल कैसे होगा इसलिए हम भारत सरकार से यह माँग करते है कि अरबी गुलामी की मानसिकता से ग्रसित औरत शब्द को सम्पूर्ण भारत में यथाशीघ्र प्रतिबंध कर विद्यालयों के पाठ्यक्रम से औ से औरत शब्द को हटाकर मातृशक्ति के सम्माननीय शब्द का प्रयोग किया जाए जिससे मातृशक्ति की गरिमा में कोई ठेस ना पहुँचे क्योंकि वैदिक सनातन प्राचीन काल में प्रभु श्री राम जी ने माँ सीता जी के सम्मान में पूरी लंका को तहस नहस कर दिया था और ऐसा ही भगवान श्री कृष्ण जी ने द्रोपदी जी के सम्मान में भागकर आए और चीर हरण के समय द्रौपदी जी के वस्त्र को बढ़ाकर उनकी रक्षा की और महाभारत करके सारे कौरवों को दण्ड दिलवाया क्योंकि वैदिक काल से ही सनातन में नारी को मातृशक्ति के रूप में पूजनीय माना गया है इसलिए हमें भी खुद को बदलना होगा क्योंकि जब हम बदलेंगे तब युग बदलेगा इसलिए हम सब मिलकर यह शपथ लें कि जब तक मातृशक्ति के सम्मान में अरबी गुलामी की मानसिकता से ग्रसित औरत शब्द को पूर्ण रूप से सम्पूर्ण भारत देश में प्रतिबंध नहीं किया जाएगा तब तक हम लोग चैन से नहीं बैठेंगे क्योंकि भारत की नारी अपनी प्रतिभा को निखार कर भारत देश को प्रगति उन्नति की नई बुलंदियों में पहुँचाने और भारत देश को विश्व गुरु बनाने में अहम सहयोग दें रही है इसलिए भारत की मातृशक्ति का अपमान किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और प्राचीन काल से आज तक सनातन ने मातृशक्ति के मान सम्मान और विकास में प्रगति उन्नति लाने के लिए हमेशा ही दृढ़ता के साथ संघर्ष किया है और आगे भी करते रहेंगे


इस दौरान ज्ञापन देने में एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू मार्गदर्शक पूजा लटवाल कोषाध्यक्ष बलराम हालदार रितिक साहू प्रीती आर्या संदीप यादव राजेश साहू रोहतास प्रजापति मुकेश बिष्ट अमन कुमार सुशील राय मुकेश कुमार सूरज कुम्हार आदि लोग उपस्थित रहे