पहाड़ से मैदान तक जश्न में डूबा उत्तराखंड, धूम-धाम किया नए साल का स्वागत

Uttarakhand is immersed in celebrations from the mountains to the plains, welcoming the New Year with great pomp and show.

नए साल का बेसब्री से इंतजार कर रहे लोगों ने बुधवार रात को जमकर जश्न मनाया। आधी रात को जैसे ही घड़ी की सुई 12 पर पहुंची, होटल, रेस्टोरेंट, सोसाइटी के साथ घरों में लोग झूम उठे। वहीं, इस मौके पर आसमान आतिशबाजी से जगमगा उठा। आतिशबाजी के साथ लोगों ने 2025 को अलविदा कहा और नए साल 2026 का जोरदार स्वागत किया। देहरादून के विभिन्न होटल, रेस्टोरेंट और सोसाइटी में अलग-अलग थीम पर रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए गए। कहीं, कवियों ने लोगों से ठहाके लगवाए तो कहीं, गायकों ने अपने गीतों की प्रस्तुति से समा बांधा। मसूरी में पर्यटकों ने नए साल का जमकर जश्न मनाया। होटलों में आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेने के साथ पर्यटक लोेेक संगीत पर देर रात तक थिरके। मालरोड पर देर रात तक चहल पहल बनी रही। हालांकि इस बार कम संख्या में पर्यटक मसूरी पहुंचे। करीब 50 फीसदी होटल ही पैक रहे।

बुधवार को 2025 को विदाई और नए साल 2026 का स्वागत पर्यटकों ने अपने-अपने अंदाज में किया। कई बड़े होटलों में गीत संगीत कार्यक्रम देर तक चले। पर्यटकों के लिए विशेष पैकेज दिए गए। मध्य रात तक शहर में पर्यटक मालरोड और होटलों में जमकर नाचते रहे। मध्यप्रदेश के भोपाल से आए अंबूज ने बताया कि मसूरी में मौसम खुशनुमा है। नए साल के जश्न मनाने परिवार के साथ मसूरी पहुंचे हैं। भोपाल की ही महिला पर्यटक श्वेता ने बताया कि मसूरी में दो दिन से रुके हैं। ठंड बहुत है लेकिन नए साल के जश्न में गीत-संगीत पर डांस-मस्ती करके आनंद आया। दिल्ली की शिवानी ने बताया कि मसूरी की प्राकृतिक खूबसूरती देखते ही बन रही है। वहीं, मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि इस बार 31 दिसंबर बुधवार को पड़ा। इसका सीधा असर मसूरी के पर्यटन पर पड़ा है। उम्मीद के मुताबिक पर्यटक नहीं पहुंचे। इस बार 50 फीसदी के करीब होटल पैक रहे हैं।