Oct 08, 2026 Login
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बड़ी खबरः एसआईआर पर बेंगलुरु में ‘जनता की अदालत’! फ्रीडम पार्क में गरजे प्रदर्शनकारी, प्रकाश राज-ध्रुव राठी समेत कई चेहरे हुए शामिल

Big News: ‘People’s Court’ held in Bengaluru over the SIR project! Protesters raised their voices at Freedom Park; prominent figures including Prakash Raj and Dhruv Rathee participated.

बेंगलुरु। चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों और विभिन्न नागरिक संगठनों का विरोध-प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के विरोध में गुरुवार को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में ‘पीपुल्स ट्रिब्यूनल’ यानी ‘जनता की अदालत’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अभिनेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी और ‘क्रॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके समेत कई सामाजिक संगठनों और नागरिक समूहों से जुड़े लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने एसआईआर प्रक्रिया को समाप्त करने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। फ्रीडम पार्क में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘एसआईआर रद्द करो’ और ‘ज्ञानेश कुमार गद्दी छोड़ो’ जैसे नारे सुनाई दिए। प्रदर्शनकारियों की ओर से रैली और संबोधन के बाद ‘चप्पल प्रोटेस्ट’ किए जाने की भी घोषणा की गई। कार्यक्रम का आयोजन नागरिक संगठनों और सीजेपी की ओर से किया गया। आयोजकों के मुताबिक इस ‘पीपुल्स ट्रिब्यूनल’ का उद्देश्य एसआईआर प्रक्रिया से प्रभावित लोगों और नागरिक संगठनों को अपनी बात रखने के लिए मंच उपलब्ध कराना था। आयोजकों ने दावा किया कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों से एसआईआर से प्रभावित लोग भी कार्यक्रम में पहुंचे और उन्होंने मतदाता सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं रखीं।

कार्यक्रम से पहले अभिनेता प्रकाश राज ने वीडियो संदेश के जरिए लोगों से फ्रीडम पार्क पहुंचने की अपील की थी। उन्होंने इसे लोकतंत्र से जुड़ा मुद्दा बताते हुए नागरिकों से बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा था कि सीजेपी, युवा संगठनों और सिविल सोसाइटी से जुड़े लोग इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी ने भी कार्यक्रम में अपनी मौजूदगी की पुष्टि की थी। इसके बाद गुरुवार को वह फ्रीडम पार्क में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे और प्रदर्शन में हिस्सा लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रकाश राज ने एसआईआर के तहत मतदाता सत्यापन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई संगठन इस मुद्दे को लेकर एक मंच पर आए हैं। उनके मुताबिक मामला केवल ‘वोट चोरी’ तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों के अधिकार और गरिमा से भी जुड़ा हुआ है। प्रकाश राज ने एसआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व के इशारे पर काम कर रहे हैं। ये आरोप प्रदर्शनकारियों के हैं, जबकि चुनाव आयोग की भूमिका और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर संबंधित पक्षों के अपने-अपने दावे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर नागरिकों के बीच सवाल उठ रहे हैं और इन सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने एसआईआर को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखीं और प्रक्रिया को समाप्त करने की मांग दोहराई।

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेना नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि ज्ञानेश कुमार पद से हटते हैं तो उनकी जगह किसी अन्य व्यक्ति की नियुक्ति हो सकती है, इसलिए प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग एसआईआर प्रक्रिया को समाप्त करना है। दीपके ने कहा कि एसआईआर खत्म होने के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त की भूमिका की जांच होनी चाहिए और यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आंदोलन का फोकस चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर है। बेंगलुरु के कार्यक्रम के दौरान 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन का मुद्दा भी उठा। सीजेपी की ओर से आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में उसके कुछ स्वयंसेवकों को हिरासत में लिया जा रहा है।