Oct 12, 2026 Login
Awaaz24x7-government

उत्तराखण्डः ‘बेस नहीं तो वोट नहीं’ के नारे से गूंजा चमोली! 50 से ज्यादा गांवों के ग्रामीण 200 किमी पैदल चलकर देहरादून कूच पर निकले! दी बड़ी चेतावनी

Uttarakhand: Chamoli echoes with the slogan "No Base, No Vote"! Villagers from over 50 villages have set out on a 200-km march to Dehradun—issuing a stern warning.

चमोली। जिले के सिमली बेस अस्पताल को पूर्ण बेस अस्पताल का दर्जा देने की मांग को लेकर क्षेत्रीय जनता ने आंदोलन तेज कर दिया है। लंबे समय से लंबित मांग पूरी नहीं होने से नाराज 50 से अधिक गांवों के ग्रामीणों ने अब देहरादून कूच शुरू कर दिया है। सिमली बेस अस्पताल संघर्ष समिति के नेतृत्व में 11 अक्टूबर को शुरू हुई इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हैं। आंदोलनकारियों ने ‘बेस नहीं तो वोट नहीं’ का नारा देते हुए चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर वे 2027 के विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि 12 साल पहले सिमली में बनाए गए महिला अस्पताल को पूरी तरह संचालित किया जाए और उसे पूर्ण बेस अस्पताल का दर्जा दिया जाए। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अस्पताल बनने के बावजूद यहां अपेक्षित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में मरीजों को उपचार के लिए दूसरे स्थानों का रुख करना पड़ता है। ग्रामीण लंबे समय से इस संबंध में मांग उठाते आ रहे हैं, लेकिन उनका आरोप है कि अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सिमली अस्पताल संघर्ष समिति के संयोजक देवेंद्र सिंह ने बताया कि आंदोलन में 50 से अधिक गांवों के लोग शामिल हैं। इनमें महिलाओं की संख्या अधिक है। ग्रामीण करीब 200 किलोमीटर की पदयात्रा कर देहरादून पहुंचेंगे और 20 अक्टूबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर अपनी मांग रखेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक अस्पताल को पूर्ण रूप से संचालित करने की मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पदयात्रा में शामिल ग्रामीण पारंपरिक वाद्ययंत्रों और मांगों से संबंधित बैनरों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। आंदोलनकारियों के अनुसार, वे प्रतिदिन करीब 30 से 40 किलोमीटर पैदल चल रहे हैं। तय कार्यक्रम के मुताबिक सोमवार शाम तक उनके रुद्रप्रयाग पहुंचने और मंगलवार को श्रीनगर में ठहरने की योजना है। इसके बाद यात्रा आगे बढ़ाई जाएगी। संघर्ष समिति का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 नवंबर 2024 को गैरसैंण से सिमली बेस अस्पताल को पूर्ण अस्पताल का दर्जा देने की घोषणा की थी। हालांकि, समिति के मुताबिक घोषणा के बाद भी शासनादेश जारी नहीं हुआ है। इसी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और उन्होंने अब राजधानी पहुंचकर सरकार के सामने अपनी मांग रखने का निर्णय लिया है। समिति ने देहरादून में रह रहे चमोली जिले के लोगों से भी 20 अक्टूबर को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास कूच में शामिल होने की अपील की है। आंदोलनकारियों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि स्थानीय लोगों को इलाज के लिए दूर न जाना पड़े।