उत्तराखंड| अगर आप मकान मालिक हैं या किराए पर रहते हैं, तो यह न्यूज़ है आपके लिए
यहां तो सब उत्तराखंड वासी जानते हैं कि मकान मालिक और किरायेदारों में कितनी तू तू मैं मैं होती है लेकिन अब ऐसा कतई नहीं होगा क्योंकि सरकार इस मुश्किल के लिए भी अधिनियम लाई है। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में देश विदेश से कई छात्र पढ़ने आते हैं और उनमें से ज्यादातर छात्र हॉस्टल के बजाए किराए के कमरे में रहना पसंद करते हैं, इसीलिए यहां अधिनियम देहरादून वासियों को तो सीधे सीधे प्रभावित करेगा।
नागरिकों की कई वर्षों से मांग थी कि राज्य में एक किराएदारी अधिनियम लाया जाए और अब जाकर उत्तराखंड सरकार ने लोगों की बात मान ली है। इसके तहत अब मकानों के मालिक मनमाना तरीके से हर महीने किराया नहीं बढ़ा पाएंगे वही किराएदार अपने किराए की अवधि पूरा होने के बाद मकान खाली करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे। बता दें कि अब किराए के मामले सिविल कोर्ट मैं नहीं सुने जाएंगे अपितु किराया प्राधिकरण व न्यायालय में इनकी सुनवाई होगी।
अभी अधिसूचना तो जारी नहीं हुए लेकिन इसकी गारंटी है की अधिनियम लागू होने के बाद किरायेदारों और मकान मालिकों के बीच झगड़े होना कम जरूर हो जाएगा।