उत्तराखंड: पूर्णागिरी धाम को हेली सेवा से जोड़ने की तैयारी! हवाई कनेक्टिविटी से तीर्थाटन को मिलेगा नया पंख
उत्तराखंड सरकार एक बार फिर धार्मिक पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विस्तार को लेकर बड़े कदम की ओर बढ़ती नजर आ रही है। चंपावत जिले के प्रसिद्ध और श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र पूर्णागिरी धाम को जल्द ही हेली सेवा से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। इस पहल के बाद देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को मां पूर्णागिरी के दर्शन के लिए लंबी और कठिन यात्रा से राहत मिलेगी, वहीं सीमांत जिले में पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश सरकार क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत उत्तराखंड में हवाई कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार कर रही है। इस योजना का मकसद न सिर्फ दूरस्थ और पहाड़ी इलाकों को जोड़ना है, बल्कि राज्य के प्रमुख धार्मिक और पर्यटक स्थलों तक यात्रियों की आसान पहुंच सुनिश्चित करना भी है। केदारनाथ, बदरीनाथ समेत अन्य तीर्थ स्थलों के बाद अब पूर्णागिरी को भी इस सूची में शामिल करने की तैयारी ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पूर्णागिरी के लिए हेली सेवा शुरू करने का प्रस्ताव जल्द तैयार किया जाए। सूत्रों के मुताबिक फिलहाल पूर्णागिरी क्षेत्र में हेलीपैड की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सबसे पहले हेलीपैड के निर्माण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके लिए उपयुक्त जमीन की पहचान का काम तेजी से चल रहा है, ताकि परियोजना को जल्द धरातल पर उतारा जा सके। यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष चौहान के अनुसार मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में हवाई सेवाओं के नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्णागिरी धाम को हेली सेवा से जोड़ने की योजना पर गंभीरता से काम हो रहा है। हेली सेवा शुरू होने के बाद न सिर्फ श्रद्धालुओं का सफर सुगम होगा, बल्कि आपातकालीन सेवाओं और आपदा प्रबंधन में भी यह सुविधा बेहद कारगर साबित होगी।