Oct 12, 2026 Login
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बड़ी खबरः उत्तराखण्ड में खेल मैदानों को बचाने के लिए हाईकोर्ट का बड़ा आदेश! शहरी विकास सचिव तीन महीने में तैयार करेंगे प्रदेशभर के मैदानों, पार्कों और ओपन स्पेस की सूची

Big News: High Court issues major order to save sports grounds in Uttarakhand! Urban Development Secretary to prepare a list of grounds, parks, and open spaces across the state within three months.

नैनीताल। उत्तराखंड में खेल मैदानों, पार्कों और खुले स्थानों के संरक्षण को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट ने अहम निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने शहरी विकास विभाग के सचिव को तीन महीने के भीतर प्रदेशभर के सभी खेल मैदानों, पार्कों और ओपन स्पेस की सूची तैयार कर उन्हें अधिसूचित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, इन स्थानों का इस्तेमाल निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप सुनिश्चित करने को कहा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि रामनगर के एमपी इंटर कॉलेज के मैदान का उपयोग सूची जारी होने तक केवल खेल गतिविधियों के लिए ही किया जाएगा। बता दें कि रामनगर निवासी शादाब उल हक, जो राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट खिलाड़ी हैं, ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर प्रदेशभर के खेल मैदानों और खुले स्थानों को अतिक्रमण तथा व्यवसायिक इस्तेमाल से बचाने की मांग की थी। उनका कहना था कि इन स्थानों का संरक्षण जरूरी है, ताकि खिलाड़ियों को अभ्यास करने और अपनी प्रतिभा निखारने के लिए पर्याप्त अवसर मिल सकें। दरअसल, यह मामला वर्ष 1975 के उस अधिनियम से जुड़ा है, जिसका उद्देश्य खेल मैदानों, पार्कों और खुले स्थानों का संरक्षण करना है। रामनगर के एमपी इंटर कॉलेज के मैदान को पूर्व में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए दिए जाने का मुद्दा भी याचिका में उठाया गया था। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि जब तक प्रदेशभर के खेल मैदानों, पार्कों और खुले स्थानों की सूची प्रकाशित नहीं हो जाती, तब तक रामनगर के एमपी इंटर कॉलेज के मैदान का इस्तेमाल केवल खेल गतिविधियों के लिए किया जाएगा। हाईकोर्ट के इन निर्देशों का उद्देश्य प्रदेश में उपलब्ध खेल मैदानों और खुले स्थानों को अतिक्रमण तथा अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों से सुरक्षित रखते हुए खिलाड़ियों के लिए खेल सुविधाओं का संरक्षण सुनिश्चित करना है।